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फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों से बना लिपिक

Sat, 01 Aug 2020 12:15 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 01 Aug 2020 12:15 AM IST
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Clerk made of fake educational certificates
फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों से बना लिपिक
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मुजफ्फरनगर। किसान सेवा सहकारी समिति तावली में तैनात लिपिक के शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी मिले हैं। जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक के आदेश के बाद भी समिति सचिव ने एफआईआर दर्ज नहीं कराई है। समिति के सभापति ने लिपिक के वेतन पर रोक लगाते हुए इस प्रकरण में कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।

किसान सेवा सहकारी समिति के सभापति रामकुमार ने सीएम को भेजे पत्र में लिखा है कि उनके यहां तैनात लिपिक सतेंद्र कुमार की 15 जून 2003 में सहकारी समिति सीकरी में आंकिक पद पर नियुक्ति हुई। विभागीय अधिकारियों से साठगांठ करके सात माह बाद वह तावली पर स्थाई आंकिक नियुक्त हो गया। फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों के आधार पर लगातार वेतन आहरण करता रहा। इसके शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच के बाद मई 2020 से वेतन पर रोक लगाई गई है। जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक योगेंद्र पाल समिति सचिव को सतेंद्र कुमार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के लिए लिख चुके हैं। रिश्तेदार होने के नाते सचिव लिपिक के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। लोकहित में अविलंब लिपिक पर कार्रवाई होनी चाहिए। इस मामले की विभागीय जांच भी हो चुकी है।
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