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किशोरी को अगुवा कर दुष्कर्म करने वाले के दस वर्ष के कारावास की सजा
Updated Thu, 24 Aug 2017 01:00 AM IST
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किशोरी से दुष्कर्म करने वाले को 10 साल की सजा
मुजफ्फरनगर। अदालत ने किशोरी का अपहरण कर बलात्कार करने वाले युवक को दस वर्ष का कारावास और 20 हजार रुपये जर्माना की सजा सुनाई है। अपहरण में सहयोग करने वाली महिला समेत दो को भी सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार खतौली कोतवाली पर क्षेत्र के गांव निवासी पीड़िता के पिता ने 13 जून 2010 यह मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि वह अपनी पत्नी के साथ मजदूरी करने गया था। नाबालिग बेटी घर पर अकेली थी। जिसको पड़ोसी नरेंद्र के यहां रहने वाला उसका भांजा राहुल बहला फुसला कर ले गया। पुलिस ने 20 जून को मेरठ के एक होटल से किशोरी बरामद कर राहुल को गिरफ्तार किया था। पीड़िता के मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान के अनुसार इस मुकदमें में राहुल, पूनम, नरेंद्र , जितेंद्र व सोनू को आरोपी बनाया गया था।
इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे ओमवीर सिंह की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-एक में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सीताराम आर्य ने सात गवाह और सबूत कोर्ट में पेश किए। न्यायाधीश ने दोनो पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त राहुल को अपहरण कर दुराचार करने और पूनम, नरेंद्र को किशोरी का अपहरण करने में सहायता करने का दोषी करार देते हुए राहुल को दस साल के कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना तथा नरेंद्र, पूनम को पांच साल के कारावास, दस-दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जितेंद्र, सोनू को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।
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मुजफ्फरनगर। अदालत ने किशोरी का अपहरण कर बलात्कार करने वाले युवक को दस वर्ष का कारावास और 20 हजार रुपये जर्माना की सजा सुनाई है। अपहरण में सहयोग करने वाली महिला समेत दो को भी सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार खतौली कोतवाली पर क्षेत्र के गांव निवासी पीड़िता के पिता ने 13 जून 2010 यह मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि वह अपनी पत्नी के साथ मजदूरी करने गया था। नाबालिग बेटी घर पर अकेली थी। जिसको पड़ोसी नरेंद्र के यहां रहने वाला उसका भांजा राहुल बहला फुसला कर ले गया। पुलिस ने 20 जून को मेरठ के एक होटल से किशोरी बरामद कर राहुल को गिरफ्तार किया था। पीड़िता के मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान के अनुसार इस मुकदमें में राहुल, पूनम, नरेंद्र , जितेंद्र व सोनू को आरोपी बनाया गया था।
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इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे ओमवीर सिंह की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-एक में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सीताराम आर्य ने सात गवाह और सबूत कोर्ट में पेश किए। न्यायाधीश ने दोनो पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त राहुल को अपहरण कर दुराचार करने और पूनम, नरेंद्र को किशोरी का अपहरण करने में सहायता करने का दोषी करार देते हुए राहुल को दस साल के कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना तथा नरेंद्र, पूनम को पांच साल के कारावास, दस-दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जितेंद्र, सोनू को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।
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