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छह नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 26 Jun 2016 12:46 AM IST
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एसएसपी से मिलने पहुंचे मुस्लिम समुदाय के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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शहर कोतवाली की खालापार पुलिस चौकी पर बीती रात पथराव के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए थे। दूसरे समुदाय की भीड़ चौकी इंचार्ज को हटाने की जिद करने लगी। मामला बढ़ता देख खुद एसएसपी दीपक कुमार ने मोर्चा संभाला।
उन्होंने माइक पर एक घंटा कानूनी तकरीर दी। कहा, इस्लाम धर्म शांति के लिए बना है। रमजान प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है, ऐसे में कोई भी गलत कार्य मानवता के खिलाफ है। किसी को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं है। मामले में सख्त कार्रवाई होगी।
शहर में शुक्रवार रात हालात तनावपूर्ण बन गए थे। मामूली कहासुनी पर दरोगा की फटकार के बाद कुछ लोगों ने एक धार्मिक स्थल पर लगे माइक से एकत्र होने का ऐलान कर दिया। कुछ ही देर में सैकड़ों की भीड़ खालापार चौकी पर पहुंच गई। भीड़ में से कुछ शरारती तत्वों ने चौकी पर पथराव कर दिया। वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने किसी तरह छिपकर जान बचाई।
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भीड़ का आरोप था कि चौकी इंचार्ज आदेश त्यागी ने संप्रदाय विशेष पर धार्मिक टिप्पणी की है। सूचना पर कोतवाली चमन सिंह चावड़ा और सीओ सिटी डॉ. तेजवीर सिंह मौके पर पहुंचे। भीड़ ने चौकी इंचार्ज को तत्काल हटाने की मांग कर डाली। मामला बढ़ते देख एसएसपी दीपक कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। एसएसपी ने भीड़ को हटने के लिए कहा,
लेकिन वह जाने को तैयार नहीं थे। बाद में एसएसपी ने माइक अपने हाथ में लिया और एक घंटे कानूनी तकरीर की। उन्होंने कहा, इस्लाम धर्म शांति के लिए बना है। रमजान प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है, ऐसे में कोई भी गलत कार्य करना मानवता के खिलाफ है। एसएसपी ने कहा कि कानून अपना काम करेगा, जिसने भी शहर की फिजा बिगाड़ने की कोशिश की है,
उसे किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जाएगा। एसएसपी ने यह भी साफ कर दिया कि चौकी इंचार्ज आदेश त्यागी कहीं नहीं जाएगा, उसे खालापार चौकी पर ही रखा जाएगा। बाद में कुछ लोग चौकी इंचार्ज की तारीफ करने लगे। उनका कहना था कि दरोगा ने अवैध धंधे बंद करा दिए हैं, जिससे कुछ लोग बौखलाए हुए हैं। कप्तान का सख्त रुख देख भीड़ छंटने लगी।
एक-एक कर सभी अपने घरों को लौट गए। बाद में कप्तान के निर्देश पर चौकी इंचार्ज आदेश त्यागी की ओर से खालापार निवासी आकिल गिलानी, शाहिद मेंबर, इमरान, आबाद, इकराम और महराज के खिलाफ बलवा, पथराव और धार्मिक भावनाएं भड़काने आदि गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के घरों पर ताबड़तोड़ दबिशें दी, लेकिन कोई हाथ नहीं लगा।
कप्तान के आवास पर पहुंचे मुस्लिम
खालापार में देर रात पुलिस चौकी पर हमले के मामले में एसएसपी दीपक कुमार ने शनिवार दोपहर मुस्लिम समाज के जिम्मेदार लोगों के साथ अपने कैंप कार्यालय पर बैठक की। कप्तान ने मस्जिद के माइक से अफवाह फैलाने को गंभीर मामला बताया। एसएसपी ने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल से इस तरह की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
