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युवती के अपहरण और हत्या के मामले में पांच को आजीवन कारावास

Wed, 25 Apr 2018 12:04 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर Updated Wed, 25 Apr 2018 12:04 AM IST
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Five life imprisonment for kidnapping and murder
court
बुढ़ाना के कुरथल गांव में चार साल पहले हुए अनीता हत्याकांड में अदालत ने पांच दोषियों को उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। जून 2014 को खेत से लौटती युवती की अपहरण के बाद गलाघोंट कर हत्या कर दी गई थी। 
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बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के गांव कुरथल निवासी जयपाल सिंह ने चार जून 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि  उसकी पुत्री अनीता उर्फ कल्लो खेत से लौटते समय गायब हो गई थी, जिसको काफी तलाश किया गया, मगर वह नहीं मिली। सात जून को उसकी पुत्री की लाश ओमपाल के खेत में मिली।
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उसकी दुपट्टे से गलाघोंट कर हत्या की गई थी। इस मुकदमे में गांव के ही अरविंद पुत्र विजयपाल, प्रमोद पुत्र रामअवतार, मोनू पुत्र सुखपाल, शैंकी उर्फ हर्षवर्धन पुत्र बिजेंद्र और  प्रवीण पुत्र रंजीत को आरोपी बनाया गया था। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश भारद्वाज की अदालत संख्या- 15 में हुई।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता योगेश कुमार शर्मा और वादी पक्ष के अधिवक्ता ठाकुर दुष्यंत सिंह ने कोर्ट में सबूत और छह गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनो पक्षों को सुनते हुए उक्त सभी पांचों लोगों को युवती की अपहरण कर हत्या करने का दोषी करार देते हुए धारा 364 के तहत दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने 2500 रुपये जुर्माना, धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माना, धारा 201 के तहत तीन वर्ष का कारावास और एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। 

विनोद मर्डर केस में तीन को उम्रकैद
मुजफ्फरनगर। बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर बुढ़ाना के कुरथल गांव में हुई विनोद की हत्या के मामले में अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाया। तीन दोषियों को आजीवन कारावास के साथ जुर्माना की सजा सुनाई है, जबकि दो लोगों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। 

गांव कुरथल निवासी सतपाल सिंह ने एक जून 2014 को बुढ़ाना कोतवाली पर मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसका पुत्र विनोद उर्फ मुखिया (25) गायब हो गया, जिसकी लाश छह जून को उसके चाचा जयपाल सिंह के नलकूप के कुएं से बरामद हुई।  

इस मुकदमे में अरविंद पुत्र विजयपाल, प्रमोद पुत्र रामअवतार, मोनू पुत्र सुखपाल, शैंकी उर्फ हर्षवर्धन पुत्र बिजेंद्र तथा प्रवीण पुत्र रंजीत को आरोपी बनाया गया था। हत्या का कारण आरोपी द्वारा उसकी चचेरी बहन अनीता के  साथ छेड़छाड़ का विरोध करना बताया था।

इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे राजेश भारद्वाज की कोर्ट संख्या- 15 में हुई। एडीजीसी योगेश कुमार शर्मा ने कोर्ट में छह गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त प्रमोद, शैंकी और प्रवीण को हत्या कर लाश छुपाने का दोषी करार देते हुए धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया। धारा 201 के तहत तीन वर्ष का कारावास और एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सह अभियुक्त अरविंद और मोनू को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। 

कुरथल में भाई-बहन का किया था मर्डर 
मुजफ्फरनगर। छेड़छाड़ को लेकर उपजी आपराधिक मानसिकता की वजह से बुढ़ाना के कुरथल गांव में दोषियों ने दो हत्याएं कर दी थी। क्रूरता की हद यह थी कि चार दिन के अंतराल पर पहले तहेरे भाई विनोद की हत्या की गई, फिर चचेरी बहन अनीता का अपहरण कर गलाघोंट दिया गया। हत्यारे तभी से जेल की सलाखों के पीछे हैं। 

बुढ़ाना कोतवाली के गांव कुरथल का यह मामला जुर्म की इंतहा का उदाहरण है। छेड़छाड़ के मामले में परिवार के भाई और बहन को बेरहमी से मार दिया गया। 28 मई 2014 को जयपाल सिंह की बेटी अनीता खेत से लौट रही थी। रास्ते में गांव के ही युवकों ने उससे अभद्रता की। तहेरे भाई विनोद ने जब बहन के साथ हुई घटना का विरोध किया तो युवकों ने जान से मारने की धमकी दी।

एक जून को विनोद की हत्या कर उसके शव को चाचा के नलकूप में ही डाल दिया। अपराधियों का बेखौफ रुख इतने पर भी शांत नहीं हुआ। चार दिन बाद 4 जून को उन्होंने अनीता का अपहरण कर लिया। तीन दिन बाद 7 जून को गांव के जंगल में उसकी क्षत विक्षत लाश मिली।


पुलिस की जांच में अनीता की गलाघोंट कर हत्या करना पाया गया। कोर्ट से हत्यारों को उम्र कैद की सजा सुनाए जाने के बाद विनोद के पिता सतपाल सिंह और अनीता के पिता जयपाल सिंह ने कहा कि दोषियों को इस जुर्म में फांसी दी जानी चाहिए थी। फांसी की सजा के लिए वे हाईकोर्ट में अपील करेंगे। 
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