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उपभोक्ता खाली हाथ, फाइलों में हो गया रिफाइंड, नमक और चने का वितरण
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राशन कार्ड घारक-- मनमोहन।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुजफ्फरनगर। आचार संहिता के दौरान राशन वितरण में गड़बड़ी की गई। बुढ़ाना, सदर और जानसठ तहसील के उपभोक्ताओं का कहना है कि रिफाइंड, चना और नमक नहीं मिला, जबकि कागजों में वितरण दिखाया गया है। जिले में चार लाख 63 हजार 424 राशन कार्ड धारक है, इसके अलावा 19627 अन्त्योदय राशन कार्ड है। डीएम चंद्रभूषण सिंह का कहना है कि राशन वितरण की जांच कराई जाएगी।
उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें ई-पॉस मशीन से जब गेहूं और चावल का वितरण किया तो मशीनों में नमक, रिफाइंड, चने का वितरण भी प्रदर्शित हो गया। पहले फरवरी और अब मार्च में ऐसा ही हुआ। कुटेसरा गांव की सदीकन ने बताया कि दो महीने से केवल गेहूं और चावल मिल रहे हैं। हमारे गांव में किसी को भी चना, रिफाइंड नहीं मिला है।
गांव दहचंद के शिव कुमार और जोगेंद्र कुमार ने बताया कि हम लोग तो मुख्यमंत्री और डीएम के यहां भी शिकायत कर चुके हैं। दो महीने से गेहूं-चावल ही मिल रहा है। डीलपर पर धमकाने का आरोप लगाया।
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गांव पलडी की कार्ड धारक राबिया, रानी, सुनीता ने बताया कि उन्हें फरवरी और मार्च में केवल गेहूं और चावल ही मिला है।
काकडा की कार्ड धारबक सुनीता, संजू, गीता, शकुंतला ने बताया कि उनके यहां भी गेहूं चावल ही बंटा है। बसीकलांगांव की कार्ड धारक सबीना, खुर्शीदा, आयशा ने भी दो माह से नमक, रिफाइंड, चना नहीं मिलने की बात कही। संवाद
ये खाद्यान्न होता है वितरित
गेहूं तीन किलो प्रति यूनिट
चावल दो किलो प्रति यूनिट
नमक एक किलो प्रति कार्ड
रिफाइंड एक लीटर प्रति कार्ड
चना एक किलो प्रति कार्ड
दो गांवों में नहीं हो पाया वितरण
बुढ़ाना के सप्लाई इंस्पेक्टर नरेंद्र प्रताप दावा कर रहे हैं कि माल कम आने से केवल दो गांवों सराय और जंधेडी में राशन वितरण नहीं हो पाया, बाकी सभी गांवों के डीलर को गोदाम से माल उठवाया गया है।
पांच प्रतिशत खाद्यान्न कम आया
जिला पूर्ति अधिकारी कमलेश सिंह का कहना है कि फरवरी और मार्च माह में पांच-पांच प्रतिशत खाद्यान्न कम आया है। कुछ दुकानदार ऐसे रह सकते हैं जिन्हें माल न मिला हो।
तीनो तहसीलों के वितरण की जांच होगी
डीएम सीबी सिंह ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तीनो तहसीलों के गांवों में राशन वितरण की जांच के लिए सीडीओ आलोक यादव की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर दी है। यह कमेटी गांवों में जाकर आम उपभोक्ताओं से सीधे बात करेगी। जो लोग दोषी होंगे उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें ई-पॉस मशीन से जब गेहूं और चावल का वितरण किया तो मशीनों में नमक, रिफाइंड, चने का वितरण भी प्रदर्शित हो गया। पहले फरवरी और अब मार्च में ऐसा ही हुआ। कुटेसरा गांव की सदीकन ने बताया कि दो महीने से केवल गेहूं और चावल मिल रहे हैं। हमारे गांव में किसी को भी चना, रिफाइंड नहीं मिला है।
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गांव दहचंद के शिव कुमार और जोगेंद्र कुमार ने बताया कि हम लोग तो मुख्यमंत्री और डीएम के यहां भी शिकायत कर चुके हैं। दो महीने से गेहूं-चावल ही मिल रहा है। डीलपर पर धमकाने का आरोप लगाया।
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गांव पलडी की कार्ड धारक राबिया, रानी, सुनीता ने बताया कि उन्हें फरवरी और मार्च में केवल गेहूं और चावल ही मिला है।
काकडा की कार्ड धारबक सुनीता, संजू, गीता, शकुंतला ने बताया कि उनके यहां भी गेहूं चावल ही बंटा है। बसीकलांगांव की कार्ड धारक सबीना, खुर्शीदा, आयशा ने भी दो माह से नमक, रिफाइंड, चना नहीं मिलने की बात कही। संवाद
ये खाद्यान्न होता है वितरित
गेहूं तीन किलो प्रति यूनिट
चावल दो किलो प्रति यूनिट
नमक एक किलो प्रति कार्ड
रिफाइंड एक लीटर प्रति कार्ड
चना एक किलो प्रति कार्ड
दो गांवों में नहीं हो पाया वितरण
बुढ़ाना के सप्लाई इंस्पेक्टर नरेंद्र प्रताप दावा कर रहे हैं कि माल कम आने से केवल दो गांवों सराय और जंधेडी में राशन वितरण नहीं हो पाया, बाकी सभी गांवों के डीलर को गोदाम से माल उठवाया गया है।
पांच प्रतिशत खाद्यान्न कम आया
जिला पूर्ति अधिकारी कमलेश सिंह का कहना है कि फरवरी और मार्च माह में पांच-पांच प्रतिशत खाद्यान्न कम आया है। कुछ दुकानदार ऐसे रह सकते हैं जिन्हें माल न मिला हो।
तीनो तहसीलों के वितरण की जांच होगी
डीएम सीबी सिंह ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तीनो तहसीलों के गांवों में राशन वितरण की जांच के लिए सीडीओ आलोक यादव की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर दी है। यह कमेटी गांवों में जाकर आम उपभोक्ताओं से सीधे बात करेगी। जो लोग दोषी होंगे उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

राशन कार्ड धारक-- शिव कुमार।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

राशन कार्ड धारक--सदीकन।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

राशन कार्डधारक--- जोगेन्द्र ।- फोटो : MUZAFFARNAGAR