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पत्नी की हत्याकर शव रजवाहे में फेंका, थाने में दर्ज कराई गुमशुदगी
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 29 Jan 2018 12:06 AM IST
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बेबी उर्फ इशिका का फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
फुलत गांव के रजवाहे में महिला का मिला शव रुड़की निवासी बेबी उर्फ इशिका का निकला है। बदचलनी के शक में पति ने ही उसकी गला घोंटकर हत्या कर शव को कंबल में लपेटकर रजवाहे में फेंक दिया था।
पुलिस को गुमराह करने के लिए हत्यारोपी ने थाने में पत्नी की गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। रुडक़ी पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए हत्यारोपी पति को गिरफ्तार किया तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। परिजनों ने रविवार को रतनपुरी थाने में कपड़ों से मृतका की पहचान की, जबकि पुलिस ने पूर्व में ही शव का लावारिस में अंतिम संस्कार करा दिया था।
खतौली के गांव भैंसी निवासी अतुल पुत्र बिजेंद्र रुड़की में अपनी बहन भावना के यहां रहता था। पड़ोस में ही सपना का परिवार रहता है। महिला सपना का मायके हरिद्वार के थाना मंगलौर के गांव उदलहेड़ी में है। सपना के घर उसकी छोटी बहन बेबी उर्फ इशिका (27) पुत्री सतपाल भी साथ में रहती थी।
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अतुल का बेबी के साथ प्रेम प्रसंग हो गया था। करीब सात वर्ष पूर्व दोनों के परिजन राजी हो गए थे और इनकी शादी कर दी थी। शादी के बाद से अतुल अपनी पत्नी बेबी को लेकर रुडक़ी में थाना गंगनहर की नंदविहार कालोनी में रह रहा था। बेबी के दो पुत्र शौर्य (5) और प्रणव (3) हैं।
रतनपुरी क्षेत्र में 21 जनवरी को फुलत रजवाहे में कंबल में लिपटा बेबी का शव मिला था। उस वक्त शव की शनाख्त नहीं हो सकी थी। रविवार को रुडक़ी से थाना गंगनहर के दरोगा विनय मोहन द्विवेदी, दरोगा सचिदानंद, सिपाही नरेश नेगी, संजय कुमार, आशुतोष तिवारी मृतका के पिता सतपाल, माता बिमलेश, बहन सपना को साथ लेकर रतनपुरी थाने पहुंचे। परिजनों ने मृतका के कपड़ों से बेबी की पहचान की। रतनपुरी थानाध्यक्ष विरेंद्र कुमार कसाना ने बताया कि अतुल ने ही बदचलनी के शक में पत्नी बेबी की गला घोंटकर हत्या की और शव को रजवाहे में डाल दिया था।
अतुल ने 16 जनवरी को ही मार डाला था
खतौली। 16 जनवरी को अतुल अपनी पत्नी बेबी को स्कार्पियो से लेकर कमरा बदलने के बहाने से निकला और बच्चों को उनकी मौसी सपना के पास रुडक़ी में ही छोड़ गया था। इसके बाद उसने पत्नी की गला दबाकर हत्या की और शव को कंबल में लपेटकर रजवाहे में फेंक दिया था। पकड़े गए आरोपी पति ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
हत्यारोपी ने उगला सारा राज
खतौली। रुड़क़ी के दरोगा विनय मोहन द्विवेदी ने बताया अतुल ने हत्या करने से पूर्व बेबी को नशा कराया और फिर उसे गाड़ी में लेकर खतौली थाना क्षेत्र में हाईवे स्थित पूजा होटल के पास रजवाहे की पटरी पर ले गया, जहां उसने अपनी पैंट की बेल्ट से गला दबाकर बेबी की हत्या कर दी।
हत्या के बाद शव को कंबल में लपेटकर रजवाहे में फेंक दिया। इसके बाद वापस पहुंचकर अतुल ने रुडक़ी के थाना गंगनहर पर पत्नी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर अतुल ने सारा राज उगल दिया। पुलिस हत्यारोपी अतुल को घटनास्थल पर लेकर पहुंची, जहां पर उसने बेबी की हत्या करने का पूरा घटनाक्रम पुलिस को बताया।
पत्नी की हत्या पर कोई पछतावा नहीं
खतौली। हत्यारोपी पति अतुल को अपनी पत्नी बेबी की हत्या करने का कोई पछतावा नहीं है। रतनपुरी थाने की हवालात में बंद हत्यारोपी अतुल अपनी गलती पर अफसोस करने के बजाय हंस रहा था। हत्यारोपी का कहना था कि पत्नी के चाल-चलन को लेकर वह काफी दिनों से मानसिक तनाव में चल रहा था।
इतना हीं नहीं पत्नी को उसने रोका तो उसने उल्टे साथियों के साथ गैंगरेप करने की तहरीर पुलिस को दे दी थी। बाद में दोनों के बीच आपस में समझौता होने पर बेबी ने तहरीर वापस ले ली थी। अतुल का कहना है कि उसने उसी दिन बेबी की हत्या करने की मन में ठान ली थी।
बेटों के सिर से मां का साया छीना
