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तत्काल कार्रवाई के नाम पर फेल होती तितावी पुलिस
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कार्रवाई के नाम पर फेल होती तितावी पुलिस
मुजफ्फरनगर। तितावी पुलिस तत्काल कार्रवाई के नाम पर पिछले एक पखवाड़े में हर बार फेल होती रही है। बड़ी वारदातें होने के बावजूद शुरुआत में तितावी पुलिस का रवैया हर बार टालू रहा, जिसके चलते मामला बढ़ा और आला अफसरों को खुद आगे आकर मोर्चा लेना पड़ा। इसके बाद ही पुलिस ने किसी तरह कार्रवाई करते हुए लाज बचाई।
तितावी थाना क्षेत्र में पिछले एक पखवाड़े में तीन बार बड़ी वारदातें हुईं। हर बार पुलिस की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है। क्षेत्र के गांव छतैला में पतंग उड़ाने को लेकर दो समुदाय के बच्चों के बीच हुए विवाद में एक समुदाय के लोगों ने राजकुमार पाल के घर हमला बोलते हुए पूरे परिवार को बुरी तरह पीटा। पीड़ित परिवार और ग्रामीण लगातार पुलिस से मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन पुलिस कार्रवाई के नाम पर मौके पर पहुंचना तो दूर, घायलों के थाने पहुंचने पर उनका उपचार कराने के लिए जिला अस्पताल तक नहीं ले जा सकी। नतीजतन राजकुमार की मौत हो गई और मामला तूल पकड़ने पर आला अफसरों को सामने आकर बमुश्किल स्थिति को संभालना पड़ा। इसके बाद तितावी पुलिस ने हरकत में आते हुए ताबड़तोड़ दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। दूसरा मामला बघरा में सामने आया, जहां घर से निकली एक किशोरी को दूसरे समुदाय के तीन युवकों ने अगवा कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़ित परिजन किशोरी को साथ ले थाने पहुंचे, जहां पुलिसकर्मियों ने उन्हें कार्रवाई के लिए पहले अफसरों से लिखवाकर लाने की बात कहकर टाल दिया। मामला तूल पकड़ने पर ही थाना पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट दर्ज की। अब फिर से एक छात्रा के साथ लगातार छेड़छाड़ होने व घर में घुसकर उसे अगवा करने या हत्या करने की धमकी देने का मामला संज्ञान में आने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टे एक दरोगा को दोनों पक्षों में समझौता कराने के लिए भेज दिया गया। कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित परिवार गांव से पलायन कर पुलिस ऑफिस पहुंचा तो यहां भी अफसरों को ही सामने आकर हालात संभालने पड़े। इसके बाद ही पुलिस ने आनन-फानन में न केवल रिपोर्ट दर्ज की, बल्कि शाम तक दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी का भी आश्वासन दिया।
जहरीली शराब प्रकरण में भी बैकफुट पर रही थी पुलिस
मुजफ्फरनगर। तितावी थाना क्षेत्र के गांव में करीब आठ माह पूर्व दो युवकों की मौत जहरीली शराब पीने से हो गई थी। मामले की जानकारी थाना पुलिस को लगी तो आनन-फानन में गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार पर बीमारी से मौत होने का बयान देने संबंधी दबाव बनाया गया। हालांकि बाद में मामला तूल पकड़ा तो पुलिस ने फौरी तौर पर दबिशें डालकर कार्रवाई की औपचारिकता पूरी की, लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में ही डाल दिया गया।
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मुजफ्फरनगर। तितावी पुलिस तत्काल कार्रवाई के नाम पर पिछले एक पखवाड़े में हर बार फेल होती रही है। बड़ी वारदातें होने के बावजूद शुरुआत में तितावी पुलिस का रवैया हर बार टालू रहा, जिसके चलते मामला बढ़ा और आला अफसरों को खुद आगे आकर मोर्चा लेना पड़ा। इसके बाद ही पुलिस ने किसी तरह कार्रवाई करते हुए लाज बचाई।
तितावी थाना क्षेत्र में पिछले एक पखवाड़े में तीन बार बड़ी वारदातें हुईं। हर बार पुलिस की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है। क्षेत्र के गांव छतैला में पतंग उड़ाने को लेकर दो समुदाय के बच्चों के बीच हुए विवाद में एक समुदाय के लोगों ने राजकुमार पाल के घर हमला बोलते हुए पूरे परिवार को बुरी तरह पीटा। पीड़ित परिवार और ग्रामीण लगातार पुलिस से मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन पुलिस कार्रवाई के नाम पर मौके पर पहुंचना तो दूर, घायलों के थाने पहुंचने पर उनका उपचार कराने के लिए जिला अस्पताल तक नहीं ले जा सकी। नतीजतन राजकुमार की मौत हो गई और मामला तूल पकड़ने पर आला अफसरों को सामने आकर बमुश्किल स्थिति को संभालना पड़ा। इसके बाद तितावी पुलिस ने हरकत में आते हुए ताबड़तोड़ दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। दूसरा मामला बघरा में सामने आया, जहां घर से निकली एक किशोरी को दूसरे समुदाय के तीन युवकों ने अगवा कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़ित परिजन किशोरी को साथ ले थाने पहुंचे, जहां पुलिसकर्मियों ने उन्हें कार्रवाई के लिए पहले अफसरों से लिखवाकर लाने की बात कहकर टाल दिया। मामला तूल पकड़ने पर ही थाना पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट दर्ज की। अब फिर से एक छात्रा के साथ लगातार छेड़छाड़ होने व घर में घुसकर उसे अगवा करने या हत्या करने की धमकी देने का मामला संज्ञान में आने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टे एक दरोगा को दोनों पक्षों में समझौता कराने के लिए भेज दिया गया। कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित परिवार गांव से पलायन कर पुलिस ऑफिस पहुंचा तो यहां भी अफसरों को ही सामने आकर हालात संभालने पड़े। इसके बाद ही पुलिस ने आनन-फानन में न केवल रिपोर्ट दर्ज की, बल्कि शाम तक दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी का भी आश्वासन दिया।
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जहरीली शराब प्रकरण में भी बैकफुट पर रही थी पुलिस
मुजफ्फरनगर। तितावी थाना क्षेत्र के गांव में करीब आठ माह पूर्व दो युवकों की मौत जहरीली शराब पीने से हो गई थी। मामले की जानकारी थाना पुलिस को लगी तो आनन-फानन में गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार पर बीमारी से मौत होने का बयान देने संबंधी दबाव बनाया गया। हालांकि बाद में मामला तूल पकड़ा तो पुलिस ने फौरी तौर पर दबिशें डालकर कार्रवाई की औपचारिकता पूरी की, लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में ही डाल दिया गया।
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