शोभायात्रा को रोकने पर टकराव
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मंसूरपुर के गांव संधावली में ग्रामीणों ने मंगलवार तीन बजे पहली बार हनुमान मंदिर से शोभायात्रा निकालनी शुरू की। सूचना मिलने पर सीओ खतौली राजीव कुमार गौतम और सीओ हरिराम यादव पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। दोनों सीओ ने बिना अनुमति शोभायात्रा निकालने पर रोक दिया। इस पर ग्रामीणों ने हंगामा खड़ा कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि 30 मार्च को एसडीएम सदर रेणु सिंह को शोभायात्रा की अनुमति के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, जबकि पुलिस अफसरों का कहना था कि बिना शासन के आदेश के धार्मिक आयोजन के लिए नई परंपरा कायम नहीं होने दी जाएगी। कुछ लोग शोभायात्रा निकालने की जिद पर अड़ गए।
इस दौरान महिलाओं की पुलिस से काफी नोकझोंक हुई। गुस्साए ग्रामीण सड़क पर ही धरना देकर बैठ गए और शोभायात्रा निकालने की मांग करने लगे। हंगामा देखते हुए थाना नईमंडी, सिखेड़ा, ककरौली समेत कई थानों की पुलिस फोर्स बुलाना पड़ा। हंगामे के बीच दोनों सीओ और ग्रामीणों के बीच समझौता वार्ता चली। समझौता वार्ता में दोनों सीओ ने ग्रामीणों को समझाया कि वे बुधवार को ही शासन को शोभायात्रा निकालने के लिए लिखकर भेजेंगे। शासन से आदेश मिलने पर अगले वर्ष गांव में शोभायात्रा निकालने की परमीशन दे दी जाएगी। इस बात पर ग्रामीण सहमत हो गए। ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया और हनुमान मंदिर में श्री बालाजी की आरती की। इसके बाद प्रसाद वितरण किया गया। सूचना मिलने पर एडीएम मनोज कुमार भी गांव पहुंच गए। हंगामा करने और प्रशासन की कार्रवाई में व्यवधान डालने वालों को चिह्नित किया गया। ग्राम प्रधान की भी तलाश की गई। करीब साढ़े चार घंटे बाद मामला शांत हो सका।