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पुलिस सुन लेती तो आज बेटी जिंदा होती  

Sat, 11 Mar 2017 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Sat, 11 Mar 2017 12:56 AM IST
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Daughter was alive
पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष से वार्ता करते महिमा के परिजन। - फोटो : अमर उजाला
महिमा विश्वकर्मा की मां संजू देवी ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष रामआसरे विश्वकर्मा के समक्ष अपनी पीड़ा बयां की। उसने दबंगों की पुलिस से सांठगांठ और परिवार को लगातार मिल रही धमकियों के बारे में बताया। साथ ही कहा कि यदि पुलिस उनकी सुन लेती तो आज उसकी बेटी जिंदा होती।       
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पचेंडा रोड स्थित अंकित विहार में शुक्रवार को आयोग अध्यक्ष ने डेढ़ घंटे तक महिमा की मां संजू देवी, पिता देवप्रकाश, भाई अक्षय और दादा रामस्वरूप से घटना का ब्योरा लिया। मृतका की मां ने कहा कि गरीब होने की वजह से कोतवाल से लेकर एसएसपी तक ने उनकी नहीं सुनी। पुलिस दबंगों के साथ खड़ी रही। मंडी कोतवाल ने तहरीर वापस लेने के लिए घर पर आकर हमें ही धमकाया। कहा कि आज समाज साथ है, कल कोई दिखाई नहीं देगा।
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महिमा की जान जाने के बाद रिपोर्ट लिखी गई। लखनऊ क्राइम ब्रांच के जिन लोगों ने पति और बेटे की बेरहमी से पिटाई की और अश्लील वीडियो दिखाकर मां-बेटी का ऐसा हश्र करने की धमकी दी, उन्हें बर्खास्त किया जाए। उनके परिवार और रिश्तेदारों पर समझौते का दबाव डाला जा रहा है। आयोग अध्यक्ष से सवाल किया कि पति देवप्रकाश को बिना डॉक्टरी कराए पुलिस ने बदहवास हालात में घर छोड़ दिया। संजू देवी ने पांच मुख्य बिंदुओं की जांच के लिए आयोग के अध्यक्ष को पत्र सौंपा। इस मौके पर भाजपा नेता संजय धीमान, नरेश विश्वकर्मा, उमेश धीमान, नीरज नीर, अरुण धीमान, प्रदीप, सुरेंद्र, जगदीश, रामरतन, शेरपाल पांचाल, देशपाल पांचाल, बाबूराम पांचाल, मोहन प्रजापति आदि मौजूद रहे। 
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युधिष्ठिर पहलवान की जमानत अर्जी खारिज      
मुजफ्फरनगर। महिमा आत्महत्या प्रकरण में जेल में बंद मुख्य आरोपी युधिष्ठिर पहलवान की जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी है। एसीजेएम अरुण कुमार के न्यायालय में युधिष्ठिर के वकील की ओर से जमानत अर्जी दाखिल की गई थी। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी है।  

पिछड़ा वर्ग आयोग ने जाना पीड़ितों का हाल 
मुजफ्फरनगर। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष रामआसरे विश्वकर्मा ने कहा कि महिमा आत्महत्या प्रकरण में पुलिस न तो पीड़ित परिवार को सुरक्षा दे पाई है और न ही बाकि आरोपियों की गिरफ्तारी कर रही है। घटना में पुलिस की संदिग्ध भूमिका की जांच होगी। लखनऊ में पिता-पुत्र को बंधक बनाने के मामले में वहां की क्राइम ब्रांच की संलिप्तता को भी जांच के दायरे में रखा जाएगा।      
 
महिमा विश्वकर्मा के पीड़ित परिवार से घटना की जानकारी लेने आयोग के अध्यक्ष रामआसरे विश्वकर्मा शुक्रवार को लखनऊ से अंकित विहार पहुंचे। पीड़ित परिवार से मिलने के बाद पत्रकारों से वार्ता में रामआसरे ने कहा कि ब्लू रिवोल्यूशन कंपनी में सुपरवाइजर देवप्रकाश से लखनऊ में सात फरवरी को लूट हुई थी। मामला वहीं दर्ज होना चाहिए था, कैसे आरोपियों ने पिता-पुत्र को बंधक बना लिया और मां-बेटी को लूटी रकम वसूलने के लिए बेइज्जत किया गया। संजू देवी ने 14 फरवरी को एसएसपी को जो प्रार्थना पत्र दिया था, उस पर पुलिस ने कार्रवाई क्यों नहीं की। मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध है।

यदि मां-बेटी की गुहार पुलिस सुनती तो बीकॉम की छात्रा को आत्महत्या से बचाया जा सकता था। क्राइम ब्रांच लखनऊ द्वारा आरोपियों के इशारे पर महिमा के पिता और भाई को प्रताड़ित किए जाने की जांच भी कराई जाएगी। नईमंडी कोतवाल से लेकर एसएसपी तक को जांच के दायरे में रखा जाएगा। आयोग की जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके लिए शासन को कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।

विश्वकर्मा ने कहा कि पुलिस पीड़ितों की सुरक्षा के लिए गंभीर नहीं है और न ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी कर रही है। इस प्रकरण में प्रमुख सचिव और डीजीपी से लखनऊ में वार्ता की जाएगी। इस दौरान पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य राजवीर सिंह विश्वकर्मा, अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के जिलाध्यक्ष दिनेश विश्वकर्मा, सुरेंद्र इंजीनियर सहारनपुर, मेरठ से संजय धीमान, बिजनौर से आशुतोष विश्वकर्मा, सुरेश धीमान, महेशोराम आदि मौजूद रहे।       

कप्तान से कहा, यहां आपको क्या हो गया
मुजफ्फरनगर। महिमा आत्महत्या मामले में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष रामआसरे विश्वकर्मा ने एसएसपी बबलू कुमार से पुलिस की चूक पर नाराजगी व्यक्त की। अध्यक्ष ने फोन पर कप्तान से कहा कि यदि आप 14 फरवरी को ही मृतका और उसकी मां की सुन लेते तो यह दुखद घटना नहीं होती।


रामआसरे ने कहा कि कई जिलों में आपने सही कार्रवाई की, मुजफ्फरनगर आकर क्या हो गया? पुलिस कार्यप्रणाली को देखकर लगता है कि यह परिवार आज भी भयभीत है। आयोग के अध्यक्ष का रुख देखकर एसएसपी ने तत्काल एसपी क्राइम आदित्य वर्मा को अंकित विहार भेजा। क्राइम ब्रांच की टीम भी मौके पर पहुंच गई। अध्यक्ष को पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी गई।            
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