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दहेज उत्पीड़न में पति को दो साल की सजा
Updated Fri, 16 Jun 2017 12:43 AM IST
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दहेज उत्पीड़न मेें पति को दो साल की सजा
मुजफ्फरनगर। अतिरिक्त दहेज की मांग करने वाले पति पर आरोप साबित होने पर कोर्ट ने उसे दो वर्ष की सजा सुनाई है। सबूतों के अभाव में सास और ससुर को कोर्ट ने बरी कर दिया है।
जानसठ निवासी मीना पुत्री शेर सिंह की शादी उत्तराखंड राज्य के हरिद्वार जिले के ज्वालापुर निवासी अजीत सिंह से हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग मीना से 50 हजार और बाइक की मांग करते आ रहे थे। मांग पूरी नहीं होने पर उसकी पिटाई की जाती थी। परेशान होकर मीना मायके जानसठ में आकर रहने लगी थी। बात नहीं बनने पर पिता शेर सिंह ने पति अजीत सिंह, ससुर हरपाल सिंह और सास सुदेशो के खिलाफ जानसठ में दहेज उत्पीड़न रिपोर्ट दर्ज कराई थी। केस की सुनवाई के दौरान हरपाल की मौत हो गई थी। एसीजेएम प्रथम की कोर्ट में चले इस वाद में बृहस्पतिवार को कोर्ट ने आरोपी पति अजीत सिंह को दो वर्ष की सजा सुनाई। कोर्ट ने सबूतों के अभाव में सास और ससुर को बरी कर दिया है।
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मुजफ्फरनगर। अतिरिक्त दहेज की मांग करने वाले पति पर आरोप साबित होने पर कोर्ट ने उसे दो वर्ष की सजा सुनाई है। सबूतों के अभाव में सास और ससुर को कोर्ट ने बरी कर दिया है।
जानसठ निवासी मीना पुत्री शेर सिंह की शादी उत्तराखंड राज्य के हरिद्वार जिले के ज्वालापुर निवासी अजीत सिंह से हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग मीना से 50 हजार और बाइक की मांग करते आ रहे थे। मांग पूरी नहीं होने पर उसकी पिटाई की जाती थी। परेशान होकर मीना मायके जानसठ में आकर रहने लगी थी। बात नहीं बनने पर पिता शेर सिंह ने पति अजीत सिंह, ससुर हरपाल सिंह और सास सुदेशो के खिलाफ जानसठ में दहेज उत्पीड़न रिपोर्ट दर्ज कराई थी। केस की सुनवाई के दौरान हरपाल की मौत हो गई थी। एसीजेएम प्रथम की कोर्ट में चले इस वाद में बृहस्पतिवार को कोर्ट ने आरोपी पति अजीत सिंह को दो वर्ष की सजा सुनाई। कोर्ट ने सबूतों के अभाव में सास और ससुर को बरी कर दिया है।
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