मुजफ्फरनगर : युवक ही हत्या में पिता-पुत्र को उम्रकैद, मामा ने बेटे संग मिल कर की थी भांजे की हत्या
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में अदालत ने प्रेम प्रसंग के चलते भांजे बचन सिंह उर्फ बच्ची की घर में ही बलकटी से काट कर हत्या करने वाले नेकीराम और उसके पुत्र चंद्रशेखर करे आजीवन कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
मंसूरपुर के गांव सोंटा निवासी ओमप्रकाश ने 24 सितंबर 2017 को भोपा थाने में अपने साले भोकरहेड़ी निवासी नेकीराम और उसके बेटे चंद्रशेखर के खिलाफ अपने बेटे बचन सिंह उर्फ बच्ची की हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज कराया था।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव शर्मा ने बताया कि बचन सिंह उर्फ बच्ची (22) 23 सिंतबर 2017 को ममेरी बहन की सुसराल गया था। वहां से उसका मामा नेकीराम और ममेरा भाई चंद्रशेखर उसके बेटे बचन सिंह को अपने साथ भोकरहेड़ी अपने घर ले गए थे। वहां बचन सिंह की बलकटी से काट कर हत्या कर दी।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर नामजद हत्यारोपी पिता-पुत्र को जेल भेज दिया था। इस मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश संदीप गुप्ता की कोर्ट संख्या-14 में हुई। अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद नेकीराम और उसके बेटे चंद्रशेखर को बचन सिंह की हत्या का दोषी करार देते हुए दोनों को आजीवन कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
एडीजीसी अमित त्यागी ने बताया कि नेकीराम जमानत पर बाहर था, जबकि चंद्रशेखर की जमानत हाई कोर्ट से निरस्त हो गई थी, वह तभी से जेल में बंद है। हाईकोर्ट के आदेश पर मुकदमे में त्वरित सुनवाई हुई। कोर्ट से पिता-पुत्र को सजा सुनाए जाने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।