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कोरोना के साथ प्रदूषण पर भी हुआ वार
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कोरोना के साथ प्रदूषण पर भी हुआ वार
मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री के आह्वान पर हुए जनता कर्फ्यू से जनता ने न केवल कोरोना पर वार किया, बल्कि प्रदूषण को भी दूर भगाया है। फैक्टरियों के बंद होने, वाहनों के नहीं चलने और सड़कों तथा निर्माण कार्यों से धूल नहीं उड़ने के कारण जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स 80 तक आ गया है। स्वास्थ्य के लिए यह बेहद अनुकूल है।
लॉकडाउन के दौरान प्रदूषण फैलाने वाली चीजों पर पाबंदी रही। लोग घरों से बाहर नहीं निकले और न ही निर्माण कार्य हुए। धुआं और धूल नहीं होने से प्रदूषण का स्तर काफी गिर गया। जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स 80 पर आ गया, जबकि सामान्य दिनों में यह 200 से ऊपर रहता था। दिवाली के बाद तो मुजफ्फरनगर देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हो गया था। उस समय एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 से भी ऊपर पहुंच गया था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विवेक राय का कहना है कि प्रदूषण का स्तर कम होने के कई कारण हैं। वाहन नहीं चलने, फैक्टरियों के बंद होने के साथ ही मौसम भी साफ रहा तथा हवा चल रही थी। इससे प्रदूषण नहीं बढ़ा।
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मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री के आह्वान पर हुए जनता कर्फ्यू से जनता ने न केवल कोरोना पर वार किया, बल्कि प्रदूषण को भी दूर भगाया है। फैक्टरियों के बंद होने, वाहनों के नहीं चलने और सड़कों तथा निर्माण कार्यों से धूल नहीं उड़ने के कारण जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स 80 तक आ गया है। स्वास्थ्य के लिए यह बेहद अनुकूल है।
लॉकडाउन के दौरान प्रदूषण फैलाने वाली चीजों पर पाबंदी रही। लोग घरों से बाहर नहीं निकले और न ही निर्माण कार्य हुए। धुआं और धूल नहीं होने से प्रदूषण का स्तर काफी गिर गया। जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स 80 पर आ गया, जबकि सामान्य दिनों में यह 200 से ऊपर रहता था। दिवाली के बाद तो मुजफ्फरनगर देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हो गया था। उस समय एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 से भी ऊपर पहुंच गया था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विवेक राय का कहना है कि प्रदूषण का स्तर कम होने के कई कारण हैं। वाहन नहीं चलने, फैक्टरियों के बंद होने के साथ ही मौसम भी साफ रहा तथा हवा चल रही थी। इससे प्रदूषण नहीं बढ़ा।
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