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Muzaffarnagar News: सीएम योगी होंगे शुकतीर्थ विकास परिषद के अध्यक्ष
Fri, 01 Dec 2023 12:37 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 01 Dec 2023 12:37 AM IST
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शुकदेव आश्रम स्थित मंदिर...
- परिषद में सांसद, विधायक सहित अन्य 15 पदेन सदस्य होंगे
(फोटो)
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। अनुपूरक बजट में शुकतीर्थ विकास परिषद का विधेयक पेश कर दिया गया। यह भी तय हो गया कि शुकतीर्थ विकास परिषद में अध्यक्ष मुख्यमंत्री और उपाध्यक्ष पर्यटन मंत्री रहेंगे। परिषद के कार्यपालक उपाध्यक्ष की नियुक्ति सीएम खुद करेंगे। परिषद में सांसद, विधायक सहित अन्य 15 पदेन सदस्य होंगे।
वर्ष 2019 में सीएम योगी आदित्यनाथ पहली बार वीतराग स्वामी कल्याणदेव की 15वीं पुण्यतिथि पर शुकदेव आश्रम पधारे, तब पीठाधीश्वर स्वामी ओमानन्द ने शुकतीर्थ विकास बोर्ड के गठन का पत्र सीएम को सौंपा था। वर्ष 2021 में जब प्रदेश में कई तीर्थों के विकास के लिए विकास परिषद बनाने पर सहमति बनी, तो शुकतीर्थ को भी योजना में शामिल किया गया था। इसी साल 22 जुलाई को शुकतीर्थ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गठन का एलान किया था। इसके बाद अयोध्या में घोषणा हुई और अब विधेयक पारित हुआ है। अब तीर्थ में विकास कार्य होंगे। श्रद्धालुओं के लिए सहूलियतें बढ़ाई जाएंगी। उधर, कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने खुशी जताई है।
शुकतीर्थ में चुनौतियां भी कम नहीं
श्री गंगा सेवा समिति की ओर से घाटों के दोनों ओर गंगा में पक्का चैनल बनाने की मांग अभी लंबित हैं। गंगा में फैक्टरियों का प्रदूषित जल छोड़ने, प्रदूषित जल से जलीय जीवों के मरने आदि मुद्दों पर साधु-संतों की नाराजगी भी कई बार देखी गई है। गंगा किनारे एक किलोमीटर तक दोनों ओर पक्का घाट बने, नियमित गंगा आरती की व्यवस्था की जाए। सॉलिड वेस्ट प्लांट प्रारंभ हो ताकि गंगा स्वच्छ, निर्मल रहे। मांग उठती रही है कि कारगिल स्मारक का पूर्व सैनिक रखरखाव करते हैं, जिसके लिए सरकार तिरंगा लगाए। लेह के बाद यह दूसरा कारगिल स्मारक है। गंगा घाट और तीर्थ की सफाई हेतु स्थायी सफाईकर्मी नियुक्त किए जाएं। एनएच-58 से मोरना और शुकतीर्थ तक फोर लेन सड़क बनाई जाए। साधु-संतों और श्रद्धालुओं के इलाज के लिए तीर्थ में तत्काल पीएचसी बनाई जाए। शुकतीर्थ हरिद्वार, काशी और मथुरा की तरह श्रद्धा का केंद्र है।
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शुकतीर्थ विकास परिषद को सार्थक बनाए सरकार : चौहान
(फोटो)
मुजफ्फरनगर। श्री शुकतीर्थ विकास परिषद 2023 विधेयक विधान सभा में रखा गया। मीरापुर क्षेत्र के विधायक चंदन चौहान ने पौराणिक शुकतीर्थ को लेकर अपने सुझाव रखे। महाभारतकालीन शुकतीर्थ में सांस्कृतिक, स्थापत्य विरासत संरक्षण और पर्यटन अवस्थापना आदि विषयों पर विकास परिषद विधेयक प्रस्ताव पर बृहस्पतिवार को विधानसभा में चर्चा हुई, जिसमें क्षेत्रीय विधायक चंदन चौहान ने तीर्थ नगरी के विकास पर अपने सुझाव रखे। उन्होंने कहा कि जैसे अयोध्या प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि है, मथुरा श्री कृष्ण की जन्मभूमि है, वैसे ही शुकतीर्थ भागवत की जन्मभूमि है। शुकदेव आश्रम में प्राचीन अक्षय वट महामुनि शुकदेव जी की कथा का साक्षी है। वीतराग स्वामी कल्याणदेव ने तप, त्याग से यह तीर्थ बसाया है। सरकार विकास परिषद की योजना को क्रियान्वित करने हेतु कई मुद्दों पर विशेष ध्यान दें।
