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बेची जमीन की नहीं मिली रकम, किसान ने लगाई फांसी
Updated Fri, 14 Sep 2018 12:40 AM IST
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बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। आर्थिक तंगी के कारण बेची गई खेती की चार बीघा जमीन के रुपये न मिलने से तनाव में आए किसान ने गले में फांसी का फंदा लगाकर मौत को गले लगा लिया। घटना के समय उसकी पत्नी मंदिर में पूजा करने गई हुई थी। किसान ने सुसाइड नोट में भी अपनी मौत का जिम्मेदार जमीन के खरीदार को ठहराया है। उस पत्नी ने आरोपी खरीदार और उसके दो पुत्रों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बुढ़ाना कोतवाली पुलिस के मुताबिक गांव राजपुर-छाजपुर के किसान रविंद्र (48) पुत्र शिवचरण की पत्नी दयावती बृहस्पतिवार सुबह करीब छह बजे मंदिर में पूजा के लिए गई थी। उसका पति रविंद्र गांव के मास्टर धर्मपाल के घर अपनी बेची गई खेती की चार बीघा जमीन के पैसे लेने गया था। सुबह करीब सात बजे दयावती मंदिर से वापस आई तो घर के एक कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। दरवाजे न खुलने पर उसने पड़ोसियों को इसकी जानकारी दी। मौके पर पहुंचे लोगों ने दरवाजा न खुलने पर दीवार तोड़ दी। अंदर का नजारा देख सभी के होश उड़ गए। रविंद्र ने छत में लगे गार्टर से फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। इकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। सीओ हरिराम यादव और इंस्पेक्टर प्रभाकर कैंतुरा भी मौके पर पहुंचे। पुलिस को मौके पर एक सुसाइड नोट भी पड़ा मिला। पुलिस ने उसे कब्जे में ले लिया।
दयावती ने पुलिस को बताया कि आर्थिक तंगी के कारण उसके पति ने अपनी चार बीघा जमीन नौ लाख 60 हजार रुपये (दो लाख 40 हजार रुपये प्रति बीघा) में वर्ष 2013 में गांव के ही मास्टर धर्मपाल को बेच दी थी। उस समय उन्होंने केवल 80 हजार रुपये दिए थे। बाकी रुपये एक माह बाद देने का वायदा किया था। आरोप है कि तब से अब तक धर्मपाल ने कोई पैसा नहीं दिया। रुपये मांगने पर बार-बार टालता आ रहा है। बृहस्पतिवार को पति रविंद्र अपने रुपये मांगने गया था। आरोप है कि मास्टर धर्मपाल ने रुपये देने से इंकार किया तो तनाव में आकर उसके पति ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में भी रविंद्र ने अपनी मौत का जिम्मेदार धर्मपाल और उसके दो बेटों को बताया है।
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इंस्पेक्टर प्रभाकर कैंतुरा ने बताया कि दयावती की तहरीर पर धर्मपाल और उसके दो पुत्रों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। शव का पंचनामा भरने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। घटना की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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बुढ़ाना कोतवाली पुलिस के मुताबिक गांव राजपुर-छाजपुर के किसान रविंद्र (48) पुत्र शिवचरण की पत्नी दयावती बृहस्पतिवार सुबह करीब छह बजे मंदिर में पूजा के लिए गई थी। उसका पति रविंद्र गांव के मास्टर धर्मपाल के घर अपनी बेची गई खेती की चार बीघा जमीन के पैसे लेने गया था। सुबह करीब सात बजे दयावती मंदिर से वापस आई तो घर के एक कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। दरवाजे न खुलने पर उसने पड़ोसियों को इसकी जानकारी दी। मौके पर पहुंचे लोगों ने दरवाजा न खुलने पर दीवार तोड़ दी। अंदर का नजारा देख सभी के होश उड़ गए। रविंद्र ने छत में लगे गार्टर से फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। इकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। सीओ हरिराम यादव और इंस्पेक्टर प्रभाकर कैंतुरा भी मौके पर पहुंचे। पुलिस को मौके पर एक सुसाइड नोट भी पड़ा मिला। पुलिस ने उसे कब्जे में ले लिया।
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दयावती ने पुलिस को बताया कि आर्थिक तंगी के कारण उसके पति ने अपनी चार बीघा जमीन नौ लाख 60 हजार रुपये (दो लाख 40 हजार रुपये प्रति बीघा) में वर्ष 2013 में गांव के ही मास्टर धर्मपाल को बेच दी थी। उस समय उन्होंने केवल 80 हजार रुपये दिए थे। बाकी रुपये एक माह बाद देने का वायदा किया था। आरोप है कि तब से अब तक धर्मपाल ने कोई पैसा नहीं दिया। रुपये मांगने पर बार-बार टालता आ रहा है। बृहस्पतिवार को पति रविंद्र अपने रुपये मांगने गया था। आरोप है कि मास्टर धर्मपाल ने रुपये देने से इंकार किया तो तनाव में आकर उसके पति ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में भी रविंद्र ने अपनी मौत का जिम्मेदार धर्मपाल और उसके दो बेटों को बताया है।
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इंस्पेक्टर प्रभाकर कैंतुरा ने बताया कि दयावती की तहरीर पर धर्मपाल और उसके दो पुत्रों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। शव का पंचनामा भरने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। घटना की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।