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दावा, उपद्रवियों की गोली से नहीं, पुलिस की गोली से मरा है नूरा

Mon, 20 Jan 2020 12:12 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jan 2020 12:12 AM IST
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Claim: Noora dead from police shot
मुजफफरनगर: गांव सुजडू में भीड को संबोधित करते चंद्रशेखर। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
दावा, उपद्रवियों की गोली से नहीं, पुलिस की गोली से मरा है नूरा
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मुजफ्फरनगर। सीएए को लेकर हुए उपद्रव के दौरान गोली लगने से मरे नूरा के परिजनों ने केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान पर उपद्रव कराने का आरोप लगाया। परिजनों ने भी नूरा की मौत भी उपद्रवियों के बजाय पुलिस की गोली से होने का दावा करते हुए चंद्रशेखर से निष्पक्ष जांच कराए जाने व न्याय दिलाने की मांग की। भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर ने कहा कि न्याय में देरी हो सकती है, लेकिन न्याय जरूर होगा।

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर से वार्ता करते हुए नूरा के परिजनों व अन्य लोगों ने कहा कि पूरा उपद्रव डॉ संजीव बालियान व उनकी टीम ने कराया है। संजीव बालियान 50-60 लोगों की टीम लेकर आए थे। इनके लोगों ने ही मेरठ रोड पर समीर मोबाइल गैलरी में तोड़फोड़ कर आग लगाई। सलमान सईद की दो लग्जरी गाड़ियां व दो अन्य गाड़ियां जला दीं और धर्मस्थल स्थल के गेट में भी आग लगाई। आरोप लगाया कि आग लगाने वाला कोई ओर नहीं एक राजनीतिक दल का सभासद है। इसके फोटो व वीडियो सब कुछ उनके पास है, लेकिन कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। वहीं, सलमान सईद व परिजनों ने कहा कि नूरा ने मरने से पहले बयान दिया था कि उसे पुलिस ने गोली मारी है, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई किसी तरह की नहीं की और नूरा के मृत्युपूर्व दिए गए बयान के बावजूद उसे उपद्रवियों की गोली लगना दिखाया गया। परिजनों ने कहा कि इस संबंध में हमने पुलिस के खिलाफ कार्रवाई के लिए 156/3 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराने को कोर्ट में पीटिशन भी दायर की है। वहीं, नूरा के मामा मनशाद ने पुलिस पर शासन के दबाव में उसके शव का अंतिम संस्कार जबरन मेरठ के दौराला में कराए जाने का भी आरोप लगाया। इस पर भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर ने कहा कि न्याय में देरी हो सकती है, लेकिन न्याय जरूर होगा। उन्होंने नूरा के मामा मनशाद को साथ खड़े रहने का भरोसा देते हुए कहा कि उनका एक भांजा दूर चला गया तो क्या, एक और भांजा चंद्रशेखर के रूप में यहां बैठा हुआ है। हमारी गर्दन पर आरा भी आ गया तो वे पीछे नहीं हटेंगे। नूरा की इस लड़ाई को उन्होंने जेल में रहते हुए ही शुरू कर दिया था। न्याय होगा और जरूर होगा।
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