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पुलिस ढूंढती रह गई और बुर्का पहनकर कोर्ट में पहुंच गया हत्यारोपी
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 13 Sep 2017 12:36 AM IST
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बुर्का पहनकर कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा हत्यारोपी।
- फोटो : अमर उजाला
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एक हफ्ते के भीतर सीकरी के पूर्व प्रधान मोहम्मद अम्मार और लुत्फुर्रहमान की हत्याओं को अंजाम देने के आरोपी दिलशाद ने पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस उसकी घेराबंदी में लगी रही, जबकि वह बुर्का पहनकर कोर्ट में पेश हो गया। उसके सरेंडर करने के बाद पुलिस को जानकारी हुई कि वह कोर्ट में दाखिल हो चुका है। पुलिस ने अब उसे रिमांड पर लेने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
भोपा के गांव सीकरी में पूर्व प्रधान मोहम्मद अम्मार और पूर्व प्रधान जमशेद पक्ष के बीच जिला पंचायत चुनाव को लेकर बीते कई वर्षों से खूनी रंजिश चली आ रही है। रंजिश के चलते 16 अक्तूबर 2015 को तस्लीम की हत्या हुई थी। इस हत्या में नामजद जमशेद प्रधान, उसके भाई गुलसनव्वर और नौशाद जेल में बंद हैं। तस्लीम हत्याकांड की पैरवी पूर्व प्रधान मोहम्मद अम्मार कर रहा था। इसी कारण 22 अगस्त को शहर के आर्यपुरी में मोहम्मद अम्मार की हत्या कर दी गई।
अम्मार हत्याकांड में जमशेद प्रधान के भाई दिलशाद पुत्र इशरत को भी नामजद किया गया था। इस घटना के एक सप्ताह बाद ही अम्मार प्रधान पक्ष के ग्रामीण लुत्फुर्रहमान की 31 अगस्त को सीकरी गांव में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड में भी दिलशाद को नामजद कराया गया था। शहर कोतवाली और भोपा पुलिस तभी से दिलशाद की तलाश में जुटी थी। मंगलवार को उसके कोर्ट में पेश होने की जानकारी पुलिस को लगी।
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पुलिस ने नाकेबंदी कर रखी थी, मगर हत्यारोपी दिलशाद ने पुलिस को चकमा देते हुए बुर्का पहनकर एक महिला अधिवक्ता के साथ कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस को उसके सरेंडर करने के बाद पता चला कि वह बुर्का पहनकर कोर्ट में पेश हो चुका है। कोर्ट ने दिलशाद को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। शहर कोतवाली इंस्पेक्टर संजीव शर्मा ने बताया कि हत्यारोपी को रिमांड पर लेकर हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद किए जाएंगे।
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भोपा के गांव सीकरी में पूर्व प्रधान मोहम्मद अम्मार और पूर्व प्रधान जमशेद पक्ष के बीच जिला पंचायत चुनाव को लेकर बीते कई वर्षों से खूनी रंजिश चली आ रही है। रंजिश के चलते 16 अक्तूबर 2015 को तस्लीम की हत्या हुई थी। इस हत्या में नामजद जमशेद प्रधान, उसके भाई गुलसनव्वर और नौशाद जेल में बंद हैं। तस्लीम हत्याकांड की पैरवी पूर्व प्रधान मोहम्मद अम्मार कर रहा था। इसी कारण 22 अगस्त को शहर के आर्यपुरी में मोहम्मद अम्मार की हत्या कर दी गई।
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अम्मार हत्याकांड में जमशेद प्रधान के भाई दिलशाद पुत्र इशरत को भी नामजद किया गया था। इस घटना के एक सप्ताह बाद ही अम्मार प्रधान पक्ष के ग्रामीण लुत्फुर्रहमान की 31 अगस्त को सीकरी गांव में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड में भी दिलशाद को नामजद कराया गया था। शहर कोतवाली और भोपा पुलिस तभी से दिलशाद की तलाश में जुटी थी। मंगलवार को उसके कोर्ट में पेश होने की जानकारी पुलिस को लगी।
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पुलिस ने नाकेबंदी कर रखी थी, मगर हत्यारोपी दिलशाद ने पुलिस को चकमा देते हुए बुर्का पहनकर एक महिला अधिवक्ता के साथ कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस को उसके सरेंडर करने के बाद पता चला कि वह बुर्का पहनकर कोर्ट में पेश हो चुका है। कोर्ट ने दिलशाद को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। शहर कोतवाली इंस्पेक्टर संजीव शर्मा ने बताया कि हत्यारोपी को रिमांड पर लेकर हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद किए जाएंगे।