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चार भाइयों को सात साल का कारावास
Updated Sat, 01 Jul 2017 12:47 AM IST
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चार भाइयों को सात साल का कारावास
मुजफ्फरनगर। फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय ने हत्या के प्रयास के मामले में किदवईनगर के चार सगेे भाइयों को सात-सात वर्ष के कारावास और 13-13 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। सजा के बाद सभी को जेल भेज दिया गया। सात वर्ष पहले इन युवकों ने दो भाइयों पर चाकुओं से जानलेवा हमला किया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार शहर कोतवाली पर किदवईनगर निवासी राशिद ने 6 जून 2010 को मोहल्ले के ही आस मोहम्मद उर्फ आशु, शेर उर्फ शहजाद, शाहनजर, शाहनवाज पुत्रगण हासिम के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसके तेहरे भाई शाहवेज और जुनैद उर्फ गुड्डा पुत्रगण इदरीश कसबा शाहपुर में बारात में गए थे। जहां पर उनकी आरोपियों से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। घटना के रोज शाम को दोनों भाई मकान के बाहर खड़े थे, तभी उक्त चारों आरोपियों ने दोनों पर जानलेवा हमला करते हुए चाकुओं से प्रहार कर दोनों भाइयों शाहवेज और गुड्डा उर्फ जुनैद को गंभीर घायल कर दिया।
यह मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या दो में एडीजे पूनम राजपूत ने सुना। अभियोजन पक्ष से एडीजीसी रीतू चौधरी ने कोर्ट में सात गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश पूनम राजपूत ने दोनों पक्षों को सुनते हुए शुक्रवार को आस मोहम्मद उर्फ आसु, शेर उर्फ शहजाद, शाहनजर और शाहनवाज को दोषी ठहराते हुए धारा 307 में सात-सात साल के कारावास 10-10 हजार रुपये जुर्माना, 506 में दो वर्ष का कारावास, दो-दो हजार रुपये जुर्माना और 504 में एक-एक साल के कारावास और एक-एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद चारों को जेल भेज दिया गया।
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मुजफ्फरनगर। फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय ने हत्या के प्रयास के मामले में किदवईनगर के चार सगेे भाइयों को सात-सात वर्ष के कारावास और 13-13 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। सजा के बाद सभी को जेल भेज दिया गया। सात वर्ष पहले इन युवकों ने दो भाइयों पर चाकुओं से जानलेवा हमला किया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार शहर कोतवाली पर किदवईनगर निवासी राशिद ने 6 जून 2010 को मोहल्ले के ही आस मोहम्मद उर्फ आशु, शेर उर्फ शहजाद, शाहनजर, शाहनवाज पुत्रगण हासिम के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसके तेहरे भाई शाहवेज और जुनैद उर्फ गुड्डा पुत्रगण इदरीश कसबा शाहपुर में बारात में गए थे। जहां पर उनकी आरोपियों से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। घटना के रोज शाम को दोनों भाई मकान के बाहर खड़े थे, तभी उक्त चारों आरोपियों ने दोनों पर जानलेवा हमला करते हुए चाकुओं से प्रहार कर दोनों भाइयों शाहवेज और गुड्डा उर्फ जुनैद को गंभीर घायल कर दिया।
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यह मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या दो में एडीजे पूनम राजपूत ने सुना। अभियोजन पक्ष से एडीजीसी रीतू चौधरी ने कोर्ट में सात गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश पूनम राजपूत ने दोनों पक्षों को सुनते हुए शुक्रवार को आस मोहम्मद उर्फ आसु, शेर उर्फ शहजाद, शाहनजर और शाहनवाज को दोषी ठहराते हुए धारा 307 में सात-सात साल के कारावास 10-10 हजार रुपये जुर्माना, 506 में दो वर्ष का कारावास, दो-दो हजार रुपये जुर्माना और 504 में एक-एक साल के कारावास और एक-एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद चारों को जेल भेज दिया गया।
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