खतौली। हत्यारोपी ने अपने दोनों बेटों शौर्य और प्रणव के सिर से उनकी मां बेबी का साया छीन लिया। बेबी की हत्या करते वक्त उसके हाथ तक नहीं कांपे। मृतका के पिता सतपाल का कहना है बेबी की हत्या करने में पति अतुल के अलावा उसका जीजा राजन, बहन भावना और ज्योति, माता कुसुम का भी हाथ है। मृतका के पिता सतपाल, माता बिमलेश और बहन सपना का रो-रोकर उनका बुरा हाल था।
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पुलिस को गुमराह करने के लिए हत्यारोपी ने थाने में पत्नी की गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। रुडक़ी पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए हत्यारोपी पति को गिरफ्तार किया तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। परिजनों ने रविवार को रतनपुरी थाने में कपड़ों से मृतका की पहचान की, जबकि पुलिस ने पूर्व में ही शव का लावारिस में अंतिम संस्कार करा दिया था।
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खतौली के गांव भैंसी निवासी अतुल पुत्र बिजेंद्र रुड़की में अपनी बहन भावना के यहां रहता था। पड़ोस में ही सपना का परिवार रहता है। महिला सपना का मायके हरिद्वार के थाना मंगलौर के गांव उदलहेड़ी में है। सपना के घर उसकी छोटी बहन बेबी उर्फ इशिका (27) पुत्री सतपाल भी साथ में रहती थी।
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अतुल का बेबी के साथ प्रेम प्रसंग हो गया था। करीब सात वर्ष पूर्व दोनों के परिजन राजी हो गए थे और इनकी शादी कर दी थी। शादी के बाद से अतुल अपनी पत्नी बेबी को लेकर रुडक़ी में थाना गंगनहर की नंदविहार कालोनी में रह रहा था। बेबी के दो पुत्र शौर्य (5) और प्रणव (3) हैं।
रतनपुरी क्षेत्र में 21 जनवरी को फुलत रजवाहे में कंबल में लिपटा बेबी का शव मिला था। उस वक्त शव की शनाख्त नहीं हो सकी थी। रविवार को रुडक़ी से थाना गंगनहर के दरोगा विनय मोहन द्विवेदी, दरोगा सचिदानंद, सिपाही नरेश नेगी, संजय कुमार, आशुतोष तिवारी मृतका के पिता सतपाल, माता बिमलेश, बहन सपना को साथ लेकर रतनपुरी थाने पहुंचे। परिजनों ने मृतका के कपड़ों से बेबी की पहचान की। रतनपुरी थानाध्यक्ष विरेंद्र कुमार कसाना ने बताया कि अतुल ने ही बदचलनी के शक में पत्नी बेबी की गला घोंटकर हत्या की और शव को रजवाहे में डाल दिया था।
अतुल ने 16 जनवरी को ही मार डाला था
खतौली। 16 जनवरी को अतुल अपनी पत्नी बेबी को स्कार्पियो से लेकर कमरा बदलने के बहाने से निकला और बच्चों को उनकी मौसी सपना के पास रुडक़ी में ही छोड़ गया था। इसके बाद उसने पत्नी की गला दबाकर हत्या की और शव को कंबल में लपेटकर रजवाहे में फेंक दिया था। पकड़े गए आरोपी पति ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
हत्यारोपी ने उगला सारा राज
खतौली। रुड़क़ी के दरोगा विनय मोहन द्विवेदी ने बताया अतुल ने हत्या करने से पूर्व बेबी को नशा कराया और फिर उसे गाड़ी में लेकर खतौली थाना क्षेत्र में हाईवे स्थित पूजा होटल के पास रजवाहे की पटरी पर ले गया, जहां उसने अपनी पैंट की बेल्ट से गला दबाकर बेबी की हत्या कर दी।
हत्या के बाद शव को कंबल में लपेटकर रजवाहे में फेंक दिया। इसके बाद वापस पहुंचकर अतुल ने रुडक़ी के थाना गंगनहर पर पत्नी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर अतुल ने सारा राज उगल दिया। पुलिस हत्यारोपी अतुल को घटनास्थल पर लेकर पहुंची, जहां पर उसने बेबी की हत्या करने का पूरा घटनाक्रम पुलिस को बताया।
पत्नी की हत्या पर कोई पछतावा नहीं
खतौली। हत्यारोपी पति अतुल को अपनी पत्नी बेबी की हत्या करने का कोई पछतावा नहीं है। रतनपुरी थाने की हवालात में बंद हत्यारोपी अतुल अपनी गलती पर अफसोस करने के बजाय हंस रहा था। हत्यारोपी का कहना था कि पत्नी के चाल-चलन को लेकर वह काफी दिनों से मानसिक तनाव में चल रहा था।
इतना हीं नहीं पत्नी को उसने रोका तो उसने उल्टे साथियों के साथ गैंगरेप करने की तहरीर पुलिस को दे दी थी। बाद में दोनों के बीच आपस में समझौता होने पर बेबी ने तहरीर वापस ले ली थी। अतुल का कहना है कि उसने उसी दिन बेबी की हत्या करने की मन में ठान ली थी।
बेटों के सिर से मां का साया छीना
खतौली। हत्यारोपी ने अपने दोनों बेटों शौर्य और प्रणव के सिर से उनकी मां बेबी का साया छीन लिया। बेबी की हत्या करते वक्त उसके हाथ तक नहीं कांपे। मृतका के पिता सतपाल का कहना है बेबी की हत्या करने में पति अतुल के अलावा उसका जीजा राजन, बहन भावना और ज्योति, माता कुसुम का भी हाथ है। मृतका के पिता सतपाल, माता बिमलेश और बहन सपना का रो-रोकर उनका बुरा हाल था।