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राहुल हत्याकांड में चार को उम्रकैद
Updated Fri, 29 Sep 2017 01:19 AM IST
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चार हत्यारों को उम्रकैद
मुजफ्फरनगर। फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-2 ने लांक के छात्र राहुल हत्याकांड में चार हत्यारों को आजीवन कारावास की सुनाई है। अदालत ने हत्यारों पर 94 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। छह वर्ष पूर्व फिरौती के लिए अपहरण कर छात्र की निर्मम हत्या कर शव कुएं में फेंक दिया था।
फुगाना क्षेत्र के गांव लांक निवासी पवन कुमार ने 25 दिसंबर 2011 को मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि गत 24 दिसंबर को उसका पुत्र राहुल (16) घर से बाइक लेकर सामान लेने के लिए बुढ़ाना गया था, मगर लौटकर नहीं आया। शाम को परिजनों के मोबाइल पर फोन आया कि राहुल का अपहरण कर लिया है, लाखों की फिरौती का इंतजाम कर लो, नहीं तो उसकी हत्या कर दी जाएगी, तब पुलिस ने कार्रवाई शुरू करते हुए फोन की डिटेल के आधार पर गांव के ही रविंद्र पुत्र रामफल, फरमान पुत्र मेहरबान, छोटू पुत्र मुद्दा, वाजिद उर्फ सोलू पुत्र नूरहसन और मंगलपुर, कैराना निवासी सतनाम पुत्र रामपाल को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। बाद में इनकी निशानदेही पर लांक के जंगल में चंद्रपाल के ईख खेत में मौजूद कुएं से राहुल की लाश बरामद की। इसके साथ आला कत्ल और मृतक की बाइक, चप्पल, पहचान पत्र आदि बरामद किए। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम राजपूत की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-2 में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रीतू चौधरी ने कोर्ट में आठ गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त रविंद्र, फरमान, सतनाम और वाजिद को अपहरण कर हत्या करने का दोषी करार देते हुए प्रत्येक को धारा 147 के तहत एक वर्ष का कारावास और एक-एक हजार रुपया जुर्माना, धारा 201 के तहत दो वर्ष का कारावास और दो-दो हजार रुपया जुर्माना, धारा 394 के तहत सात वर्ष का कारावास और पांच-पांच हजार रुपया जुर्माना, धारा 364 ए व 302 /149, 120बी के तहत आजीवन कारावास और 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। पांचवें अभियुक्त छोटू जमानत के बाद लापता है, इसलिए इसकी फाइल को अलग किया गया है।
वाजिद कोर्ट में हुआ पेश
मुजफ्फरनगर। तीन दिन पहले कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई के दौरान वाजिद चुपके से फरार हो गया था, जिसके खिलाफ अदालत ने एनबीडब्ल्यू वारंट जारी कर दिए थे। बुधवार को वाजिद कोर्ट में पेश हो गया था।
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बेरहमी से की थी हत्या
मुजफ्फरनगर। राहुल की हत्या बड़ी बेरहमी से की थी। वारदात के दिन बुढ़ाना से लौटते हुए रास्ते में ही उसका अपहरण कर लिया था। परिजनों से लाखों की फिरौती वसूलने के लिए फोन कर दिया था। राहुल को गांव के ही जंगल में रखा गया था। राहुल ने अपहरणकर्ताओं का विरोध किया तो उसी रोज मफलर से गलाघोंट कर और ईंटों से उसका सिर कुचल कर उसकी हत्या कर दी थी। हत्या के बाद हत्यारों ने शव को पास ही मौजूद कुएं में फेंक दिया था।
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मुजफ्फरनगर। फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-2 ने लांक के छात्र राहुल हत्याकांड में चार हत्यारों को आजीवन कारावास की सुनाई है। अदालत ने हत्यारों पर 94 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। छह वर्ष पूर्व फिरौती के लिए अपहरण कर छात्र की निर्मम हत्या कर शव कुएं में फेंक दिया था।
फुगाना क्षेत्र के गांव लांक निवासी पवन कुमार ने 25 दिसंबर 2011 को मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि गत 24 दिसंबर को उसका पुत्र राहुल (16) घर से बाइक लेकर सामान लेने के लिए बुढ़ाना गया था, मगर लौटकर नहीं आया। शाम को परिजनों के मोबाइल पर फोन आया कि राहुल का अपहरण कर लिया है, लाखों की फिरौती का इंतजाम कर लो, नहीं तो उसकी हत्या कर दी जाएगी, तब पुलिस ने कार्रवाई शुरू करते हुए फोन की डिटेल के आधार पर गांव के ही रविंद्र पुत्र रामफल, फरमान पुत्र मेहरबान, छोटू पुत्र मुद्दा, वाजिद उर्फ सोलू पुत्र नूरहसन और मंगलपुर, कैराना निवासी सतनाम पुत्र रामपाल को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। बाद में इनकी निशानदेही पर लांक के जंगल में चंद्रपाल के ईख खेत में मौजूद कुएं से राहुल की लाश बरामद की। इसके साथ आला कत्ल और मृतक की बाइक, चप्पल, पहचान पत्र आदि बरामद किए। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम राजपूत की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-2 में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रीतू चौधरी ने कोर्ट में आठ गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त रविंद्र, फरमान, सतनाम और वाजिद को अपहरण कर हत्या करने का दोषी करार देते हुए प्रत्येक को धारा 147 के तहत एक वर्ष का कारावास और एक-एक हजार रुपया जुर्माना, धारा 201 के तहत दो वर्ष का कारावास और दो-दो हजार रुपया जुर्माना, धारा 394 के तहत सात वर्ष का कारावास और पांच-पांच हजार रुपया जुर्माना, धारा 364 ए व 302 /149, 120बी के तहत आजीवन कारावास और 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। पांचवें अभियुक्त छोटू जमानत के बाद लापता है, इसलिए इसकी फाइल को अलग किया गया है।
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वाजिद कोर्ट में हुआ पेश
मुजफ्फरनगर। तीन दिन पहले कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई के दौरान वाजिद चुपके से फरार हो गया था, जिसके खिलाफ अदालत ने एनबीडब्ल्यू वारंट जारी कर दिए थे। बुधवार को वाजिद कोर्ट में पेश हो गया था।
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बेरहमी से की थी हत्या
मुजफ्फरनगर। राहुल की हत्या बड़ी बेरहमी से की थी। वारदात के दिन बुढ़ाना से लौटते हुए रास्ते में ही उसका अपहरण कर लिया था। परिजनों से लाखों की फिरौती वसूलने के लिए फोन कर दिया था। राहुल को गांव के ही जंगल में रखा गया था। राहुल ने अपहरणकर्ताओं का विरोध किया तो उसी रोज मफलर से गलाघोंट कर और ईंटों से उसका सिर कुचल कर उसकी हत्या कर दी थी। हत्या के बाद हत्यारों ने शव को पास ही मौजूद कुएं में फेंक दिया था।