फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Court has sentenced to three years imprisonment of three culprits in Muzaffarnagar

Muzaffarnagar: अदालत ने 28 साल पुराने केस में तीन दोषियों को सुनाई सजा, ये था पूरा मामला

Thu, 07 Mar 2024 08:30 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर Published by: कपिल kapil Updated Thu, 07 Mar 2024 08:30 PM IST
सार

Muzaffarnagar News : मुजफ्फरनगर जनपद में अदालत ने 28 साल पुराने मामले में तीन दोषियों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई। 

विज्ञापन
Court has sentenced to three years imprisonment of three culprits in Muzaffarnagar
अदालत। सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

मुजफ्फरनगर में गादला गांव के 28 साल पुराने मारपीट के मामले में तीन दोषियों को अदालत ने तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-एक के पीठासीन अधिकारी रजनीश कुमार ने फैसला सुनाया। यह जिले के सबसे पुराने मुकदमों में से एक था। 

विज्ञापन


सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी आशीष त्यागी ने बताया कि भोपा क्षेत्र के गादला गांव निवासी वादी मुकदमा खलील अहमद ने 28 जून 1996 को भोपा थाने पर मुकदमा दर्ज कराया था कि पारिवारिक भाई इकबाल के घेर के पास मकानों से आरोपी युनूस के पोते पतंग उड़ा रहे थे।

विज्ञापन

इस दौरान इकबाल ने उन्हें पतंग उड़ाने से मना किया। इससे नाराज होकर रात करीब आठ बजे आरोपी युनूस, शमशाद, रागिब, कल्लू ने इकबाल को हमला कर घायल कर दिया। हमले में पीड़ित की बाएं हाथ और बाएं पैर की हड्डी टूट गई थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। प्रकरण की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक में हुई। ट्रायल के दौरान आरोपी युनूस की मौत हो गई।

वर्ष 2001 में वादी खलील अहमद और चुटेल इकबाल की गवाही अदालत में हुई थी। इसके बाद हाईकोर्ट से मुकदमा की सुनवाई पर स्टे आ गया था। स्टे हटा तो साक्षी का अदालत में 28 साल बाद बयान हुआ, लेकिन इस बीच गवाह पक्षद्रोही हो गए।

यह भी पढ़ें: सिपाही भर्ती परीक्षा: आरोपियों ने आठ से 10 लाख रुपये में 14 लोगों को बेचे पेपर, आठ की तलाश में दबिश जारी

विज्ञापन

दोषी शमशाद, रागिब और कल्लू धारा 452 और धारा 325/34आईपीसी मे तीन-तीन साल की सजा सुनाई गई। दोषियों पर 12 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया।

यह भी पढ़ें: Loksabha Elections : हाथी ने चाल बदली तो बदल जाएंगे सियासी समीकरण, BSP के 'इंडिया' में जाने की चर्चाएं तेज

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed