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बालिका की हत्या में युवक दोषी करार
Updated Fri, 30 Nov 2018 12:07 AM IST
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बच्ची की हत्या में युवक दोषी करार
मुजफ्फरनगर। फुगाना के गांव फतेहपुर खेड़ी में छह साल पहले हुई आठ साल की बच्ची की हत्या के मामले में एक युवक को दोषी करार दिया है। सजा पर सुनवाई तीन दिसंबर को होगी। बच्ची की नृशंस हत्या करने वाले को उच्च न्यायालय से भी जमानत नहीं मिल पाई थी।
थाना फुगाना पर गांव फतेहपुर खेड़ी निवासी संजय सैनी ने यह मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी आठ वर्षीया पुत्री रिया 25 जून 2012 की शाम से लापता थी, जिसकी लाश 26 जून 2012 को जंगल में खेत से बरामद हुई, जिसे देख कर नृशंसता प्रत्यक्ष दिखाई दी थी। मासूम को ग्रामीणों ने गांव के ही प्रदीप पुत्र रतन सिंह सैनी के साथ देखा था। मुकदमे में प्रदीप को आरोपी बनाया गया था। बताया था कि प्रदीप नशेड़ी था और कुछ समय पूर्व एक अन्य लड़की से छेड़खानी की थी, जिसके लिए गांव में पंचायत की गयी थी और उस पंचायत में संजय सैनी ने प्रदीप को थप्पड़ मारा था, जिसका बदला प्रदीप ने संजय की मासूम बेटी रिया की नृशंस हत्या करके लिया था। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गौरव कुमार श्रीवास्तव की अदालत संख्या- 1 में हुई। एडीजीसी जितेंद्र कुमार त्यागी ने कोर्ट में सात गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त प्रदीप को बच्ची का अपहरण कर हत्या का दोषी करार दिया है। सजा तीन दिसंबर को सुनाई जाएगी।
दुष्कर्मी को दस वर्ष की सजा
मुजफ्फरनगर। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के जुर्म में एक युवक को कारावास व जुर्माना की सजा सुनाई है। जनपद शामली के थाना बाबरी क्षेत्र के एक गांव निवासी ने यह मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी नाबालिग पुत्री को अब्दुल्ला पुत्र खलील निवासी भैंसानी 23 नवंबर 2007 को बहका फसला कर अपरहण कर ले गया। पुलिस ने 14 दिसंबर 2007 को किशोरी को बरामद कर उसका बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराया, जिसमें दुराचार करने का आरोप भी किशोरी ने लगाया था। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या- 3 में हुई। एडीजीसी नरेश कुमार शर्मा ने कोर्ट में 11 गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त अब्दुल्ला को अपहरण और दुष्कर्म के मामले में दोषी करार देते हुए धारा 363 के तहत चार वर्ष का कारावास व एक हजार रूपया का जुर्माना , धारा 376 के तहत दस वर्ष का कारावास व दो हजार रुपये का जुर्माना की सजा सुनाई है।
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मुजफ्फरनगर। फुगाना के गांव फतेहपुर खेड़ी में छह साल पहले हुई आठ साल की बच्ची की हत्या के मामले में एक युवक को दोषी करार दिया है। सजा पर सुनवाई तीन दिसंबर को होगी। बच्ची की नृशंस हत्या करने वाले को उच्च न्यायालय से भी जमानत नहीं मिल पाई थी।
थाना फुगाना पर गांव फतेहपुर खेड़ी निवासी संजय सैनी ने यह मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी आठ वर्षीया पुत्री रिया 25 जून 2012 की शाम से लापता थी, जिसकी लाश 26 जून 2012 को जंगल में खेत से बरामद हुई, जिसे देख कर नृशंसता प्रत्यक्ष दिखाई दी थी। मासूम को ग्रामीणों ने गांव के ही प्रदीप पुत्र रतन सिंह सैनी के साथ देखा था। मुकदमे में प्रदीप को आरोपी बनाया गया था। बताया था कि प्रदीप नशेड़ी था और कुछ समय पूर्व एक अन्य लड़की से छेड़खानी की थी, जिसके लिए गांव में पंचायत की गयी थी और उस पंचायत में संजय सैनी ने प्रदीप को थप्पड़ मारा था, जिसका बदला प्रदीप ने संजय की मासूम बेटी रिया की नृशंस हत्या करके लिया था। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गौरव कुमार श्रीवास्तव की अदालत संख्या- 1 में हुई। एडीजीसी जितेंद्र कुमार त्यागी ने कोर्ट में सात गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त प्रदीप को बच्ची का अपहरण कर हत्या का दोषी करार दिया है। सजा तीन दिसंबर को सुनाई जाएगी।
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दुष्कर्मी को दस वर्ष की सजा
मुजफ्फरनगर। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के जुर्म में एक युवक को कारावास व जुर्माना की सजा सुनाई है। जनपद शामली के थाना बाबरी क्षेत्र के एक गांव निवासी ने यह मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी नाबालिग पुत्री को अब्दुल्ला पुत्र खलील निवासी भैंसानी 23 नवंबर 2007 को बहका फसला कर अपरहण कर ले गया। पुलिस ने 14 दिसंबर 2007 को किशोरी को बरामद कर उसका बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराया, जिसमें दुराचार करने का आरोप भी किशोरी ने लगाया था। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या- 3 में हुई। एडीजीसी नरेश कुमार शर्मा ने कोर्ट में 11 गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त अब्दुल्ला को अपहरण और दुष्कर्म के मामले में दोषी करार देते हुए धारा 363 के तहत चार वर्ष का कारावास व एक हजार रूपया का जुर्माना , धारा 376 के तहत दस वर्ष का कारावास व दो हजार रुपये का जुर्माना की सजा सुनाई है।
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