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Muzaffarnagar News: जीएसटी छूट पर भ्रम, कीमतों को लेकर असमंजस में दुकानदार
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मुजफ्फरनगर। दुकानदार सहित ग्राहकों में भी जीएसटी सुधार 2.0 के तहत मिली छूट पर भ्रम की स्थिति है। विभिन्न खाद्य उत्पादों पर पुरानी और नई कीमतों को लेकर दुकानदार असमंजस में है। सुधार के तहत नहाने के साबुन पर जीएसटी छूट दी गई है लेकिन ग्राहक बर्तन और कपड़े धोने के साबुन पर भी जीएसटी छूट मांग रहे हैं।
जीएसटी की नई दर 22 सितंबर से लागू कर दी गई थी लेकिन जीएसटी दर की छूट को लेकर ग्राहक सहित दुकानदार भी असमंजस में हैं। जानसठ रोड स्थित सुपर मार्केट संचालक और उत्तर प्रदेश युवा उद्योग व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह का कहना है कि ग्राहकों को पूरी जानकारी नहीं है। नहाने के साबुन पर जीएसटी दर 18 से घटाकर पांच प्रतिशत कर दी गई लेकिन ग्राहक कपड़े और बर्तन धोने के साबुन पर ही इसी दर से छूट की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने छूट की घोषणा के साथ वस्तुओं से एमआरपी घटाने के निर्देश दिए हैं लेकिन उत्पाद का वजन यथावत रखने के लिए कहा गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि कंपनियों को सरकार की ओर से निर्देश दिया जाए कि वह एमआरपी कम करें तो उत्पाद की मात्रा में वृद्धि करें, जिससे लागत और लाभ का संतुलन बना रहे। व्यापारी नेता कृष्ण गोपाल मित्तल का कहना है कि सरकार की ओर से जीएसटी सुधार 2.0 के बारे में विस्तार से प्रचार प्रसार नहीं किया गया। जीएसटी अधिकारियों को भी सुधार से जुड़ी पूर्ण जानकारी नहीं है।
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जीएसटी की नई दर 22 सितंबर से लागू कर दी गई थी लेकिन जीएसटी दर की छूट को लेकर ग्राहक सहित दुकानदार भी असमंजस में हैं। जानसठ रोड स्थित सुपर मार्केट संचालक और उत्तर प्रदेश युवा उद्योग व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह का कहना है कि ग्राहकों को पूरी जानकारी नहीं है। नहाने के साबुन पर जीएसटी दर 18 से घटाकर पांच प्रतिशत कर दी गई लेकिन ग्राहक कपड़े और बर्तन धोने के साबुन पर ही इसी दर से छूट की मांग कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि सरकार ने छूट की घोषणा के साथ वस्तुओं से एमआरपी घटाने के निर्देश दिए हैं लेकिन उत्पाद का वजन यथावत रखने के लिए कहा गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि कंपनियों को सरकार की ओर से निर्देश दिया जाए कि वह एमआरपी कम करें तो उत्पाद की मात्रा में वृद्धि करें, जिससे लागत और लाभ का संतुलन बना रहे। व्यापारी नेता कृष्ण गोपाल मित्तल का कहना है कि सरकार की ओर से जीएसटी सुधार 2.0 के बारे में विस्तार से प्रचार प्रसार नहीं किया गया। जीएसटी अधिकारियों को भी सुधार से जुड़ी पूर्ण जानकारी नहीं है।
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