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पुलिस फोर्स ने खंगाला शेर का पिंजरा
Updated Fri, 07 Jul 2017 12:39 AM IST
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खालापार प्रकरण में पुलिस ने बढ़ाई 56 नामजदगी
मुजफ्फरनगर। खालापार प्रकरण में पुलिस ने फ्रंटफुट पर आकर बैटिंग करनी शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को पुलिस ने मामले में न सिर्फ नामजदगी बढ़ा दी, बल्कि चर्चित हाजी शेर और उसके आठ परिजन और रिश्तेदारों को नामजद कर दिया। ट्रेनी आईपीएस मणीलाल पाटीदार के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने खालापार में दबिश दी। आरोपी परिजनों सहित घर से फरार हो गया है। शेर के साथ उसके रिश्तेदारों के आवासों पर भी दबिशें दी गई। भारी पुलिस बल देख कस्सावान में भगदड़ मच गई।
खालापार प्रकरण में बृहस्पतिवार को पुलिस खुलकर बैटिंग करने के मूड में दिखाई दी। दोपहर के समय ट्रेनी आईपीएस मणीलाल पाटीदार के नेतृत्व में जिस समय खालापार के चर्चित हाजी शेर के मकान पर भारी पुलिस बल ने दबिश दी, तो वहां भगदड़ मच गई। शेर के नहीं मिलने पर पुलिस ने उसके रिश्तेदारों के घर खंगाले, लेकिन किसी के नहीं मिलने पर पुलिस को वहां से खाली हाथ बैरंग लौटना पड़ा। पुलिस ने जांच में 56 लोगों की नामजदगी बढ़ा दी है। जिसमेें हाजी शेर, बेटे, भतीजे और दामाद को नामजद किया गया है। फोर्स को देख कस्सावान में भगदड़ मच गई और लोग घरों में दुबक गए तथा बाजार बंद होता चला गया। बताते चलें कि ईद से अगले दिन 27 जून की सुबह खालापार के कस्सावान मोहल्ले में गोकशी की सूचना पर दबिश देने गई पुलिस पार्टी ने मौके से तीन युवकों को पकड़ लिया था। युवकों के शोर मचाने पर भीड़ ने पुलिस पर हमला कर तीनों को छुड़ा लिया था और कोतवाली की गाड़ी तोड़ दी थी। माहौल इतना बिगड़ गया था पुलिस को मौके से भागकर जान बचानी पड़ी थी। इसके बाद में कई थानों के फोर्स के साथ दबिश दी गई थी, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। पुलिस ने अपनी ओर से उस समय 17 लोगों को नामजद और 25-30 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। आरोपी हाजी पहले भी कई बार पुलिस पर हमलों में चर्चाओं में रहा है। पिछली सरकार के दौरान हाजी की पुलिस विभाग में तूती बोलती थी। पुलिस इसके खिलाफ कार्रवाई करने से बचती रहती थी। सरकार बदली तो हाजी कार्रवाई के लपेटे में आ गया।
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वीडियो क्लिप ने बढ़ाई मुश्किलें
मुजफ्फरनगर। नामजद हाजी शेर को आठ रिश्तेदारों और परिजनों सहित नामजद करने से पहले पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। मामले में पुलिस की किरकिरी हुई थी। 27 जून को खालापार के बवाल के दौरान मौके पर पुलिस, मीडिया और लोगों द्वारा बनाई गई वीडियो में हाजी के परिजनों की तोड़फोड़ साफ दिखाई दे रही थी। एक वीडियो में शेर तत्कालीन सीओ सिटी से बहस करता नजर आ रहा था। शुरू में पुलिस पर आरोप लगा था कि पुलिस ने हाजी के इशारे पर ही नामजदगी की है, लेकिन बढ़ते दबाव और वीडियो क्लिप ने उसकी मुश्किलों को बढ़ा दिया। पुलिस ने जांच में उसकी परिजनों सहित नामजदगी बढ़ा कर उसकी पीछा करना शुुरू कर दिया है।
