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Muzaffarnagar News: अध्यापक की हत्या में हेड कांस्टेबल को उम्रकैद
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धर्मेंद्र कुमार, फाइल फोटो
मुजफ्फरनगर। सहायक अध्यापक धर्मेंद्र कुमार (32) की एसएसपी आवास के सामने कारबाइन से गोली मारकर हत्या के मामले में दोषी हेड कांस्टेबल चंद्रप्रकाश यादव को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। शिक्षक वाराणसी से यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं लेकर मूल्यांकन केंद्र पर उतारने के लिए आए थे। तंबाकू को लेकर विवाद के बाद गोली चला दी गई। अपर सत्र न्यायालय/विशेष न्यायालय (एससीएसटी) के पीठासीन अधिकारी सीताराम ने फैसला सुनाया।
चंदौली के थाना बलुआ के गांव बैराठ निवासी धर्मेंद्र कुमार (32) राजकीय हाईस्कूल महगांव वाराणसी में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत थे। उनकी ड्यूटी मूल्यांकन केंद्रों पर बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाएं पहुंचाने के लिए लगाई गई थी।
17 मार्च 2024 की रात करीब 12.00 बजे एसएसपी आवास के सामने थाना सिविल लाइन क्षेत्र के मूल्यांकन केंद्र एसडी इंटर काॅलेज में डीसीएम से कॉपी लेकर पहुंचे। रात हो जाने के कारण केंद्र के गेट के सामने गाड़ी खड़ी कर ली।
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सुरक्षा के लिए वाराणसी पुलिस लाइन से साथ आए हेड कांस्टेबल चंद्रप्रकाश यादव बार-बार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से तंबाकू (सुर्ती) मांग रहा था और आराम नहीं करने दे रहा था। इस बीच अनुसूचित जाति के शिक्षक धर्मेंद्र कुमार ने टोका-टाकी कर दी। नाराज हेड कांस्टेबल ने कारबाइन से गोली मारकर रात करीब पौन दो बजे सहायक अध्यापक की हत्या कर दी थी।
प्रकरण की सुनवाई अपर सत्र न्यायालय/विशेष न्यायालय (एससीएसटी) न्यायालय में हुई। बुधवार को हेड कांस्टेबल पर दोष सिद्ध हुआ। अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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चंदौली के थाना बलुआ के गांव बैराठ निवासी धर्मेंद्र कुमार (32) राजकीय हाईस्कूल महगांव वाराणसी में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत थे। उनकी ड्यूटी मूल्यांकन केंद्रों पर बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाएं पहुंचाने के लिए लगाई गई थी।
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17 मार्च 2024 की रात करीब 12.00 बजे एसएसपी आवास के सामने थाना सिविल लाइन क्षेत्र के मूल्यांकन केंद्र एसडी इंटर काॅलेज में डीसीएम से कॉपी लेकर पहुंचे। रात हो जाने के कारण केंद्र के गेट के सामने गाड़ी खड़ी कर ली।
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सुरक्षा के लिए वाराणसी पुलिस लाइन से साथ आए हेड कांस्टेबल चंद्रप्रकाश यादव बार-बार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से तंबाकू (सुर्ती) मांग रहा था और आराम नहीं करने दे रहा था। इस बीच अनुसूचित जाति के शिक्षक धर्मेंद्र कुमार ने टोका-टाकी कर दी। नाराज हेड कांस्टेबल ने कारबाइन से गोली मारकर रात करीब पौन दो बजे सहायक अध्यापक की हत्या कर दी थी।
प्रकरण की सुनवाई अपर सत्र न्यायालय/विशेष न्यायालय (एससीएसटी) न्यायालय में हुई। बुधवार को हेड कांस्टेबल पर दोष सिद्ध हुआ। अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।