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प्रेमी युगल ने जहर खाकर जान दी, मीरापुर क्षेत्र के जंगल में पड़े मिले शव
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 17 May 2018 12:33 AM IST
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युवक के माता पिता से पूछताछ करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े कैलापुर गांव के जंगल में प्रेमी युगल ने जहर खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पुलिस की तहकीकात में शवों की शनाख्त कैलापुर के संजय और गाजियाबाद की अंजलि के रूप में हुई।
पुलिस के मुताबिक दोनों रिश्ते में मामा-भांजी लगते थे। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घर से गायब होने के बाद अंजलि के अपहरण का मुकदमा गाजियाबाद के सिहानी गेट थाने में दर्ज कराया गया था।
मीरापुर थाना क्षेत्र के कैलापुर गांव में बुधवार दोपहर हाइवे से सटे मैदान में खेलते हुए बच्चों ने खेत में युवक और युवती की लाश पड़ी देखी। बच्चों के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। मृतक युवक की पहचान गांव के ही मेघराज के पुत्र संजय (20) के रूप में हुई।
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सूचना पाकर पिता और अन्य परिजन मौके पर पहुंच गए। देवल के ग्राम प्रधान बूटा सिंह ने पुलिस को जानकारी दी। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की। दोनों के शवों के पास सल्फास की शीशी में पांच गोली, पानी की बोतल और पर्स आदि सामान मिला।
परिजनों से पूछताछ की तो पता चला कि युवती गाजियाबाद के सिहानी गेट थाना क्षेत्र के राकेश मार्ग, निकट बाबूलाल स्कूल निवासी पप्पू की बेटी अंजलि (17) है। वहीं, संजय सुबह चार बजे घर से अपने पिता मेघराज को जरूरी काम की बात कह कर निकला था। वह मीरापुर में एक मेडिकल स्टोर पर काम करता था।
सीओ जानसठ एसकेएस प्रताप ने घटनास्थल का निरीक्षण कर परिजनों ने जानकारी ली। सीओ ने बताया कि संजय और अंजलि के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। संजय की चचेरी बहन रीता मेरठ में ब्याही है।
अंजलि की मां बिमलेश रीता की ननद है, इसलिए दोनों रिश्ते में मामा-भांजी लगते थे। प्रेम-प्रसंग में ही दोनों ने सल्फास खाकर आत्महत्या की है। अंजलि मंगलवार से लापता थी, इस संबंध में परिजनों ने गाजियाबाद के सिहानी गेट थाने में अज्ञात में उसके अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया हुआ था।
काफी समय से चल रहा था दोनों में प्रेम प्रसंग
मीरापुर। गांव कैलापुर केे जंगल में मृत मिले प्रेमी युगल के परिजन यदि सहानुभूति से काम लेते तो दोनों युवक-युवती का जीवन बच सकता था। युवक संजय पुत्र मेघराज मीरापुर के एक मेडिकल स्टोर पर काम करता था, जबकि उसकी प्रेमिका गाजियाबाद निवासी दूर की रिश्तेदार थी।
कुछ समय से संजय व उसकी प्रेमिका अंजलि के बीच प्रेम प्रसंग चल रहे थे। इन्हीं के चलते संजय 15 मई को अंजलि को गाजियाबाद से लेकर गांव आ गया था। दोनों शादी करना चाहते थे, मगर परिजनों को यह अच्छा नहीं लगा। इस कारण दोनों ने सल्फाश खाकर गांव के निकट एक गन्ने के खेत जीवन लीला समाप्त कर ली।
कैलापुर निवासी मेघराज के आठ बच्चे है। चार लड़कों में संजय तीसरे नंबर का बेटा था। बड़े बेटे संदीप की शादी हो चुकी है। जबकि संदीप से छोटा कुलदीप, संजय व अमर अविवाहित हैं। मेघराज ने अपनी चार बेटियों मे से तीन की शादी कर चुका है। मेघराज खेतीहर मजदूर है। जमीन मात्र दो बीघा है।
उधर, गाजियाबाद के सिहानी थाना क्षेत्र के निवासी पप्पू की बेटी अंजलि के अपहरण का मामला थाना सिहानी में पहले से ही दर्ज है। गाजियाबाद पुलिस भी सक्रिय होती, तो शायद प्रेमी मौत के मुंह से बच सकता था। युवक की मां फूलसंमुद्री और पिता मेघराज समेत सभी परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मीरापुर एसओ मीरापुर मनोज चौधरी ने बताया कि कि दोनों के बीच काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। परिजन इसके विरोध में थे, इसी कारण दोनों ने जहर खाकर आत्महत्या की है।
