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फर्जी मुकदमे के विरोध में प्रदर्शन किया
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 17 May 2016 12:20 AM IST
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कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन करते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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जिन लोगों के साथ धोखाधड़ी की उन्हीं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिए जाने के खिलाफ सूजडू के ग्रामीणों ने डीएम ऑफिस पर प्रदर्शन किया। मुकदमा एक्सपंज करने की मांग को लेकर और श्रमिकों के साथ धोखेबाजी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम को ज्ञापन दिया।
गांव सूजडू के सात मजदूरों को विदेश भेजने के नाम पर उनसे उगाही करने वाले आसिफ के खिलाफ तो पुलिस ने कुछ नहीं किया। आसिफ के अपहरण की शिकायत पर श्रमिकों और उन्हें न्याय दिलाने वले अकील राना के खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज करा दिया गया।
इससे गुस्साए सूजडू के ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट में धरना देकर प्रदर्शन किया। पुलिस पर अपराधियों को बचाने का आरोप लगाया। अकील राना और श्रमिकों के समर्थन में आई महिलाओं और लोगों ने कहा कि जिले में कानून व्यवस्था का मजाक उडाया जा रहा है। पुलिस अपराधियों के ही हौसले बढ़ा रही है। डीएम डीके सिंह को दिए ज्ञापन में कहा गया कि आरोपी आसिफ की छवि ठीक नहीं है।
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पुलिस ने श्रीलंका भेजे गए गांव के श्रमिकों को छुड़ाकर आसिफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया, लेकिन कार्रवाई कोई नहीं की। अब उसके परिवार वाले उसे गायब कर अपहरण का आरोप पीड़ितों पर ही लगवा रहे हैं। गांव की जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। तौहीद, अकील राना, डॉ राजकुमार, अंजुम कुरैशी, नाहिद, मेहताब, जनेश्वरी देवी, जाहिद, इनाम, विष्णु, वाजिद, अख्तर आदि शामिल रहे।
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गांव सूजडू के सात मजदूरों को विदेश भेजने के नाम पर उनसे उगाही करने वाले आसिफ के खिलाफ तो पुलिस ने कुछ नहीं किया। आसिफ के अपहरण की शिकायत पर श्रमिकों और उन्हें न्याय दिलाने वले अकील राना के खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज करा दिया गया।
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इससे गुस्साए सूजडू के ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट में धरना देकर प्रदर्शन किया। पुलिस पर अपराधियों को बचाने का आरोप लगाया। अकील राना और श्रमिकों के समर्थन में आई महिलाओं और लोगों ने कहा कि जिले में कानून व्यवस्था का मजाक उडाया जा रहा है। पुलिस अपराधियों के ही हौसले बढ़ा रही है। डीएम डीके सिंह को दिए ज्ञापन में कहा गया कि आरोपी आसिफ की छवि ठीक नहीं है।
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पुलिस ने श्रीलंका भेजे गए गांव के श्रमिकों को छुड़ाकर आसिफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया, लेकिन कार्रवाई कोई नहीं की। अब उसके परिवार वाले उसे गायब कर अपहरण का आरोप पीड़ितों पर ही लगवा रहे हैं। गांव की जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। तौहीद, अकील राना, डॉ राजकुमार, अंजुम कुरैशी, नाहिद, मेहताब, जनेश्वरी देवी, जाहिद, इनाम, विष्णु, वाजिद, अख्तर आदि शामिल रहे।