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बिटावदा में शुरू नहीं हुआ मेरठ-करनाल हाईवे का निर्माण
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बिटावदा में रोका गया फ्लाईओवर निर्माण।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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बिटावदा में शुरू नहीं हुआ मेरठ-करनाल हाईवे का निर्माण
बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। मेरठ-करनाल हाईवे पर बिटावदा में फ्लाईओवर का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि कई किमी के फेर से बचने के लिए उन्हें तीन फ्लाईओवर की जरूरत है, जबकि एनएचएआई सिर्फ एक फ्लाईओवर बनवा रहा है। समाधान होने तक निर्माण नहीं होने देंगे। यहां या तो तीन फ्लाईओवर बनने चाहिए या एक भी नहीं।
हाईवे पर बायवाला चौराहे के नजदीक बिटावदा गंाव में फ्लाईओवर को लेकर आंदोलन चल रहा है। एनएचएआई ने यहां निर्माण शुरू कराया, लेकिन ग्रामीणों ने पंचायत कर कार्य रोक दिया। प्रधान मनोज सहरावत का कहना है कि गांव में तीन फ्लाईओवर की जरूरत है, लेकिन एनएचएआई सिर्फ एक ही बना रहा है। इससे रोजाना खेतों में जाने के लिए किसानों को तीन से चार किमी का चक्कर लगाना पड़ेगा। समाधान होने तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने देंगे।
मास्टर देवेंद्र सहरावत का कहना है कि ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए प्राथमिकता से समाधान किया जाना चाहिए। हाईवे से रोजाना ग्रामीणों को गुजरना है, इस वजह से उनकी समस्या को प्राथमिकता दिए जाने की बेहद आवश्यकता है। पूर्व प्रधान प्रदीप उर्फ मंगलू का कहना है कि ग्रामीणों की समस्या समझे बिना फ्लाईओवर का निर्माण शुरू करा दिया गया। अधिकारी ग्रामीणों की समस्या को समझने के लिए तैयार नहीं है।
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इसलिए चाहिए तीन फ्लाईओवर
ग्रामीण बताते हैं कि मेरठ-करनाल हाईवे पर बसे गांव के तीन मुख्य रास्ते हैं। एक बैंक के पास, एक मंदिर के पास और एक रास्ता इन दोनों के बीच से खेतों में जाता है। लेकिन फ्लाईओवर तीनों में से किसी भी रास्ते के पास नहीं बनाया जा रहा है। ग्रामीणों को तीनों ही मार्ग के सामने हाईवे पर फ्लाईओवर चाहिए, ताकि इनके नीचे से खेतों में आवागमन किया जा सके।
पांच हजार बीघा रकबा हाईवे के पार
ग्रामीण अजय कुमार, सुधीर प्रधान, चांद कुमार, बिशन सिंह, राकेश दीवान और सुनील फौजी का कहना है कि पूरे गांव का पांच हजार बीघा रकबा हाईवे के पार है। रोजाना सैकड़ों किसान-मजदूर ख्ेातों में जाते हैं। फेर के चक्कर में हादसों का खतरा भी रहेगा। इस वजह से यहां तीन फ्लाईओवर की मांग की जा रही है।
फ्लाईओवर पर भी उठाए गए सवाल
प्रधान मनोज सहरावत का कहना है कि मेरठ और शामली के बीच आबादी क्षेत्र में सिर्फ बिटावदा में फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। जबकि दबथुआ या किसी अन्य गांव में नहीं। इससे बेहतर तो यह था कि फ्लाईओवर के बजाए गांव में हाईवे पर तीन कट दे दिए जाते। बिटावदा के पास ही बायवाला पर पहले ही फ्लाईओवर बनाया जा रहा है।
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बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। मेरठ-करनाल हाईवे पर बिटावदा में फ्लाईओवर का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि कई किमी के फेर से बचने के लिए उन्हें तीन फ्लाईओवर की जरूरत है, जबकि एनएचएआई सिर्फ एक फ्लाईओवर बनवा रहा है। समाधान होने तक निर्माण नहीं होने देंगे। यहां या तो तीन फ्लाईओवर बनने चाहिए या एक भी नहीं।
हाईवे पर बायवाला चौराहे के नजदीक बिटावदा गंाव में फ्लाईओवर को लेकर आंदोलन चल रहा है। एनएचएआई ने यहां निर्माण शुरू कराया, लेकिन ग्रामीणों ने पंचायत कर कार्य रोक दिया। प्रधान मनोज सहरावत का कहना है कि गांव में तीन फ्लाईओवर की जरूरत है, लेकिन एनएचएआई सिर्फ एक ही बना रहा है। इससे रोजाना खेतों में जाने के लिए किसानों को तीन से चार किमी का चक्कर लगाना पड़ेगा। समाधान होने तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने देंगे।
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मास्टर देवेंद्र सहरावत का कहना है कि ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए प्राथमिकता से समाधान किया जाना चाहिए। हाईवे से रोजाना ग्रामीणों को गुजरना है, इस वजह से उनकी समस्या को प्राथमिकता दिए जाने की बेहद आवश्यकता है। पूर्व प्रधान प्रदीप उर्फ मंगलू का कहना है कि ग्रामीणों की समस्या समझे बिना फ्लाईओवर का निर्माण शुरू करा दिया गया। अधिकारी ग्रामीणों की समस्या को समझने के लिए तैयार नहीं है।
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इसलिए चाहिए तीन फ्लाईओवर
ग्रामीण बताते हैं कि मेरठ-करनाल हाईवे पर बसे गांव के तीन मुख्य रास्ते हैं। एक बैंक के पास, एक मंदिर के पास और एक रास्ता इन दोनों के बीच से खेतों में जाता है। लेकिन फ्लाईओवर तीनों में से किसी भी रास्ते के पास नहीं बनाया जा रहा है। ग्रामीणों को तीनों ही मार्ग के सामने हाईवे पर फ्लाईओवर चाहिए, ताकि इनके नीचे से खेतों में आवागमन किया जा सके।
पांच हजार बीघा रकबा हाईवे के पार
ग्रामीण अजय कुमार, सुधीर प्रधान, चांद कुमार, बिशन सिंह, राकेश दीवान और सुनील फौजी का कहना है कि पूरे गांव का पांच हजार बीघा रकबा हाईवे के पार है। रोजाना सैकड़ों किसान-मजदूर ख्ेातों में जाते हैं। फेर के चक्कर में हादसों का खतरा भी रहेगा। इस वजह से यहां तीन फ्लाईओवर की मांग की जा रही है।
फ्लाईओवर पर भी उठाए गए सवाल
प्रधान मनोज सहरावत का कहना है कि मेरठ और शामली के बीच आबादी क्षेत्र में सिर्फ बिटावदा में फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। जबकि दबथुआ या किसी अन्य गांव में नहीं। इससे बेहतर तो यह था कि फ्लाईओवर के बजाए गांव में हाईवे पर तीन कट दे दिए जाते। बिटावदा के पास ही बायवाला पर पहले ही फ्लाईओवर बनाया जा रहा है।