मृतक युवक के पिता मेघराज की ओर से तहरीर पर पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस संबंध में गाजियाबाद पुलिस को भी सूचना दे दी है, क्योंकि अज्ञात में अंजलि के अपहरण का मुकदमा वहीं पर दर्ज है। उधर, अंजलि के परिजन देर शाम तक यहां नहीं पहुंचे थे।
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पुलिस के मुताबिक दोनों रिश्ते में मामा-भांजी लगते थे। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घर से गायब होने के बाद अंजलि के अपहरण का मुकदमा गाजियाबाद के सिहानी गेट थाने में दर्ज कराया गया था।
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मीरापुर थाना क्षेत्र के कैलापुर गांव में बुधवार दोपहर हाइवे से सटे मैदान में खेलते हुए बच्चों ने खेत में युवक और युवती की लाश पड़ी देखी। बच्चों के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। मृतक युवक की पहचान गांव के ही मेघराज के पुत्र संजय (20) के रूप में हुई।
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सूचना पाकर पिता और अन्य परिजन मौके पर पहुंच गए। देवल के ग्राम प्रधान बूटा सिंह ने पुलिस को जानकारी दी। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की। दोनों के शवों के पास सल्फास की शीशी में पांच गोली, पानी की बोतल और पर्स आदि सामान मिला।
परिजनों से पूछताछ की तो पता चला कि युवती गाजियाबाद के सिहानी गेट थाना क्षेत्र के राकेश मार्ग, निकट बाबूलाल स्कूल निवासी पप्पू की बेटी अंजलि (17) है। वहीं, संजय सुबह चार बजे घर से अपने पिता मेघराज को जरूरी काम की बात कह कर निकला था। वह मीरापुर में एक मेडिकल स्टोर पर काम करता था।
सीओ जानसठ एसकेएस प्रताप ने घटनास्थल का निरीक्षण कर परिजनों ने जानकारी ली। सीओ ने बताया कि संजय और अंजलि के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। संजय की चचेरी बहन रीता मेरठ में ब्याही है।
अंजलि की मां बिमलेश रीता की ननद है, इसलिए दोनों रिश्ते में मामा-भांजी लगते थे। प्रेम-प्रसंग में ही दोनों ने सल्फास खाकर आत्महत्या की है। अंजलि मंगलवार से लापता थी, इस संबंध में परिजनों ने गाजियाबाद के सिहानी गेट थाने में अज्ञात में उसके अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया हुआ था।
काफी समय से चल रहा था दोनों में प्रेम प्रसंग
मीरापुर। गांव कैलापुर केे जंगल में मृत मिले प्रेमी युगल के परिजन यदि सहानुभूति से काम लेते तो दोनों युवक-युवती का जीवन बच सकता था। युवक संजय पुत्र मेघराज मीरापुर के एक मेडिकल स्टोर पर काम करता था, जबकि उसकी प्रेमिका गाजियाबाद निवासी दूर की रिश्तेदार थी।
कुछ समय से संजय व उसकी प्रेमिका अंजलि के बीच प्रेम प्रसंग चल रहे थे। इन्हीं के चलते संजय 15 मई को अंजलि को गाजियाबाद से लेकर गांव आ गया था। दोनों शादी करना चाहते थे, मगर परिजनों को यह अच्छा नहीं लगा। इस कारण दोनों ने सल्फाश खाकर गांव के निकट एक गन्ने के खेत जीवन लीला समाप्त कर ली।
कैलापुर निवासी मेघराज के आठ बच्चे है। चार लड़कों में संजय तीसरे नंबर का बेटा था। बड़े बेटे संदीप की शादी हो चुकी है। जबकि संदीप से छोटा कुलदीप, संजय व अमर अविवाहित हैं। मेघराज ने अपनी चार बेटियों मे से तीन की शादी कर चुका है। मेघराज खेतीहर मजदूर है। जमीन मात्र दो बीघा है।
उधर, गाजियाबाद के सिहानी थाना क्षेत्र के निवासी पप्पू की बेटी अंजलि के अपहरण का मामला थाना सिहानी में पहले से ही दर्ज है। गाजियाबाद पुलिस भी सक्रिय होती, तो शायद प्रेमी मौत के मुंह से बच सकता था। युवक की मां फूलसंमुद्री और पिता मेघराज समेत सभी परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मीरापुर एसओ मीरापुर मनोज चौधरी ने बताया कि कि दोनों के बीच काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। परिजन इसके विरोध में थे, इसी कारण दोनों ने जहर खाकर आत्महत्या की है।
मृतक युवक के पिता मेघराज की ओर से तहरीर पर पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस संबंध में गाजियाबाद पुलिस को भी सूचना दे दी है, क्योंकि अज्ञात में अंजलि के अपहरण का मुकदमा वहीं पर दर्ज है। उधर, अंजलि के परिजन देर शाम तक यहां नहीं पहुंचे थे।