ठेकों पर तोड़फोड़ में 176 पर रिपोर्ट
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शराब की दुकानों के विरोध में सोमवार शाम महिला-पुरुषों ने अलमासपुर में ठेके में तोड़फोड़ कर कर्मचारियों की पिटाई की थी। इसके बाद भीड़ ने सिविल लाइन क्षेत्र में भोपा पुल के नीचे स्थित ठेके पर बैठे लोगों की पिटाई कर वहां रखे सामान को तोड़ डाला था। तीसरी घटना में देर रात जानसठ रोड पर खुले ठेके पर भीड़ ने धावा बोलकर वहां रखी शराब को लूट लिया और ठेके में आग लगाने का प्रयास किया था। एसपी सिटी ने रात में ही मौके पर जाकर हालात को संभाला था। नाराज अफसरों ने प्रभारी निरीक्षकों को हंगामा करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए थे।
पुलिस ने नई मंडी कोतवाली में शराब कंपनी के सिटी इंचार्ज सुनील तोमर की शिकायत पर अलमासुपर निवासी हिमांशु सैनी, लोकेश सैनी, नरेश सैनी, दो सगे भाई संदीप कश्यप और सोमपाल, अजय और 40-50 अज्ञात पुरुष और 30-40 अज्ञात महिलाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। मामले के आरोपी हिमांशु, लोकेश, नरेश, संदीप और सोमपाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दूसरी रिपोर्ट में शराब कंपनी इंचार्ज प्रदीप चौधरी की ओर से अलमासपुर निवासी अनुपाल सैनी, नेपाल सैनी, राजकुमार सैनी, सूरज प्रकाश त्यागी, बिशंभर सैनी, श्रवण सिंह, कपिल शर्मा, ललित कुमार, कुलदीप सैनी, प्रदीप सैनी के अलावा 25-30 अज्ञात महिलाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
तीसरी रिपोर्ट सिविल लाइन के भोपा पुल के नीचे स्थित ठेके पर हंगामा और तोड़फोड़ करने के आरोप में रेलपार शिवपुरी निवासी पप्पू, भगतजी, जोन, सागर, झंडू, डोन, विक्की, रतन, सीमा, संतोष, धर्मली, नीशा, लीला, रानी और संतोष के अलावा 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
नेताओं का लगा जमावड़ा, युवकों को छुड़ाने की गुहार
मुजफ्फरनगर। ठेकों पर तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने बड़ी संख्या में लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसका पता चलने पर रात से ही नेताओं ने थाना पुलिस से अपने चहेतों के नाम के बारे में पता करना शुरू कर दिया था। पुलिस ने करीब एक दर्जन लोगों को उठाया था, जिनमें से मात्र पांच को ही जेल भेजा है, बाकी को छोड़ दिया है। जेल भेजने वालों से अलग युवकों को छुड़वाने के लिए नेताओं की भीड़ रात से ही पुलिस से बात करने के लिए थानों में जमा थी।
युवकों को निर्दोष बता कोतवाली पर हंगामा
मुजफ्फरनगर। शराब ठेकों पर तोड़फोड़ करने के मामले में पुलिस द्वारा दर्जनभर युवकों को उठाने पर ग्रामीणों ने नई मंडी कोतवाली पर प्रदर्शन किया। पुलिस द्वारा कोई सहायता नहीं करने पर लोग वापस लौट गए। नईमंडी कोतवाली के बिलासपुर में देर रात लोगों ने शराब के ठेकों के खिलाफ हंगामा काटते हुए तोड़फोड़ कर दी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले में दर्जनभर युवकों को हिरासत में लिया था। ग्रामीणों ने पकड़े गए लोगों को निर्दोष बताते हुए मंगलवार सुबह नई मंडी कोतवाली पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना था कि हंगामा करने वाले तो पुलिस को देखकर भाग गए थे और बाद में पुलिस ने निर्दोष लोगों को उठा लिया। पुलिस की ओर से कोई सहायता नहीं मिलने पर ग्रामीण वहां से लौट गए।
शराब के विरोध में सड़कों पर उतरी महिलाएं
चरथावल। क्षेत्र के बुड्ढ़ाखेड़ा की देशी शराब की दुकान को मंगलवार सुबह महिलाएं बंद कराने के लिए पहुंची। आक्रोशित महिलाओं ने दुकान पर रखे सामान को उठाकर बाहर फेंकना शुरू कर दिया और दुकान पर ताला लगा दिया। महिलाओं के गुस्से को देख दुकान पर बैठे सेल्समैन वहां से भाग गए। महिलाओं का कहना था कि शराब से परिवार बर्बाद हो रहे हैं। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक संजीव शर्मा फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। धरने पर बैठी महिलाओं को समझाया कि ठेका हटवाना पुलिस के हाथ में नहीं है। काफी देर समझाने के बाद महिलाओं ने बुधवार को जिला मुख्यालय जाकर डीएम से ठेका हटवाने के लिए मिलने की बात पर धरना समाप्त कर दिया।
उधर, कस्बे में महादेव मंदिर के निकट स्थित दुकानों को हटवाने के लिए प्रशासन को दिए गए एक पखवाड़े का समय समाप्त होने पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे गुस्साए युवाओं ने शराब की दुकानें मंदिर के पास से हटवाने के लिए बेमियादी धरना शुरू कर दिया। धरने पर वक्ताओं ने कहा कि शराब की लत से नई पीढ़ी का भविष्य खराब हो रहा है। फैसला लिया कि दुकानें मौके से हटने के बाद ही धरना समाप्त होगा। धरने पर अंकित आर्य, दर्पण कंसल, अमन शर्मा, हिमांशु आर्य, विजय त्यागी, मनोज कंसल, सुधीर सिंघल, नौशाद त्यागी, तोषण आर्य, लाल्ला, आदेश त्यागी, यशवीर सैनी, प्रशांत त्यागी, आशीष आर्य, आकाश आर्य मौजूद रहे।