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महिला समेत तीन को आजीवन कारावास
अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 21 Aug 2016 12:33 AM IST
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कोर्ट का फैसला
- फोटो : अमर उजाला
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मुजफ्फरनगर। मेरठ के कसबा बहसूमा के चर्चित डॉ दिनेश शर्मा हत्याकांड में मुजफ्फरनगर के एडीजे-प्रथम की कोर्ट ने शनिवार को एक महिला समेत तीन लोगों को उम्रकैद और 35-35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह मामला हाईकोर्ट के निर्देश पर मुजफ्फरनगर कोर्ट में ट्रांसफर हुआ था। वारदात तीन साल पहले बहसूमा में हुई थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मेरठ के कसबा बहसूमा निवासी डॉ दिनेश शर्मा की तीन साल पहले छह अगस्त 2013 को हत्या कर दी गई थी। डॉक्टर से पांच लाख की रंगदारी की मांग की गई थी, न देने पर हत्या कर दी गई थी। वारदात एक घंटा बाद ही किला परीक्षितगढ़ पुलिस ने एक हमलावर अरुण पुत्र रामपाल निवासी मोहम्मदपुर शकिस्त मेरठ को उसकी महिला साथी अनुराधा उर्फ अनु चौधरी के साथ कार समेत गिरफ्तार कर लिया था। बाद में पुलिस ने अरुण के भाई अजय को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मृतक चिकित्सक के पिता की ओर से बहसूमा थाने पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
बाद में पुलिस ने जांच के दौरान प्रकाश में आए तीन अज्ञात हमलावरों अंजेश, तेजवीर, नरेंद्र निवासी जॉनी मेरठ के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की थी। हाईकोर्ट के आदेश पर यह मुकदमा यहां एडीजे-प्रथम दिनेशचंद सिंह की कोर्ट में सुना गया। कोर्ट में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र कुमार त्यागी ने नौ गवाह और सुबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए गत 12 अगस्त को चिकित्सक की हत्या में अरुण उसके भाई अजय और महिला साथी अनुराधा को दोषी करार दिया था, जबकि कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में अंजेश, तेजवीर और नरेंद्र को बरी कर दिया था।
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शनिवार को कोर्ट ने सजा पर अपना निर्णय सुनाया। कोर्ट ने हत्या और हत्या के प्रयास में अरुण, अजय और अनुराधा को आजीवन कारावास और 35-35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। हत्या के बाद से अजय और अरुण मेरठ जेल में बंद है। शनिवार को मेरठ पुलिस उन्हें यहां लेकर आई और सजा होने के बाद कड़ी सुरक्षा में वापस मेरठ जेल लेकर चली गई।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार मेरठ के कसबा बहसूमा निवासी डॉ दिनेश शर्मा की तीन साल पहले छह अगस्त 2013 को हत्या कर दी गई थी। डॉक्टर से पांच लाख की रंगदारी की मांग की गई थी, न देने पर हत्या कर दी गई थी। वारदात एक घंटा बाद ही किला परीक्षितगढ़ पुलिस ने एक हमलावर अरुण पुत्र रामपाल निवासी मोहम्मदपुर शकिस्त मेरठ को उसकी महिला साथी अनुराधा उर्फ अनु चौधरी के साथ कार समेत गिरफ्तार कर लिया था। बाद में पुलिस ने अरुण के भाई अजय को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मृतक चिकित्सक के पिता की ओर से बहसूमा थाने पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
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बाद में पुलिस ने जांच के दौरान प्रकाश में आए तीन अज्ञात हमलावरों अंजेश, तेजवीर, नरेंद्र निवासी जॉनी मेरठ के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की थी। हाईकोर्ट के आदेश पर यह मुकदमा यहां एडीजे-प्रथम दिनेशचंद सिंह की कोर्ट में सुना गया। कोर्ट में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र कुमार त्यागी ने नौ गवाह और सुबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए गत 12 अगस्त को चिकित्सक की हत्या में अरुण उसके भाई अजय और महिला साथी अनुराधा को दोषी करार दिया था, जबकि कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में अंजेश, तेजवीर और नरेंद्र को बरी कर दिया था।
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शनिवार को कोर्ट ने सजा पर अपना निर्णय सुनाया। कोर्ट ने हत्या और हत्या के प्रयास में अरुण, अजय और अनुराधा को आजीवन कारावास और 35-35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। हत्या के बाद से अजय और अरुण मेरठ जेल में बंद है। शनिवार को मेरठ पुलिस उन्हें यहां लेकर आई और सजा होने के बाद कड़ी सुरक्षा में वापस मेरठ जेल लेकर चली गई।