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फुगाना पुलिस ने पकड़ीं दो तमंचा फैक्टरी
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फुगाना पुलिस ने पकड़ीं दो तमंचा फैक्टरी
मुजफ्फरनगर। फुगाना थाना पुलिस ने गांव हबीबपुर सीकरी में दबिश देकर दो तमंचा फैक्टरियों का भंडाफोड़ किया। दोनों फैक्टरियों को दो सगे भाई चला रहे थे, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। मौके से बड़ी मात्रा में बने-अधबने तमंचे-बंदूकें व पार्ट्स और तमंचे बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं।
पुलिस लाइन स्थित सभागार में प्रेसवार्ता करते हुए एसएसपी सुधीर कुमार सिंह और एसपी देहात आलोक शर्मा ने इस संबंध में जानकारी दी। कप्तान ने बताया कि फुगाना पुलिस ने एसओ सूबेसिंह के नेतृत्व में मंगलवार शाम सूचना के आधार पर गांव हबीबपुर सीकरी में दबिश दी। एसएसपी ने बताया कि गांव निवासी शमशाद व दिलशाद पुत्रगण महमूद के घरों पर छापे मारते हुए जांच की गई तो दोनों भाइयों के घर में तहखाने मिले, जहां असलहा बनाए जा रहे थे। मौके से 50 से अधिक बने-अधबने तमंचे व बंदूकें, तमंचे बनाने के पार्ट्स और उपकरण बरामद किए गए। इसके साथ ही दोनों फैक्टरियों से म्यूजिक सिस्टम भी मिले, जिन्हें तमंचे बनाते समय होने वाली आवाजों को दबाने के लिए बजाया जाता था। एसएसपी ने बताया कि दोनों भाई महीने में करीब 20 से 25 तक तमंचे बना लेते थे, जिनकी लागत उन्हें करीब छह सौ रुपये पड़ती थी, लेकिन वह दो से ढाई हजार रुपये में बेचा जाता था। इस तरह एक तमंचे पर आरोपियों को डेढ़ से दो हजार रुपये तक बच जाते थे। इसके चलते दोनों भाई इसे कुटीर उद्योग की तरह चला रहे थे। एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों से तमंचे खरीदने वालों में गांव कुरावा निवासी एक युवक का नाम सामने आया है, जिसकी तलाश की जा रही है। दोनों सगे भाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। एसएसपी ने तमंचा फैक्टरियों का भंडाफोड़ करने वाली पुलिस टीम को 15 हजार रुपये पुरस्कार देने की भी घोषणा की है।
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मुजफ्फरनगर। फुगाना थाना पुलिस ने गांव हबीबपुर सीकरी में दबिश देकर दो तमंचा फैक्टरियों का भंडाफोड़ किया। दोनों फैक्टरियों को दो सगे भाई चला रहे थे, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। मौके से बड़ी मात्रा में बने-अधबने तमंचे-बंदूकें व पार्ट्स और तमंचे बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं।
पुलिस लाइन स्थित सभागार में प्रेसवार्ता करते हुए एसएसपी सुधीर कुमार सिंह और एसपी देहात आलोक शर्मा ने इस संबंध में जानकारी दी। कप्तान ने बताया कि फुगाना पुलिस ने एसओ सूबेसिंह के नेतृत्व में मंगलवार शाम सूचना के आधार पर गांव हबीबपुर सीकरी में दबिश दी। एसएसपी ने बताया कि गांव निवासी शमशाद व दिलशाद पुत्रगण महमूद के घरों पर छापे मारते हुए जांच की गई तो दोनों भाइयों के घर में तहखाने मिले, जहां असलहा बनाए जा रहे थे। मौके से 50 से अधिक बने-अधबने तमंचे व बंदूकें, तमंचे बनाने के पार्ट्स और उपकरण बरामद किए गए। इसके साथ ही दोनों फैक्टरियों से म्यूजिक सिस्टम भी मिले, जिन्हें तमंचे बनाते समय होने वाली आवाजों को दबाने के लिए बजाया जाता था। एसएसपी ने बताया कि दोनों भाई महीने में करीब 20 से 25 तक तमंचे बना लेते थे, जिनकी लागत उन्हें करीब छह सौ रुपये पड़ती थी, लेकिन वह दो से ढाई हजार रुपये में बेचा जाता था। इस तरह एक तमंचे पर आरोपियों को डेढ़ से दो हजार रुपये तक बच जाते थे। इसके चलते दोनों भाई इसे कुटीर उद्योग की तरह चला रहे थे। एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों से तमंचे खरीदने वालों में गांव कुरावा निवासी एक युवक का नाम सामने आया है, जिसकी तलाश की जा रही है। दोनों सगे भाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। एसएसपी ने तमंचा फैक्टरियों का भंडाफोड़ करने वाली पुलिस टीम को 15 हजार रुपये पुरस्कार देने की भी घोषणा की है।
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