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(फोटो)
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। अनुपूरक बजट में शुकतीर्थ विकास परिषद का विधेयक पेश कर दिया गया। यह भी तय हो गया कि शुकतीर्थ विकास परिषद में अध्यक्ष मुख्यमंत्री और उपाध्यक्ष पर्यटन मंत्री रहेंगे। परिषद के कार्यपालक उपाध्यक्ष की नियुक्ति सीएम खुद करेंगे। परिषद में सांसद, विधायक सहित अन्य 15 पदेन सदस्य होंगे।
वर्ष 2019 में सीएम योगी आदित्यनाथ पहली बार वीतराग स्वामी कल्याणदेव की 15वीं पुण्यतिथि पर शुकदेव आश्रम पधारे, तब पीठाधीश्वर स्वामी ओमानन्द ने शुकतीर्थ विकास बोर्ड के गठन का पत्र सीएम को सौंपा था। वर्ष 2021 में जब प्रदेश में कई तीर्थों के विकास के लिए विकास परिषद बनाने पर सहमति बनी, तो शुकतीर्थ को भी योजना में शामिल किया गया था। इसी साल 22 जुलाई को शुकतीर्थ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गठन का एलान किया था। इसके बाद अयोध्या में घोषणा हुई और अब विधेयक पारित हुआ है। अब तीर्थ में विकास कार्य होंगे। श्रद्धालुओं के लिए सहूलियतें बढ़ाई जाएंगी। उधर, कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने खुशी जताई है।
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शुकतीर्थ में चुनौतियां भी कम नहीं
श्री गंगा सेवा समिति की ओर से घाटों के दोनों ओर गंगा में पक्का चैनल बनाने की मांग अभी लंबित हैं। गंगा में फैक्टरियों का प्रदूषित जल छोड़ने, प्रदूषित जल से जलीय जीवों के मरने आदि मुद्दों पर साधु-संतों की नाराजगी भी कई बार देखी गई है। गंगा किनारे एक किलोमीटर तक दोनों ओर पक्का घाट बने, नियमित गंगा आरती की व्यवस्था की जाए। सॉलिड वेस्ट प्लांट प्रारंभ हो ताकि गंगा स्वच्छ, निर्मल रहे। मांग उठती रही है कि कारगिल स्मारक का पूर्व सैनिक रखरखाव करते हैं, जिसके लिए सरकार तिरंगा लगाए। लेह के बाद यह दूसरा कारगिल स्मारक है। गंगा घाट और तीर्थ की सफाई हेतु स्थायी सफाईकर्मी नियुक्त किए जाएं। एनएच-58 से मोरना और शुकतीर्थ तक फोर लेन सड़क बनाई जाए। साधु-संतों और श्रद्धालुओं के इलाज के लिए तीर्थ में तत्काल पीएचसी बनाई जाए। शुकतीर्थ हरिद्वार, काशी और मथुरा की तरह श्रद्धा का केंद्र है।
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शुकतीर्थ विकास परिषद को सार्थक बनाए सरकार : चौहान
(फोटो)
मुजफ्फरनगर। श्री शुकतीर्थ विकास परिषद 2023 विधेयक विधान सभा में रखा गया। मीरापुर क्षेत्र के विधायक चंदन चौहान ने पौराणिक शुकतीर्थ को लेकर अपने सुझाव रखे। महाभारतकालीन शुकतीर्थ में सांस्कृतिक, स्थापत्य विरासत संरक्षण और पर्यटन अवस्थापना आदि विषयों पर विकास परिषद विधेयक प्रस्ताव पर बृहस्पतिवार को विधानसभा में चर्चा हुई, जिसमें क्षेत्रीय विधायक चंदन चौहान ने तीर्थ नगरी के विकास पर अपने सुझाव रखे। उन्होंने कहा कि जैसे अयोध्या प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि है, मथुरा श्री कृष्ण की जन्मभूमि है, वैसे ही शुकतीर्थ भागवत की जन्मभूमि है। शुकदेव आश्रम में प्राचीन अक्षय वट महामुनि शुकदेव जी की कथा का साक्षी है। वीतराग स्वामी कल्याणदेव ने तप, त्याग से यह तीर्थ बसाया है। सरकार विकास परिषद की योजना को क्रियान्वित करने हेतु कई मुद्दों पर विशेष ध्यान दें।