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क्राइम ब्रांच ने मखियाली प्रकरण में लगाई एफआर
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क्राइम ब्रांच ने मखियाली प्रकरण में लगाई एफआर
मुजफ्फरनगर। गांव मखियाली निवासी मदनपाल की मौत के मामले में क्राइम ब्रांच ने एफआर लगा दी है। इसके साथ ही इस मामले का पटाक्षेप हो गया है। इस मामले में इंस्पेक्टर नई मंडी समेत आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। चर्चित मामले की जांच क्राइम ब्रांच प्रभारी अजय चौहान को सौंपी गई थी।
नई मंडी कोतवाली पुलिस छह मार्च को क्षेत्र के गांव मखियाली निवासी मोनू पुत्र मदनपाल को उठाने के लिए पहुंची थी। आरोप है कि इस दौरान बेटे को उठाने का विरोध करने पर पुलिसकर्मियों ने मदनपाल से हाथापाई कर दी थी और मोनू का एनकाउंटर करने की बात कहकर उसे मुझेड़ा की तरफ लेकर चले गए थे। हाथापाई और बेटे के एनकाउंटर की धमकी से मदनपाल की हार्टअटैक से मौत हो गई थी, जिसके बाद गांव में ग्रामीणों द्वारा जमकर बवाल किया गया था। अगले दिन मदनपाल की लाश को ग्रामीणों ने हाईवे पर रखकर जाम लगाने का भी प्रयास किया था। बाद में नई मंडी इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह समेत आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद ही ग्रामीण शांत हुए थे। एसएसपी सुधीर कुमार सिंह द्वारा मामले की जांच क्राइम ब्रांच प्रभारी अजय चौहान को दी गई थी। सूत्रों के अनुसार क्राइम ब्रांच द्वारा उक्त चर्चित मामले में एफआर लगाते हुए पुलिस को पूरी तरह से क्लीनचिट दे दी है। इसके साथ ही इस चर्चित मामले का पटाक्षेप हो गया है।
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मुजफ्फरनगर। गांव मखियाली निवासी मदनपाल की मौत के मामले में क्राइम ब्रांच ने एफआर लगा दी है। इसके साथ ही इस मामले का पटाक्षेप हो गया है। इस मामले में इंस्पेक्टर नई मंडी समेत आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। चर्चित मामले की जांच क्राइम ब्रांच प्रभारी अजय चौहान को सौंपी गई थी।
नई मंडी कोतवाली पुलिस छह मार्च को क्षेत्र के गांव मखियाली निवासी मोनू पुत्र मदनपाल को उठाने के लिए पहुंची थी। आरोप है कि इस दौरान बेटे को उठाने का विरोध करने पर पुलिसकर्मियों ने मदनपाल से हाथापाई कर दी थी और मोनू का एनकाउंटर करने की बात कहकर उसे मुझेड़ा की तरफ लेकर चले गए थे। हाथापाई और बेटे के एनकाउंटर की धमकी से मदनपाल की हार्टअटैक से मौत हो गई थी, जिसके बाद गांव में ग्रामीणों द्वारा जमकर बवाल किया गया था। अगले दिन मदनपाल की लाश को ग्रामीणों ने हाईवे पर रखकर जाम लगाने का भी प्रयास किया था। बाद में नई मंडी इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह समेत आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद ही ग्रामीण शांत हुए थे। एसएसपी सुधीर कुमार सिंह द्वारा मामले की जांच क्राइम ब्रांच प्रभारी अजय चौहान को दी गई थी। सूत्रों के अनुसार क्राइम ब्रांच द्वारा उक्त चर्चित मामले में एफआर लगाते हुए पुलिस को पूरी तरह से क्लीनचिट दे दी है। इसके साथ ही इस चर्चित मामले का पटाक्षेप हो गया है।
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