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जिसके अपहरण में निर्दोषों ने जेल काटी, वह पंजाब में टहलता मिला
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 14 Apr 2017 01:02 AM IST
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पंजाब में मिला युवक।
- फोटो : अमर उजाला
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छपार में दो साल पहले जिसके अपहरण के जुर्म में बरला गांव के दो युवकों को जेल की हवा खानी पड़ी और एक के घर की कुर्की हुई, वह युवक पंजाब में टहलता मिला। रहस्यमय ढंग से गायब हुआ युवक पंजाब में मुक्सर जनपद के फजिलका से मिला है। युवक के गायब होने के समय गांव के लोगों ने पुलिस के साथ कई दिनों तक जंगलों की खाक छानी थी। एक समय तो गांव में तनाव के हालात बन गए थे। अब परिजनों ने उसे पंजाब से लाकर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस युवक से पूछताछ कर रही है।
बरला निवासी उस्मान सऊदी में नौकरी करता है। उसका इकलौता बेटा दानिश 26 जुलाई 2015 की शाम अचानक घर से गायब हो गया था। परिजनों और पुलिस की काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल पाया। छपार पुलिस ने ग्रामीणों के साथ कई दिनों तक जंगलों की खाक छानी, यहां तक की गांव में सांप्रदायिक तनाव बन गया था।
किशोर के नहीं मिलने पर पुलिस ने गांव के ही तीन युवकों आमिर, जावेद, शोएब और मीरापुर के गांव संभलहेडा निवासी वसीम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दी थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो युवकों आमिर और जावेद को जेल भेज दिया था। बाद में दोनों जमानत पर बाहर आ गए थे। शोएब विदेश चला गया और वसीम के पकड़ में नहीं आने से पुलिस उसकी कुर्की कर चुकी है। वह तब से ही फरार चल रहा है।
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दानिश के दादा अब्बास ने बताया कि थाना चरथावल के गांव निरधना निवासी रिश्तेदार युवक पंजाब में कपड़ा बेचने का काम करते हैं। 11 अप्रैल को युवक पंजाब के जनपद मुक्सर के कस्बा फाजिलका में फेरी करने गए थे। वहां उन्हें दानिश नजर आया। युवकों ने दूर से ही उसका फोटो खींचकर व्हाटसएप पर बरला भेजा। परिजनों ने उसकी पहचान दानिश के रूप में कर दी। अगले दिन परिजन पंजाब पहुंचे, परिजनों को देख दानिश भागने लगा तो पीछा कर उसे पकड़ लिया।
परिजनों ने दानिश को छपार पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस दानिश से पूछताछ करने में जुटी है। किशोर ने बताया कि घटना के वक्त उसे किसी व्यक्ति ने कुछ सुंघा दिया था, जिसके चलते वह बेहोश हो गया था। बाद में वह कैेसे पंजाब पहुंचा, उसे नहीं पता। पुलिस मामले की तह तक जाने का प्रयास कर रही है।
क्यों नहीं आना चाहता था घर
दो वर्ष से घर से गायब चल रहा दानिश अभी भी घर नहीं आना चाह रहा था। परिजनों को देख वह भागने लगा था। घेराबंदी कर उसे पकड़ा गया। अब सवाल ये है कि वह क्यों दो साल पूर्व पंजाब गया था। खुद गया था या फिर किसी ने उसे वहां ले जाकर छोड़ा था। दो साल बाद भी वह परिजनों को मिलकर उनके साथ आने के बजाए मौके से भागने लगा।
जिनके युवकों के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज हुई थी, उनमें से दो पुलिस ने जेल भेजे थे। बाद में दोनों जमानत पर बाहर आए थे। समाज में युवकों के सम्मान से जो खिलवाड़ हुआ, उसका क्या होगा। पुलिस और किशोर के परिजन कैसे उनका खोया सम्मान वापस दिलाएंगे। जांच में पुलिस द्वारा बरती गई लापरवाही के कारण युवकों को जेल जाना पड़ा था और एक युवक के घर की कुर्की हुई थी। किशोर से पूछताछ के बाद ही मामले का सच सामने आएगा
