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दंगा पीड़ितों से नौकरी लगवाने के नाम पर 10 लाख ठगे
Updated Thu, 06 Jul 2017 12:27 AM IST
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दंगा पीड़ितों से नौकरी लगवाने के नाम पर 10 लाख ठगे
शाहपुर (मुजफ्फरनगर)। दंगा पीड़ितों से सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 10 लाख रुपये की ठगी के मामले में पीड़ितों ने मेरठ निवासी जमशेद के विरुद्ध थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
शाहपुर क्षेत्र के गांव पलड़ा में दंगों के बाद कुटबा से आकर बसे दंगा पीड़ित विस्थापितों के प्रति हमदर्दी जताते हुए उनकी नौकरी लगवाने के नाम से दस लोगों से दस लाख की मोटी रकम ऐंठने वाले मेरठ के गांव शाहजहांपुर निवासी जमशेद के विरुद्ध तहरीर दी गई। आरोप है कि दंगा पीड़ितों को विस्थापित होने के बाद सरकार से मिली आर्थिक मदद मिलने के बाद वर्ष 2014 में उनके पास आए जमशेद ने हमदर्दी दिखाते हुए सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर दंगा पीड़ित हुसैन से 3 लाख, हारून से 1.2 लाख, तौफीक से एक लाख, जाउल से 1.10 लाख व जफर, नासिर, सालिम, सद्दाम, तस्लीम, शकील से 50-50 हजार रुपये ऐंठ लिए। पीड़ित तीन वर्षों से उसके चक्कर काट रहे है। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें सरकार से मिली मदद को उक्त आरोपी ठग कर ले गया। दंगा पीड़ित विस्थापितों की तहरीर पर पुलिस ने जमशेद के घर दबिश दी लेकिन वह नहीं मिला।
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शाहपुर (मुजफ्फरनगर)। दंगा पीड़ितों से सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 10 लाख रुपये की ठगी के मामले में पीड़ितों ने मेरठ निवासी जमशेद के विरुद्ध थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
शाहपुर क्षेत्र के गांव पलड़ा में दंगों के बाद कुटबा से आकर बसे दंगा पीड़ित विस्थापितों के प्रति हमदर्दी जताते हुए उनकी नौकरी लगवाने के नाम से दस लोगों से दस लाख की मोटी रकम ऐंठने वाले मेरठ के गांव शाहजहांपुर निवासी जमशेद के विरुद्ध तहरीर दी गई। आरोप है कि दंगा पीड़ितों को विस्थापित होने के बाद सरकार से मिली आर्थिक मदद मिलने के बाद वर्ष 2014 में उनके पास आए जमशेद ने हमदर्दी दिखाते हुए सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर दंगा पीड़ित हुसैन से 3 लाख, हारून से 1.2 लाख, तौफीक से एक लाख, जाउल से 1.10 लाख व जफर, नासिर, सालिम, सद्दाम, तस्लीम, शकील से 50-50 हजार रुपये ऐंठ लिए। पीड़ित तीन वर्षों से उसके चक्कर काट रहे है। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें सरकार से मिली मदद को उक्त आरोपी ठग कर ले गया। दंगा पीड़ित विस्थापितों की तहरीर पर पुलिस ने जमशेद के घर दबिश दी लेकिन वह नहीं मिला।
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