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शुकदेव सेतू दरका, ज्येष्ठ गंगा दशहरा पर वाहन गुजरने पर हो सकता है हादसा
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 22 May 2017 12:55 AM IST
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शुक्रताल में नीचे की ओर झुका पुल।
- फोटो : अमर उजाला
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मोरना में ज्येष्ठ गंगा दशहरा स्नान से पूर्व ही शुक्रताल में गंगा पर बना शुकदेव सेतू दरकने से नीचे की ओर झुक गया है। जिस कारण पुल के पिलरों के बीच जोड़ में पड़ी दरार अब बढ़ने लगी है। मध्य भाग के झुकाव के चलते पुल के टूटने को खतरा बन गया है।
विकास खंड मोरना के क्षेत्रवासियों की वर्षों से चली आ रही मांग पर ब्रह्मलीन स्वामी कल्याणदेव के अथक प्रयासों के चलते 2010 में शुकदेव सेतू बनाया गया था। जिसका लोकार्पण पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने किया था। शुकदेव सेतू के निर्माण होने से शुक्रताल सहित गांव फिरोजपुर, शुक्रतारी, इलाहाबास और गंगा खादर के इंछावाला सहित दर्जनों गांवों के किसान और ग्रामीणों के लिए संजीवनी साबित हुआ। इस पुल से गन्नों से लदे वाहन गुजरते हैं।
वर्षा के दिनों में आने वाली बाढ़ का सामना भी इसी पुल को करना पड़ता है। पुल की ऊंचाई कम होने के कारण कई दिनों तक पुल के ऊपर से पानी भी गुजरता रहता है। बाढ़ और ओवर लोड वाहनों से पुल कमजोर होने लगा है। पुल के पश्चिम छोर से पांचवां भाग कई इंच नीचे की ओर झुकाव ले गया है। जिस कारण पुल को आपस में जोड़ने वाले पिलरों के बीच दरारें बढ़ गई है। आगामी ज्येष्ठ दशहरे पर पुल से गुजरना श्रद्धालुओं के लिए खतरा साबित हो सकता है। लोक निर्माण विभाग द्वारा पुल की मरम्मत नहीं कराए जाने को लेकर क्षेत्रवासियों में भारी रोष व्याप्त है।
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विकास खंड मोरना के क्षेत्रवासियों की वर्षों से चली आ रही मांग पर ब्रह्मलीन स्वामी कल्याणदेव के अथक प्रयासों के चलते 2010 में शुकदेव सेतू बनाया गया था। जिसका लोकार्पण पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने किया था। शुकदेव सेतू के निर्माण होने से शुक्रताल सहित गांव फिरोजपुर, शुक्रतारी, इलाहाबास और गंगा खादर के इंछावाला सहित दर्जनों गांवों के किसान और ग्रामीणों के लिए संजीवनी साबित हुआ। इस पुल से गन्नों से लदे वाहन गुजरते हैं।
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वर्षा के दिनों में आने वाली बाढ़ का सामना भी इसी पुल को करना पड़ता है। पुल की ऊंचाई कम होने के कारण कई दिनों तक पुल के ऊपर से पानी भी गुजरता रहता है। बाढ़ और ओवर लोड वाहनों से पुल कमजोर होने लगा है। पुल के पश्चिम छोर से पांचवां भाग कई इंच नीचे की ओर झुकाव ले गया है। जिस कारण पुल को आपस में जोड़ने वाले पिलरों के बीच दरारें बढ़ गई है। आगामी ज्येष्ठ दशहरे पर पुल से गुजरना श्रद्धालुओं के लिए खतरा साबित हो सकता है। लोक निर्माण विभाग द्वारा पुल की मरम्मत नहीं कराए जाने को लेकर क्षेत्रवासियों में भारी रोष व्याप्त है।
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