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मुजफ्फरनगर। खालापार प्रकरण में पुलिस ने फ्रंटफुट पर आकर बैटिंग करनी शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को पुलिस ने मामले में न सिर्फ नामजदगी बढ़ा दी, बल्कि चर्चित हाजी शेर और उसके आठ परिजन और रिश्तेदारों को नामजद कर दिया। ट्रेनी आईपीएस मणीलाल पाटीदार के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने खालापार में दबिश दी। आरोपी परिजनों सहित घर से फरार हो गया है। शेर के साथ उसके रिश्तेदारों के आवासों पर भी दबिशें दी गई। भारी पुलिस बल देख कस्सावान में भगदड़ मच गई।
खालापार प्रकरण में बृहस्पतिवार को पुलिस खुलकर बैटिंग करने के मूड में दिखाई दी। दोपहर के समय ट्रेनी आईपीएस मणीलाल पाटीदार के नेतृत्व में जिस समय खालापार के चर्चित हाजी शेर के मकान पर भारी पुलिस बल ने दबिश दी, तो वहां भगदड़ मच गई। शेर के नहीं मिलने पर पुलिस ने उसके रिश्तेदारों के घर खंगाले, लेकिन किसी के नहीं मिलने पर पुलिस को वहां से खाली हाथ बैरंग लौटना पड़ा। पुलिस ने जांच में 56 लोगों की नामजदगी बढ़ा दी है। जिसमेें हाजी शेर, बेटे, भतीजे और दामाद को नामजद किया गया है। फोर्स को देख कस्सावान में भगदड़ मच गई और लोग घरों में दुबक गए तथा बाजार बंद होता चला गया। बताते चलें कि ईद से अगले दिन 27 जून की सुबह खालापार के कस्सावान मोहल्ले में गोकशी की सूचना पर दबिश देने गई पुलिस पार्टी ने मौके से तीन युवकों को पकड़ लिया था। युवकों के शोर मचाने पर भीड़ ने पुलिस पर हमला कर तीनों को छुड़ा लिया था और कोतवाली की गाड़ी तोड़ दी थी। माहौल इतना बिगड़ गया था पुलिस को मौके से भागकर जान बचानी पड़ी थी। इसके बाद में कई थानों के फोर्स के साथ दबिश दी गई थी, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। पुलिस ने अपनी ओर से उस समय 17 लोगों को नामजद और 25-30 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। आरोपी हाजी पहले भी कई बार पुलिस पर हमलों में चर्चाओं में रहा है। पिछली सरकार के दौरान हाजी की पुलिस विभाग में तूती बोलती थी। पुलिस इसके खिलाफ कार्रवाई करने से बचती रहती थी। सरकार बदली तो हाजी कार्रवाई के लपेटे में आ गया।
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वीडियो क्लिप ने बढ़ाई मुश्किलें
मुजफ्फरनगर। नामजद हाजी शेर को आठ रिश्तेदारों और परिजनों सहित नामजद करने से पहले पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। मामले में पुलिस की किरकिरी हुई थी। 27 जून को खालापार के बवाल के दौरान मौके पर पुलिस, मीडिया और लोगों द्वारा बनाई गई वीडियो में हाजी के परिजनों की तोड़फोड़ साफ दिखाई दे रही थी। एक वीडियो में शेर तत्कालीन सीओ सिटी से बहस करता नजर आ रहा था। शुरू में पुलिस पर आरोप लगा था कि पुलिस ने हाजी के इशारे पर ही नामजदगी की है, लेकिन बढ़ते दबाव और वीडियो क्लिप ने उसकी मुश्किलों को बढ़ा दिया। पुलिस ने जांच में उसकी परिजनों सहित नामजदगी बढ़ा कर उसकी पीछा करना शुुरू कर दिया है।
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