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स्कूल जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही छात्राएं
ब्यूरो / अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 10 Sep 2015 12:07 AM IST
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चरथावल। हैबतपुर में हुए बवाल के बाद गांव में तनावपूर्ण शांति हैं, हालांकि छात्राएं स्कूल, कालेज जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही। मामले की संवेदनशीलता को देख गांव में पुलिस और पीएसी डटी रही। उधर, दोपहर में कसबे के बस स्टैंड पर छात्रों के गुटों में मारपीट होने का शोर मचने से माहौल गर्माया।
हैबतपुर के भट्ठे पर छात्राओं को बस से खींचने के मामले में हालात नियंत्रण में लेकिन तनावपूर्ण हैं। बस से खींचने की घटना से छात्राएं अभी भी कालेज जाने से डर रही हैं, उनके परिजन भी उन्हें कालेज भेजने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। देहात क्षेत्रों से पढ़ने के लिए आने वाली छात्राएं भी कम ही कालेज आ रही हैं। हैबतपुर से यह संख्या तो बहुत कम है।
हालांकि घटना की संवेदनशीलता तो देखते हुए पुलिस प्रशासन गंभीर है और सीओ सदर अकील अहमद, एसओ आनंद मिश्रा पूरे दिन पुलिस बल के साथ गांव में डेरा डाले रहे। पीएसी भी यहां डेरा डाले है। कथित फर्जी नामजदगी के कारण कोई भी व्यक्ति सच बोलने को तैयार नहीं है।
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बुधवार को कस्बे के बस स्टैंड पर दोपहर में छात्रों के दो गुटों में मारपीट हो गई, इसे लेकर शोर मच गया कि हैबतपुर के छात्र आपस में भिड़ गए हैं। सूचना पर पुलिस ने बस स्टैंड पर दबिश दी, लेकिन तब तक छात्र रफूचक्कर हो चुके थे। हैबतपुर प्रकरण से बड़े नेताआें ने खुद को दूर रखे हुए हैं हालांकि अलग-अलग दलों से जुडे़ दोनों समुदाय के नेता आपसी सद्भाव बनाने की अपील कर रहे हैं।
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हैबतपुर के भट्ठे पर छात्राओं को बस से खींचने के मामले में हालात नियंत्रण में लेकिन तनावपूर्ण हैं। बस से खींचने की घटना से छात्राएं अभी भी कालेज जाने से डर रही हैं, उनके परिजन भी उन्हें कालेज भेजने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। देहात क्षेत्रों से पढ़ने के लिए आने वाली छात्राएं भी कम ही कालेज आ रही हैं। हैबतपुर से यह संख्या तो बहुत कम है।
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हालांकि घटना की संवेदनशीलता तो देखते हुए पुलिस प्रशासन गंभीर है और सीओ सदर अकील अहमद, एसओ आनंद मिश्रा पूरे दिन पुलिस बल के साथ गांव में डेरा डाले रहे। पीएसी भी यहां डेरा डाले है। कथित फर्जी नामजदगी के कारण कोई भी व्यक्ति सच बोलने को तैयार नहीं है।
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बुधवार को कस्बे के बस स्टैंड पर दोपहर में छात्रों के दो गुटों में मारपीट हो गई, इसे लेकर शोर मच गया कि हैबतपुर के छात्र आपस में भिड़ गए हैं। सूचना पर पुलिस ने बस स्टैंड पर दबिश दी, लेकिन तब तक छात्र रफूचक्कर हो चुके थे। हैबतपुर प्रकरण से बड़े नेताआें ने खुद को दूर रखे हुए हैं हालांकि अलग-अलग दलों से जुडे़ दोनों समुदाय के नेता आपसी सद्भाव बनाने की अपील कर रहे हैं।