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गांव के बदमाश को दी थी 50 हजार की सुपारी
Updated Sat, 17 Jun 2017 01:08 AM IST
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मीरापुर (मुजफ्फरनगर)। ककरौली थाना क्षेत्र के गांव कैड़ी दरियापुर के पूर्व प्रधान अरुण कुमार को अपनी पत्नी की हत्या करने के आरोप में पुलिस ने जेल भेज दिया। इस हत्याकांड के तीन अन्य अभियुक्त फरार हैं, जबकि नामजद तीन अभियुक्तों को पुलिस ने निर्दोष बताया है।
सीओ जानसठ एसकेएस प्रताप तथा मीरापुर इंस्पेक्टर अरविंद कुमार सिंह ने पत्रकार वार्ता में बताया कि 13 जून को ककरौली के कैड़ी दरियापुर के पूर्व प्रधान अरुण ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ योजना बनाकर अपनी पत्नी बबली की हत्या की थी। सीओ के अनुसार अरुण के दौराला क्षेत्र के एक गांव निवासी एक युवती से प्रेम संबंध चल रहे हैं। इस बात को लेकर पति पत्नी के बीच विवाद चल रहा था। वारदात के एक दिन पहले इसी मामले को लेकर बबली ने अरुण को थप्पड़ भी मारा था। इस घटना के बाद उसने बबली को अपने रास्ते से हटाने का फैसला लिया और गांव के ही एक चर्चित बदमाश छोटू व मेरठ के दो अन्य बदमाशों के साथ मिल कर बबली की हत्या करने की योजना बनाई।
योजना के अनुसार 13 जून को अरुण अपनी पत्नी बबली को दवाई दिलाने के बहाने बाइक से बिजनौर ले जाने के लिये चला था। रास्ते में गांव कासमपुर खौला के जंगल में पहले से ही खड़े बदमाशों ने बबली पर हमला किया और नीचे गिराकर गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद अरुण अपनी पत्नी को लेकर सीएचसी मोरना पहुंचा और पुलिस को लुटेरों द्वारा उसकी पत्नी की हत्या करने की जानकारी दी। इसी दौरान बबली के परिजन भी वहां आ गये और उन्होंने पुलिस को बबली व अरुण के बीच कथित प्रेमिका को लेकर चल रहे विवाद की जानकारी दी। बबली के पिता मांगेराम निवासी चांदपुर थाना नईमंडी ने मीरापुर थाने में अरुण उसके भाई देशराज, पिता कलीराम, मां इमरवती व प्रेमवती के विरूद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई।
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पुलिस ने आरोपी अरुण को गिरफ्तार कर पूछताछ की। अरुण ने हत्या करना स्वीकार करते हुए बताया कि उसने 50 हजार में अपने गांव के ही एक बदमाश को बबली की हत्या करने के लिये तय किया था। जिसमें से 40 हजार रुपये का भुगतान भी कर दिया गया था। नामजद अभियुक्तों में दोनों महिलाए इमरवरी, प्रेमवती, मृतका का ससुर कलिराम व जेठ देशराज निर्दोष हैं। जबकि अरुण व तीन अन्य ने मिलकर बबली की हत्या की है। प्रकाश में आए तीन अन्य बदमाशों की तलाश जारी है। पुलिस ने अरुण के कब्जे से गला घोटने में प्रयुक्त एक चुनरी भी बरामद की।
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सीओ जानसठ एसकेएस प्रताप तथा मीरापुर इंस्पेक्टर अरविंद कुमार सिंह ने पत्रकार वार्ता में बताया कि 13 जून को ककरौली के कैड़ी दरियापुर के पूर्व प्रधान अरुण ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ योजना बनाकर अपनी पत्नी बबली की हत्या की थी। सीओ के अनुसार अरुण के दौराला क्षेत्र के एक गांव निवासी एक युवती से प्रेम संबंध चल रहे हैं। इस बात को लेकर पति पत्नी के बीच विवाद चल रहा था। वारदात के एक दिन पहले इसी मामले को लेकर बबली ने अरुण को थप्पड़ भी मारा था। इस घटना के बाद उसने बबली को अपने रास्ते से हटाने का फैसला लिया और गांव के ही एक चर्चित बदमाश छोटू व मेरठ के दो अन्य बदमाशों के साथ मिल कर बबली की हत्या करने की योजना बनाई।
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योजना के अनुसार 13 जून को अरुण अपनी पत्नी बबली को दवाई दिलाने के बहाने बाइक से बिजनौर ले जाने के लिये चला था। रास्ते में गांव कासमपुर खौला के जंगल में पहले से ही खड़े बदमाशों ने बबली पर हमला किया और नीचे गिराकर गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद अरुण अपनी पत्नी को लेकर सीएचसी मोरना पहुंचा और पुलिस को लुटेरों द्वारा उसकी पत्नी की हत्या करने की जानकारी दी। इसी दौरान बबली के परिजन भी वहां आ गये और उन्होंने पुलिस को बबली व अरुण के बीच कथित प्रेमिका को लेकर चल रहे विवाद की जानकारी दी। बबली के पिता मांगेराम निवासी चांदपुर थाना नईमंडी ने मीरापुर थाने में अरुण उसके भाई देशराज, पिता कलीराम, मां इमरवती व प्रेमवती के विरूद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई।
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पुलिस ने आरोपी अरुण को गिरफ्तार कर पूछताछ की। अरुण ने हत्या करना स्वीकार करते हुए बताया कि उसने 50 हजार में अपने गांव के ही एक बदमाश को बबली की हत्या करने के लिये तय किया था। जिसमें से 40 हजार रुपये का भुगतान भी कर दिया गया था। नामजद अभियुक्तों में दोनों महिलाए इमरवरी, प्रेमवती, मृतका का ससुर कलिराम व जेठ देशराज निर्दोष हैं। जबकि अरुण व तीन अन्य ने मिलकर बबली की हत्या की है। प्रकाश में आए तीन अन्य बदमाशों की तलाश जारी है। पुलिस ने अरुण के कब्जे से गला घोटने में प्रयुक्त एक चुनरी भी बरामद की।