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हत्या के प्रयास में तीन अभियुक्तों को कोर्ट ने सजा सुनाई
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हत्या के प्रयास में तीन अभियुक्तों को कोर्ट ने सजा सुनाई
देवबंद (सहारनपुर)। छह साल पूर्व एक व्यक्ति की हत्या के प्रयास के आरोप में शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने एक आरोपी को 10 वर्ष जबकि दो आरोपियों को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवीदयाल शर्मा ने बताया कि अभियुक्त अनवार, मनव्वर व कालू ने आपसी रंजिश के चलते 19 दिसंबर 2013 की रात में मुजय्यन पुत्र हामिद निवासी फुलास अकबरपुर को खेत में पानी चलाते समय पीठ में गोली मार दी थी। जिसमें वह गंभीर घायल हो गया था। उक्त घटना की रिपोर्ट पीड़ित के भाई मुशर्रफ ने आईपीसी की धारा 307 के अंतर्गत दर्ज कराई थी। उक्त मामले का विचारण अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. राकेश कुमार नैन की अदालत में चला। शुक्रवार को अदालत ने अभियोजन एवं बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अभियुक्त कालू उर्फ शाहरूख पुत्र मनव्वर निवासी फुलास अकबरपुर को 10 वर्ष के कठोर कारावास व 20 हजार रुपये का अर्थदंड जबकि अनवार व मनव्वर पुत्रगण अख्तर को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास व 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने की सजा सुनाई। अर्थदंड की आधी धनराशि बतौर प्रतिकर पीड़ित पक्ष को प्रदान की जाएगी।
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देवबंद (सहारनपुर)। छह साल पूर्व एक व्यक्ति की हत्या के प्रयास के आरोप में शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने एक आरोपी को 10 वर्ष जबकि दो आरोपियों को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवीदयाल शर्मा ने बताया कि अभियुक्त अनवार, मनव्वर व कालू ने आपसी रंजिश के चलते 19 दिसंबर 2013 की रात में मुजय्यन पुत्र हामिद निवासी फुलास अकबरपुर को खेत में पानी चलाते समय पीठ में गोली मार दी थी। जिसमें वह गंभीर घायल हो गया था। उक्त घटना की रिपोर्ट पीड़ित के भाई मुशर्रफ ने आईपीसी की धारा 307 के अंतर्गत दर्ज कराई थी। उक्त मामले का विचारण अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. राकेश कुमार नैन की अदालत में चला। शुक्रवार को अदालत ने अभियोजन एवं बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अभियुक्त कालू उर्फ शाहरूख पुत्र मनव्वर निवासी फुलास अकबरपुर को 10 वर्ष के कठोर कारावास व 20 हजार रुपये का अर्थदंड जबकि अनवार व मनव्वर पुत्रगण अख्तर को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास व 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने की सजा सुनाई। अर्थदंड की आधी धनराशि बतौर प्रतिकर पीड़ित पक्ष को प्रदान की जाएगी।
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