जांच के बाद की जाएगी कार्रवाई
छपार। सीओ योगेंद्र सिंह का कहना है कि मामला पुराना है, बारीकी से मामले की जांच करने के बाद सच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किशोर से बात की जा रही है। जल्दी ही सच सामने आ जाएगा।
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बरला निवासी उस्मान सऊदी में नौकरी करता है। उसका इकलौता बेटा दानिश 26 जुलाई 2015 की शाम अचानक घर से गायब हो गया था। परिजनों और पुलिस की काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल पाया। छपार पुलिस ने ग्रामीणों के साथ कई दिनों तक जंगलों की खाक छानी, यहां तक की गांव में सांप्रदायिक तनाव बन गया था।
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किशोर के नहीं मिलने पर पुलिस ने गांव के ही तीन युवकों आमिर, जावेद, शोएब और मीरापुर के गांव संभलहेडा निवासी वसीम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दी थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो युवकों आमिर और जावेद को जेल भेज दिया था। बाद में दोनों जमानत पर बाहर आ गए थे। शोएब विदेश चला गया और वसीम के पकड़ में नहीं आने से पुलिस उसकी कुर्की कर चुकी है। वह तब से ही फरार चल रहा है।
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दानिश के दादा अब्बास ने बताया कि थाना चरथावल के गांव निरधना निवासी रिश्तेदार युवक पंजाब में कपड़ा बेचने का काम करते हैं। 11 अप्रैल को युवक पंजाब के जनपद मुक्सर के कस्बा फाजिलका में फेरी करने गए थे। वहां उन्हें दानिश नजर आया। युवकों ने दूर से ही उसका फोटो खींचकर व्हाटसएप पर बरला भेजा। परिजनों ने उसकी पहचान दानिश के रूप में कर दी। अगले दिन परिजन पंजाब पहुंचे, परिजनों को देख दानिश भागने लगा तो पीछा कर उसे पकड़ लिया।
परिजनों ने दानिश को छपार पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस दानिश से पूछताछ करने में जुटी है। किशोर ने बताया कि घटना के वक्त उसे किसी व्यक्ति ने कुछ सुंघा दिया था, जिसके चलते वह बेहोश हो गया था। बाद में वह कैेसे पंजाब पहुंचा, उसे नहीं पता। पुलिस मामले की तह तक जाने का प्रयास कर रही है।
क्यों नहीं आना चाहता था घर
दो वर्ष से घर से गायब चल रहा दानिश अभी भी घर नहीं आना चाह रहा था। परिजनों को देख वह भागने लगा था। घेराबंदी कर उसे पकड़ा गया। अब सवाल ये है कि वह क्यों दो साल पूर्व पंजाब गया था। खुद गया था या फिर किसी ने उसे वहां ले जाकर छोड़ा था। दो साल बाद भी वह परिजनों को मिलकर उनके साथ आने के बजाए मौके से भागने लगा।
जिनके युवकों के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज हुई थी, उनमें से दो पुलिस ने जेल भेजे थे। बाद में दोनों जमानत पर बाहर आए थे। समाज में युवकों के सम्मान से जो खिलवाड़ हुआ, उसका क्या होगा। पुलिस और किशोर के परिजन कैसे उनका खोया सम्मान वापस दिलाएंगे। जांच में पुलिस द्वारा बरती गई लापरवाही के कारण युवकों को जेल जाना पड़ा था और एक युवक के घर की कुर्की हुई थी। किशोर से पूछताछ के बाद ही मामले का सच सामने आएगा
जांच के बाद की जाएगी कार्रवाई
छपार। सीओ योगेंद्र सिंह का कहना है कि मामला पुराना है, बारीकी से मामले की जांच करने के बाद सच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किशोर से बात की जा रही है। जल्दी ही सच सामने आ जाएगा।