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जंगली कुतों ने बच्ची को नोंचकर मार डाला
Updated Thu, 29 Jun 2017 01:19 AM IST
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कुत्तों ने बच्ची को नोचकर मार डाला
चरथावल। बच्चों संग कुटेसरा के जंगल में खेलती हुई पहुंची आठ साल की एक बच्ची को जंगली कुत्तों ने नोचकर मार डाला। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का मुआयना किया। ग्रामीणों को बुलाकर शव की शिनाख्त कराई। परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कार्रवाई के शव को सुपुर्दगी में लेकर सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
बुधवार को कुटेसरा निवासी अब्दुल बारीक की धेवती इल्मा (8) पुत्री फरमान कुछ दिन पूर्व अपनी मां के साथ कुटेसरा आई थी। बुधवार दोपहर करीब दो बजे वह बच्चों के साथ एक बुग्गी में बैठकर कुटेसरा-अमलिया-देवबंद मार्ग पर खेलते हुए निकल गई। लोगों का कहना है कि किसी वाहन ने बच्ची को टक्कर मारकर घायलावस्था में जंगल में छोड़ दिया। बच्ची के साथ गए अन्य बच्चे कुत्तों के भय से वापस आ गए। जंगली कुत्तों के झुंड ने बच्ची पर हमला कर दिया। कई जगह से बुरी तरह नोंच डाला। कुत्तों के हमले के बाद बच्ची का शव शाम साढ़े चार बजे तक सुनसान जंगल में पड़ा रहा। एक किसान ने जंगल से चरी लेकर आते हुए बच्ची का शव पड़ा होने की सूचना गांव में दी। सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए। कुटेसरा चौकी प्रभारी ने घटनास्थल पर जाकर शव की शिनाख्त कराई। पूर्व प्रधान तंजीम त्यागी ने बताया कि बच्ची उनके चचेरे भाई अब्दुल बारीक की धेवती थी।
थाना प्रभारी डीके त्यागी ने बताया कि आशंका है कि किसी वाहन ने टक्कर मारने के बाद घायल बच्ची को जंगल में छोड़ दिया। उसके बाद कुत्तों ने उसे नोंच डाला। परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम शव को सुपुर्दगी में लेकर अंतिम संस्कार कर दिया। कुत्तों के हमले से बच्ची की मौत पर गांववासी हैरान और दहशत में हैं। विदित हो कि डेढ़ साल पूर्व रसूलपुर गांव में चार साल के बच्चे को भी कुत्तों ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया था।
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चरथावल। बच्चों संग कुटेसरा के जंगल में खेलती हुई पहुंची आठ साल की एक बच्ची को जंगली कुत्तों ने नोचकर मार डाला। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का मुआयना किया। ग्रामीणों को बुलाकर शव की शिनाख्त कराई। परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कार्रवाई के शव को सुपुर्दगी में लेकर सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
बुधवार को कुटेसरा निवासी अब्दुल बारीक की धेवती इल्मा (8) पुत्री फरमान कुछ दिन पूर्व अपनी मां के साथ कुटेसरा आई थी। बुधवार दोपहर करीब दो बजे वह बच्चों के साथ एक बुग्गी में बैठकर कुटेसरा-अमलिया-देवबंद मार्ग पर खेलते हुए निकल गई। लोगों का कहना है कि किसी वाहन ने बच्ची को टक्कर मारकर घायलावस्था में जंगल में छोड़ दिया। बच्ची के साथ गए अन्य बच्चे कुत्तों के भय से वापस आ गए। जंगली कुत्तों के झुंड ने बच्ची पर हमला कर दिया। कई जगह से बुरी तरह नोंच डाला। कुत्तों के हमले के बाद बच्ची का शव शाम साढ़े चार बजे तक सुनसान जंगल में पड़ा रहा। एक किसान ने जंगल से चरी लेकर आते हुए बच्ची का शव पड़ा होने की सूचना गांव में दी। सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए। कुटेसरा चौकी प्रभारी ने घटनास्थल पर जाकर शव की शिनाख्त कराई। पूर्व प्रधान तंजीम त्यागी ने बताया कि बच्ची उनके चचेरे भाई अब्दुल बारीक की धेवती थी।
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थाना प्रभारी डीके त्यागी ने बताया कि आशंका है कि किसी वाहन ने टक्कर मारने के बाद घायल बच्ची को जंगल में छोड़ दिया। उसके बाद कुत्तों ने उसे नोंच डाला। परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम शव को सुपुर्दगी में लेकर अंतिम संस्कार कर दिया। कुत्तों के हमले से बच्ची की मौत पर गांववासी हैरान और दहशत में हैं। विदित हो कि डेढ़ साल पूर्व रसूलपुर गांव में चार साल के बच्चे को भी कुत्तों ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया था।
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