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Sirsa News: हैफेड के ई-टेंडर से खरीदी यूरिया मिली कृषि ग्रेड, 267 बैग में मिला नीम ऑयल, दिल्ली की गुप्ता केमिकल्स से आए थे 420 बैग, 267 बैग की जांच ने खोल दी पोल, जिम्मेदारी अधिकारी और सप्लायर पर प्राथमिकी दर्ज
Wed, 09 Sep 2026 10:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 09 Sep 2026 10:25 PM IST
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हैफेड के गोदाम पर यूरिया की जांच करने पहुंची टीम।
- फोटो : 1
सिरसा। सकताखेड़ा स्थित हैफेड एनिमल फीड प्लांट में औद्योगिक ग्रेड के नाम पर खरीदी गई यूरिया की गुणवत्ता जांच में कृषि उपयोग वाली यूरिया के संकेत मिले हैं। प्लांट में मिले 267 बैग यूरिया के नमूने की प्रयोगशाला जांच में यूरिया के नमूने में 0.04 प्रतिशत नीम ऑयल पाया गया।
रिपोर्ट सामने आने के बाद गुण नियंत्रण निरीक्षक अमित कुमार की शिकायत पर पुलिस ने हैफेड एनिमल फीड प्लांट और सप्लायर गुप्ता केमिकल्स के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। यह कार्रवाई भारतीय किसान एकता के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख की शिकायत की जांच के बाद हुई।
2 जुलाई को उप निदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के निर्देश पर गुण नियंत्रण निरीक्षक ने किसानों और प्लांट मैनेजर प्रदीप खन्ना की मौजूदगी में प्लांट का निरीक्षण किया। मैनेजर ने बताया कि प्लांट में इस्तेमाल होने वाली यूरिया की खरीद हैफेड मुख्यालय की ओर से ई-टेंडर के माध्यम से की जाती है। खरीद से संबंधित 10 अक्तूबर 2025 का बिल भी प्रस्तुत किया गया।
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बिल के अनुसार गुप्ता केमिकल्स, 180-सी गली अब्दुल हकीम, तिलक बाजार, दिल्ली द्वारा हैफेड एनिमल फीड प्लांट को 21 हजार किलोग्राम यानी 420 बैग इंडस्ट्रियल ग्रेड यूरिया सप्लाई की गई थी। 50 किलोग्राम के प्रत्येक बैग की कीमत 27.92 रुपये प्रति किलोग्राम थी।
यूरिया की कीमत 5 लाख 86 हजार 320 रुपये और आईजीएसटी 1 लाख 5 हजार 537 रुपये सहित कुल भुगतान 6 लाख 91 हजार 857 रुपये किया गया। निरीक्षण के दौरान कट्टों पर सिर्फ औद्योगिक इस्तेमाल के लिए टेक्निकल ग्रेड यूरिया अंकित मिला। गुणवत्ता जांच के लिए नमूना लिया गया और उप निदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के माध्यम से प्रयोगशाला भेजा गया।
23 जुलाई को आई जांच रिपोर्ट में नमूने में 0.04 प्रतिशत नीम ऑयल पाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई की गई। शिकायतकर्ता लखविंदर सिंह औलख का दावा है कि उन्होंने दस्तावेजों के आधार पर मामले को उठाया था और कार्रवाई की मांग की थी।
दिल्ली की संबंधित फर्म पर पंजाब में भी इसी तरह का मामला सामने आ चुका है। इस मुद्दे को लेकर औलख ने विभागीय अधिकारियों के समक्ष शिकायत रखी थी। वहीं विभाग का कहना है कि प्रयोगशाला रिपोर्ट मिलते ही नियमानुसार कदम उठाया गया।
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रिपोर्ट सामने आने के बाद गुण नियंत्रण निरीक्षक अमित कुमार की शिकायत पर पुलिस ने हैफेड एनिमल फीड प्लांट और सप्लायर गुप्ता केमिकल्स के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। यह कार्रवाई भारतीय किसान एकता के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख की शिकायत की जांच के बाद हुई।
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2 जुलाई को उप निदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के निर्देश पर गुण नियंत्रण निरीक्षक ने किसानों और प्लांट मैनेजर प्रदीप खन्ना की मौजूदगी में प्लांट का निरीक्षण किया। मैनेजर ने बताया कि प्लांट में इस्तेमाल होने वाली यूरिया की खरीद हैफेड मुख्यालय की ओर से ई-टेंडर के माध्यम से की जाती है। खरीद से संबंधित 10 अक्तूबर 2025 का बिल भी प्रस्तुत किया गया।
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बिल के अनुसार गुप्ता केमिकल्स, 180-सी गली अब्दुल हकीम, तिलक बाजार, दिल्ली द्वारा हैफेड एनिमल फीड प्लांट को 21 हजार किलोग्राम यानी 420 बैग इंडस्ट्रियल ग्रेड यूरिया सप्लाई की गई थी। 50 किलोग्राम के प्रत्येक बैग की कीमत 27.92 रुपये प्रति किलोग्राम थी।
यूरिया की कीमत 5 लाख 86 हजार 320 रुपये और आईजीएसटी 1 लाख 5 हजार 537 रुपये सहित कुल भुगतान 6 लाख 91 हजार 857 रुपये किया गया। निरीक्षण के दौरान कट्टों पर सिर्फ औद्योगिक इस्तेमाल के लिए टेक्निकल ग्रेड यूरिया अंकित मिला। गुणवत्ता जांच के लिए नमूना लिया गया और उप निदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के माध्यम से प्रयोगशाला भेजा गया।
23 जुलाई को आई जांच रिपोर्ट में नमूने में 0.04 प्रतिशत नीम ऑयल पाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई की गई। शिकायतकर्ता लखविंदर सिंह औलख का दावा है कि उन्होंने दस्तावेजों के आधार पर मामले को उठाया था और कार्रवाई की मांग की थी।
दिल्ली की संबंधित फर्म पर पंजाब में भी इसी तरह का मामला सामने आ चुका है। इस मुद्दे को लेकर औलख ने विभागीय अधिकारियों के समक्ष शिकायत रखी थी। वहीं विभाग का कहना है कि प्रयोगशाला रिपोर्ट मिलते ही नियमानुसार कदम उठाया गया।