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नशीले पदार्थ की तस्करी करने पर चार को सजा
Updated Tue, 19 Sep 2017 01:20 AM IST
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नशीले पदार्थ की तस्करी में चार को सजा
मुजफ्फरनगर। कोर्ट ने दो महिलाओं समेत चार लोगों को नशीले पदार्थ की तस्करी करने के जुर्म में कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।
कैराना थाने पर तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक राकेश शर्मा को 29 अक्तूबर 2014 में सूचना मिली थी कि कुछ लोग स्मैक की तस्करी कर रहे हैं। इस पर उन्होंने एक स्थान पर दबिश देकर रिहाना पत्नी शराफत, सोनी बेगम पत्नी दिलशाद को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में इन दोनों ने अपने साथी दिलशाद उर्फ दिल्ला पुत्र अली हसन और नौशाद पुत्र सुक्का, निवासीगण मोहल्ला आलकंला कस्बा कैराना के नाम भी बताए थे। इन लोगों को गिरफ्तार कर तलाशी में दिलशाद से 30 ग्राम, नौशाद से 25 ग्राम स्मैक, रिहाना से 20 पुड़िया, सोनी बेगम से 10 पुड़िया स्मैक की बरामद हुई थी। मुकदमे में चारों को आरोपी बनाया गया था। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे ओमवीर सिंह की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-1 में हुई। एडीजीसी सीताराम आर्य ने कोर्ट में तीन गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त दिलशाद, नौशाद, रिहाना, सोनी बेगम को नशीले पदार्थ की तस्करी करने का दोषी करार देते हुए नौशाद और दिलशाद को धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत सात-सात वर्ष का कारावास के साथ 50-50 हजार रुपये का जुर्माना और रिहाना व सोनी बेगम को छह-छह माह का कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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मुजफ्फरनगर। कोर्ट ने दो महिलाओं समेत चार लोगों को नशीले पदार्थ की तस्करी करने के जुर्म में कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।
कैराना थाने पर तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक राकेश शर्मा को 29 अक्तूबर 2014 में सूचना मिली थी कि कुछ लोग स्मैक की तस्करी कर रहे हैं। इस पर उन्होंने एक स्थान पर दबिश देकर रिहाना पत्नी शराफत, सोनी बेगम पत्नी दिलशाद को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में इन दोनों ने अपने साथी दिलशाद उर्फ दिल्ला पुत्र अली हसन और नौशाद पुत्र सुक्का, निवासीगण मोहल्ला आलकंला कस्बा कैराना के नाम भी बताए थे। इन लोगों को गिरफ्तार कर तलाशी में दिलशाद से 30 ग्राम, नौशाद से 25 ग्राम स्मैक, रिहाना से 20 पुड़िया, सोनी बेगम से 10 पुड़िया स्मैक की बरामद हुई थी। मुकदमे में चारों को आरोपी बनाया गया था। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे ओमवीर सिंह की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-1 में हुई। एडीजीसी सीताराम आर्य ने कोर्ट में तीन गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त दिलशाद, नौशाद, रिहाना, सोनी बेगम को नशीले पदार्थ की तस्करी करने का दोषी करार देते हुए नौशाद और दिलशाद को धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत सात-सात वर्ष का कारावास के साथ 50-50 हजार रुपये का जुर्माना और रिहाना व सोनी बेगम को छह-छह माह का कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।