उन्होंने समाज के जिम्मेदार लोगों से ऐसी हरकतों पर नजर रखने के लिए भी कहा। मुफ्ति जुल्फिकार ने कहा कि किसी एक व्यक्ति की गलती का खामियाजा पूरे समाज को भुगतना पड़ता है। पुलिस कानून सम्मत कार्रवाई करे। अब्दुल्ला राना ने कहा कि वह किसी भी गलत व्यक्ति का समर्थन नहीं करेंगे। समाजसेवी गौहर सिद्दकी ने भी पुलिस को हरसंभव सहयोग देने की बात कही।
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उन्होंने माइक पर एक घंटा कानूनी तकरीर दी। कहा, इस्लाम धर्म शांति के लिए बना है। रमजान प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है, ऐसे में कोई भी गलत कार्य मानवता के खिलाफ है। किसी को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं है। मामले में सख्त कार्रवाई होगी।
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शहर में शुक्रवार रात हालात तनावपूर्ण बन गए थे। मामूली कहासुनी पर दरोगा की फटकार के बाद कुछ लोगों ने एक धार्मिक स्थल पर लगे माइक से एकत्र होने का ऐलान कर दिया। कुछ ही देर में सैकड़ों की भीड़ खालापार चौकी पर पहुंच गई। भीड़ में से कुछ शरारती तत्वों ने चौकी पर पथराव कर दिया। वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने किसी तरह छिपकर जान बचाई।
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भीड़ का आरोप था कि चौकी इंचार्ज आदेश त्यागी ने संप्रदाय विशेष पर धार्मिक टिप्पणी की है। सूचना पर कोतवाली चमन सिंह चावड़ा और सीओ सिटी डॉ. तेजवीर सिंह मौके पर पहुंचे। भीड़ ने चौकी इंचार्ज को तत्काल हटाने की मांग कर डाली। मामला बढ़ते देख एसएसपी दीपक कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। एसएसपी ने भीड़ को हटने के लिए कहा,
लेकिन वह जाने को तैयार नहीं थे। बाद में एसएसपी ने माइक अपने हाथ में लिया और एक घंटे कानूनी तकरीर की। उन्होंने कहा, इस्लाम धर्म शांति के लिए बना है। रमजान प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है, ऐसे में कोई भी गलत कार्य करना मानवता के खिलाफ है। एसएसपी ने कहा कि कानून अपना काम करेगा, जिसने भी शहर की फिजा बिगाड़ने की कोशिश की है,
उसे किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जाएगा। एसएसपी ने यह भी साफ कर दिया कि चौकी इंचार्ज आदेश त्यागी कहीं नहीं जाएगा, उसे खालापार चौकी पर ही रखा जाएगा। बाद में कुछ लोग चौकी इंचार्ज की तारीफ करने लगे। उनका कहना था कि दरोगा ने अवैध धंधे बंद करा दिए हैं, जिससे कुछ लोग बौखलाए हुए हैं। कप्तान का सख्त रुख देख भीड़ छंटने लगी।
एक-एक कर सभी अपने घरों को लौट गए। बाद में कप्तान के निर्देश पर चौकी इंचार्ज आदेश त्यागी की ओर से खालापार निवासी आकिल गिलानी, शाहिद मेंबर, इमरान, आबाद, इकराम और महराज के खिलाफ बलवा, पथराव और धार्मिक भावनाएं भड़काने आदि गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के घरों पर ताबड़तोड़ दबिशें दी, लेकिन कोई हाथ नहीं लगा।
कप्तान के आवास पर पहुंचे मुस्लिम
खालापार में देर रात पुलिस चौकी पर हमले के मामले में एसएसपी दीपक कुमार ने शनिवार दोपहर मुस्लिम समाज के जिम्मेदार लोगों के साथ अपने कैंप कार्यालय पर बैठक की। कप्तान ने मस्जिद के माइक से अफवाह फैलाने को गंभीर मामला बताया। एसएसपी ने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल से इस तरह की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
उन्होंने समाज के जिम्मेदार लोगों से ऐसी हरकतों पर नजर रखने के लिए भी कहा। मुफ्ति जुल्फिकार ने कहा कि किसी एक व्यक्ति की गलती का खामियाजा पूरे समाज को भुगतना पड़ता है। पुलिस कानून सम्मत कार्रवाई करे। अब्दुल्ला राना ने कहा कि वह किसी भी गलत व्यक्ति का समर्थन नहीं करेंगे। समाजसेवी गौहर सिद्दकी ने भी पुलिस को हरसंभव सहयोग देने की बात कही।