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बागोवाली के साजिद हत्याकांड में पिता- पुत्र को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 28 Jul 2017 12:25 AM IST
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अदालत (एफटीसी 4) ने बागोवाली गांव के साजिद हत्याकांड में पिता-पुत्र को आजीवन कारावास और जुर्माना की सजा सुनाई है। पांच साल पहले मामूली विवाद में युवक साजिद का कत्ल कर दिया गया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव बागोवाली निवासी साबिर पुत्र फकरूदीन ने 12 अप्रैल 2012 को कोतवाली पर अपने बेटे की हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। वादी ने बताया था कि गांव के मदरसे में सालाना जलसा का आयोजन चल रहा था ।
इस दौरान उसके बेटे साजिद का गांव के ही शमीम से मामूली विवाद हो गया था। इस विवाद का बदला लेने के लिए शमीम अपने पिता अमीर हसन के साथ रात में वादी के घर आया और शमीम व उसके पिता अमीर हसन ने साजिद पर हमला कर दिया। साजिद की आंख में गोली मार कर उसकी हत्या कर दी। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या 4 में हुई ।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आमोद बालियान ने मुकदमा सिद्ध करने के लिए कोर्ट में 10 गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त शमीम व उसके पिता अमीर हसन को साजिद की हत्या का दोषी करार देते हुए दोनों आजीवन कारावास के साथ 10-10 हजार रूपया का जुर्माना की सजा सुनाई है। शमीम को आयुध अधिनियम के तहत तीन वर्ष का कारावास की भी सजा सुनाई है। शमीम बीते पांच साल से जेल में बंद है, जबकि अमीर हसन जमानत पर बाहर आ गया था।
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आईटीबीपी का जवान रेप में दोषी करार
अदालत ने आईटीबीपी के जवान को युवती के साथ बलात्कार करने के जुर्म में दोषी करार देते हुए जेल भेजा है । सजा शुक्रवार को सुनाई जाएगी। अभियोजन पक्ष के अनुसार जिला शामली के गांव निवासी पीड़िता ने अदालत के आदेश पर कोतवाली शामली में मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़िता ने बताया था कि बागपत के छपरौली थाना क्षेत्र के गांव तुगाना निवासी सचिन पुत्र देशपाल का परिचय एक मिस्ड काल के द्वारा हुआ था। जिसमें सचिन ने अपने आप को आईटीबीपी का जवान व कुंवारा बताया था ।
5 जनवरी 2013 को सचिन ने पीड़िता को मेरठ के एक होटल में शादी की बात करने के लिए बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया और शादी करने से भी मुकर गया, क्योंकि वह पहले से ही शादी शुदा था। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश भारद्वाज की अदालत संख्या 15 में हुई ।सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कय्यूम अली ने कोर्ट में नौ गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने अभियुक्त आईटीबीपी के जवान सचिन को बलात्कार करने का दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया है। सजा शुक्रवार 28 जुलाई को सुनाई जाएगी।
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इस दौरान उसके बेटे साजिद का गांव के ही शमीम से मामूली विवाद हो गया था। इस विवाद का बदला लेने के लिए शमीम अपने पिता अमीर हसन के साथ रात में वादी के घर आया और शमीम व उसके पिता अमीर हसन ने साजिद पर हमला कर दिया। साजिद की आंख में गोली मार कर उसकी हत्या कर दी। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या 4 में हुई ।
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अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आमोद बालियान ने मुकदमा सिद्ध करने के लिए कोर्ट में 10 गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त शमीम व उसके पिता अमीर हसन को साजिद की हत्या का दोषी करार देते हुए दोनों आजीवन कारावास के साथ 10-10 हजार रूपया का जुर्माना की सजा सुनाई है। शमीम को आयुध अधिनियम के तहत तीन वर्ष का कारावास की भी सजा सुनाई है। शमीम बीते पांच साल से जेल में बंद है, जबकि अमीर हसन जमानत पर बाहर आ गया था।
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आईटीबीपी का जवान रेप में दोषी करार
अदालत ने आईटीबीपी के जवान को युवती के साथ बलात्कार करने के जुर्म में दोषी करार देते हुए जेल भेजा है । सजा शुक्रवार को सुनाई जाएगी। अभियोजन पक्ष के अनुसार जिला शामली के गांव निवासी पीड़िता ने अदालत के आदेश पर कोतवाली शामली में मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़िता ने बताया था कि बागपत के छपरौली थाना क्षेत्र के गांव तुगाना निवासी सचिन पुत्र देशपाल का परिचय एक मिस्ड काल के द्वारा हुआ था। जिसमें सचिन ने अपने आप को आईटीबीपी का जवान व कुंवारा बताया था ।
5 जनवरी 2013 को सचिन ने पीड़िता को मेरठ के एक होटल में शादी की बात करने के लिए बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया और शादी करने से भी मुकर गया, क्योंकि वह पहले से ही शादी शुदा था। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश भारद्वाज की अदालत संख्या 15 में हुई ।सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कय्यूम अली ने कोर्ट में नौ गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने अभियुक्त आईटीबीपी के जवान सचिन को बलात्कार करने का दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया है। सजा शुक्रवार 28 जुलाई को सुनाई जाएगी।