फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Commotion in women's police station

महिलाओं ने लेखपाल और कानूनगो का रास्ता रोका

Sun, 06 May 2018 12:29 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर Updated Sun, 06 May 2018 12:29 AM IST
विज्ञापन
Commotion in women's police station
लेखपाल और कानूनगो का घेराव करती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
गांव यूसुफपुर पिपलहेड़ा के पीड़ित ग्रामीणों व महिलाओं ने खेत की चकरोड खुलवाने की मांग को लेकर थाने में हंगामा खड़ा कर दिया। महिलाओं की लेखपाल व कानूनगो के साथ काफी नोकझोंक हुई। महिलाओं ने दोनों को थाने से निकलने नहीं दिया तथा उनका रास्ता रोककर खड़ी हो गई।
विज्ञापन


पीड़ितों ने लेखपाल व कानूनगो पर दूसरे पक्ष से रिश्वत लेेकर चकरोड बंद कराने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी। एसडीएम के निर्देश पर इंस्पेक्टर ने पीड़ितों को समझाकर शांत किया। 
विज्ञापन


थाने में शनिवार को समाधान दिवस में एसडीएम अतुल कुमार व सीओ डा. राजीव कुमार सिंह जनता की समस्याओं को सुन रहे थे। गांव यूसुफपुर पिपलहेड़ा के जयचंद, धनी व अमरपाल पक्ष के लोग व परिवार की महिलाएं एकत्र होकर थाने में पहुंची।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीड़ितों ने एसडीएम को बताया कि गांव निवासी सुल्तान व कलीराम ने उनके खेतों पर जानी वाली चकरोड को जोतकर अपने खेतों में मिला ली है, जिससे उनके खेतों में आने जाने का रास्ता बंद हो गया है, जिस कारण उनके खेतों में गन्ने और गेहूं की फसल खड़ी हुई है।

तहसीलदार ने फसल काटकर उसको निकलवाने के लिए कहा था। उन्होंने फसल काट ली, लेकिन अब लेखपाल व कानूनगो उनकी फसल को नहीं निकलवा रहे हैं। चकरोड को लेकर तहसीलदार कोर्ट में वाद भी विचाराधीन है। एसडीएम ने तहसीलदार को समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए।

एसडीएम इसके बाद थाना समाधान दिवस से उठकर तहसील चले गए। पीड़ितों को कोई समाधान नहीं हुआ। पीड़ित पक्ष ने लेखपाल व कानूनगो पर रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दे दी। लेखपाल व कानूनगो थाने से निकलने लगे, तो महिलाओं ने दोनों को घेरकर रास्ता रोक लिया और हंगामा खड़ा कर दिया।

महिलाओं का कहना था कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होगा वे थाने से बाहर नहीं जाने देंगे। इस दौरान महिलाओं की कानूनगो व लेखपाल के साथ काफी नोकझोंक भी हुई।


हंगामे की सूचना पर एसडीएम ने इंस्पेक्टर एपी भारद्वाज को निर्देश किया वे पीड़ितों को आश्वासन दें कि सोमवार को आदेश जारी कर गन्ने व गेहूं की फसल खेतों से निकलवा दी जाएगी। इंस्पेक्टर ने पीड़ितों को समझाकर मामला शांत कराया। थाने में पहुंचे तहसीलदार ने भी सोमवार को समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर पीड़ित ग्रामीण अपने गांव चले गए। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed