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मुंडेट के दोहरे हत्याकांड में तीन को उम्र कैद की सजा
Updated Wed, 26 Jul 2017 12:03 AM IST
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मुंडेट के दोहरे हत्याकांड में तीन को उम्रकैद
मुजफ्फरनगर। एडीजे प्रथम की अदालत ने शामली जनपद के गांव मुंडेट में 14 साल पहले हुई पिता और पुत्र की हत्या के मामले में तीन दोषियों को आजीवन कारावास के साथ जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा पाने वालों में दो सगे भाई हैं। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में तीन लोगों को बरी कर दिया है।
शामली के थानाभवन थाना क्षेत्र के गांव मुंटेड में यह दोहरा हत्याकांड 17 जनवरी 2003 को हुआ था। मुंडेट के हरेंद्र सिंह ने थाने पर मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि उसका भाई बिजेंद्र और पिता महारूप घटना के दिन खेत पर ट्यूबवेल से फसलों की सिंचाई करने गए थे। नलकूप के बिजली के तार टूटे पड़े थे, जिसको लगाने से विनोद पुत्र महिपाल ने मना किया और गालीगलौज की। इस पर उसके पिता और भाई वापस घर आ गए। साथ ही बताया था कि विनोद पक्ष से वादी पक्ष की रंजिश चल रही थी। कुछ साल पहले बिजेंद्र को कुंवरपाल, विनोद आदि ने गोली मारकर घायल कर दिया था, इस मुकदमे की उसी माह की 23 जनवरी को गवाही देने से मना कर रहे थे। उसके पिता और भाई के घर पहुंचने पर राजेंद्र पुत्र काला, कुंवरपाल पुत्र राजेंद्र, विपिन पुत्र राजेंद्र, श्रीपाल पुत्र चोप सिंह, विनोद पुत्र महिपाल सिंह, राजवीर पुत्र महिपाल बंदूक-रायफल आदि हथियार लेकर घर आए और अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हमलावरों ने उसके पिता महारूप और भाई बिजेंद्र की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश चंद्र सिंह की अदालत संख्या (एक) में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमा सिद्ध करने के लिए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र कुमार त्यागी ने कोर्ट में सात गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए मंगलवार को निर्णय सुनाया। कुंवरपाल और विपिन पुत्रगण राजेंद्र तथा विनोद पुत्र महीपाल को महारूप एवं बिजेंद्र की हत्या करने और हत्या का प्रयास करने का दोषी करार देते हुए धारा 148 के तहत तीन वर्ष का कारावास व 2 हजार रुपये जुर्माना, धारा 307 के तहत 7 वर्ष का कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। बाकी आरोपी राजेंद्र पुत्र काला, श्रीपाल पुत्र चोप सिंह, राजवीर पुत्र महिपाल को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
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मुजफ्फरनगर। एडीजे प्रथम की अदालत ने शामली जनपद के गांव मुंडेट में 14 साल पहले हुई पिता और पुत्र की हत्या के मामले में तीन दोषियों को आजीवन कारावास के साथ जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा पाने वालों में दो सगे भाई हैं। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में तीन लोगों को बरी कर दिया है।
शामली के थानाभवन थाना क्षेत्र के गांव मुंटेड में यह दोहरा हत्याकांड 17 जनवरी 2003 को हुआ था। मुंडेट के हरेंद्र सिंह ने थाने पर मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि उसका भाई बिजेंद्र और पिता महारूप घटना के दिन खेत पर ट्यूबवेल से फसलों की सिंचाई करने गए थे। नलकूप के बिजली के तार टूटे पड़े थे, जिसको लगाने से विनोद पुत्र महिपाल ने मना किया और गालीगलौज की। इस पर उसके पिता और भाई वापस घर आ गए। साथ ही बताया था कि विनोद पक्ष से वादी पक्ष की रंजिश चल रही थी। कुछ साल पहले बिजेंद्र को कुंवरपाल, विनोद आदि ने गोली मारकर घायल कर दिया था, इस मुकदमे की उसी माह की 23 जनवरी को गवाही देने से मना कर रहे थे। उसके पिता और भाई के घर पहुंचने पर राजेंद्र पुत्र काला, कुंवरपाल पुत्र राजेंद्र, विपिन पुत्र राजेंद्र, श्रीपाल पुत्र चोप सिंह, विनोद पुत्र महिपाल सिंह, राजवीर पुत्र महिपाल बंदूक-रायफल आदि हथियार लेकर घर आए और अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हमलावरों ने उसके पिता महारूप और भाई बिजेंद्र की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश चंद्र सिंह की अदालत संख्या (एक) में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमा सिद्ध करने के लिए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र कुमार त्यागी ने कोर्ट में सात गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए मंगलवार को निर्णय सुनाया। कुंवरपाल और विपिन पुत्रगण राजेंद्र तथा विनोद पुत्र महीपाल को महारूप एवं बिजेंद्र की हत्या करने और हत्या का प्रयास करने का दोषी करार देते हुए धारा 148 के तहत तीन वर्ष का कारावास व 2 हजार रुपये जुर्माना, धारा 307 के तहत 7 वर्ष का कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। बाकी आरोपी राजेंद्र पुत्र काला, श्रीपाल पुत्र चोप सिंह, राजवीर पुत्र महिपाल को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
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