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लोन कराने का झांसा देकर 35 हजार ठगे
Updated Fri, 06 Jul 2018 12:32 AM IST
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लोन कराने का झांसा देकर 35 हजार ठगे
मुजफ्फरनगर। पांच लाख रुपये का लोन कराने के नाम पर दो ठगों ने रामपुरी के युवक से 35 हजार रुपये ठग लिए। निर्धारित समय तक लोन नहीं होने पर आरोपियों के नंबर बंद हो गए, जिसके बाद पीड़ित ने उनके संबंध में जानकारी ली तो उनके फ्रॉड होने का पता चला। अब पीड़ित ने तहरीर देते हुए कार्रवाई की गुहार लगाई है।
शहर के मोहल्ला रामपुरी निवासी सुबोध ने बृहस्पतिवार को सिविल लाइंस थाने में तहरीर देकर बताया कि वह कचहरी परिसर में टाइपिस्ट का काम करता है। पीड़ित के अनुसार, उसके ऑफिस पर काफी समय से एकता विहार निवासी देवेश त्यागी नामक युवक आता था, जो खुद को जनालक्ष्मी बैंक का कर्मचारी बताते हुए विभिन्न लोगों के बैंक लोन संबंधित शपथपत्र बनवाता था। काफी समय से लगातार आने-जाने के दौरान सुबोध की उक्त देवेश त्यागी से जान-पहचान हो गई, जिसके बाद आरोपी ने सुबोध को पांच लाख रुपये का लोन कराने का झांसा दिया। इसके लिए आरोपी ने अपने मोबाइल से किसी गौतम नामक व्यक्ति से सुबोध की बात कराते हुए से जनालक्ष्मी बैंक में मैनेजर बताया। उक्त व्यक्ति ने सुबोध से लोन कराने के लिए 50 हजार रुपये का खर्च बताया, जिस पर विश्वास कर सुबोध ने देवेश त्यागी से बात करते हुए 35 हजार रुपये बतौर एडवांस देना तय कर लिया। पीड़ित के अनुसार, इसके बाद उसने 35 हजार रुपये आरोपियों को दे दिए, जिन्होंने उसे 20 जून तक लोन कराने का आश्वासन दिया। आरोप है कि निर्धारित 20 जून के बाद भी उसका लोन नहीं हुआ तो उसने देवेश त्यागी व कथित मैनेजर के मोबाइल नंबरों पर बात की, लेकिन दोनों के नंबर स्विच ऑफ आते रहे। इस पर पीड़ित जनालक्ष्मी बैंक में गया तो पता चला कि उक्त दोनों ही नाम के कोई कर्मचारी वहां तैनात नहीं हैं। इस पर पीड़ित ने थाने में तहरीर देकर दोनों शातिरों पर 35 हजार रुपये ठगने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की गुहार लगाई है। पुलिस तहरीर के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
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मुजफ्फरनगर। पांच लाख रुपये का लोन कराने के नाम पर दो ठगों ने रामपुरी के युवक से 35 हजार रुपये ठग लिए। निर्धारित समय तक लोन नहीं होने पर आरोपियों के नंबर बंद हो गए, जिसके बाद पीड़ित ने उनके संबंध में जानकारी ली तो उनके फ्रॉड होने का पता चला। अब पीड़ित ने तहरीर देते हुए कार्रवाई की गुहार लगाई है।
शहर के मोहल्ला रामपुरी निवासी सुबोध ने बृहस्पतिवार को सिविल लाइंस थाने में तहरीर देकर बताया कि वह कचहरी परिसर में टाइपिस्ट का काम करता है। पीड़ित के अनुसार, उसके ऑफिस पर काफी समय से एकता विहार निवासी देवेश त्यागी नामक युवक आता था, जो खुद को जनालक्ष्मी बैंक का कर्मचारी बताते हुए विभिन्न लोगों के बैंक लोन संबंधित शपथपत्र बनवाता था। काफी समय से लगातार आने-जाने के दौरान सुबोध की उक्त देवेश त्यागी से जान-पहचान हो गई, जिसके बाद आरोपी ने सुबोध को पांच लाख रुपये का लोन कराने का झांसा दिया। इसके लिए आरोपी ने अपने मोबाइल से किसी गौतम नामक व्यक्ति से सुबोध की बात कराते हुए से जनालक्ष्मी बैंक में मैनेजर बताया। उक्त व्यक्ति ने सुबोध से लोन कराने के लिए 50 हजार रुपये का खर्च बताया, जिस पर विश्वास कर सुबोध ने देवेश त्यागी से बात करते हुए 35 हजार रुपये बतौर एडवांस देना तय कर लिया। पीड़ित के अनुसार, इसके बाद उसने 35 हजार रुपये आरोपियों को दे दिए, जिन्होंने उसे 20 जून तक लोन कराने का आश्वासन दिया। आरोप है कि निर्धारित 20 जून के बाद भी उसका लोन नहीं हुआ तो उसने देवेश त्यागी व कथित मैनेजर के मोबाइल नंबरों पर बात की, लेकिन दोनों के नंबर स्विच ऑफ आते रहे। इस पर पीड़ित जनालक्ष्मी बैंक में गया तो पता चला कि उक्त दोनों ही नाम के कोई कर्मचारी वहां तैनात नहीं हैं। इस पर पीड़ित ने थाने में तहरीर देकर दोनों शातिरों पर 35 हजार रुपये ठगने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की गुहार लगाई है। पुलिस तहरीर के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
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