{"_id":"5dd2e6b68ebc3e54a856e061","slug":"children-with-malnutrition-in-khushipura-khatauli-news-mrt4543046178","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुशीपुरा में कुपोषण के शिकार बच्चों की जांच करने टीम पहुंची","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुशीपुरा में कुपोषण के शिकार बच्चों की जांच करने टीम पहुंची
विज्ञापन
गांव खुशीपुरा में कुपोषण के शिकार बच्चों का स्वास्थ्य की जांच करते चिकित्सक।
- फोटो : KHATAULI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खुशीपुरा में कुपोषण के शिकार बच्चों की जांच करने पहुंची टीम
मोरना। गांव खुशीपुरा में कुपोषण के शिकार बच्चों की पीड़ा आखिरकार शासन व प्रशासन के कानों तक पहुंच ही गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में जाकर बीमारी से पीड़ित बच्चों की जांच पड़ताल कर दवाइयों का वितरण किया। वहीं, गांव के पानी सहित निकट में बह रही सोनाली नदी के जल की जांच के सैंपल को भरकर जांच के लिए भेजने की बात कही। जिला स्तरीय स्वास्थ्य टीम बनाकर गांव में पीड़ित परिवारों और बच्चों को जांच कराई जाएगी।
विकास खंड मोरना के गांव सिकरी के मजरे के गांव खुशीपुरा में मेव जाति के कई परिवार वर्षों से जीवन बसर करते चले आ रहे हैं, जिनके परिवारों के बच्चे कुपोषण के शिकार होकर जानलेवा बीमारियों से ग्रस्त हैं। अमर उजाला में इस गांव में फैली बीमारियों की विशेष खबर को प्रकाशित किया था। इस खबर का संज्ञान लेते हुए सीएमओ डा. मिश्रा के दिशा निर्देशों के तहत मोरना स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. अर्जुन सिंह, डा. आरडी गौड़, शाकिर अली ब्लड टस्ट स्पेशलिस्ट, पवित्र कुमार आदि ने गांव में जाकर पीड़ित परिवारों और बच्चों की जांच पड़ताल की। पीड़ित बच्चों, युवा, युवतियों और महिलाओं के बल्ड सैंपल एकत्र कर बुखार, दमा, टीवी आदि बीमारियों के लिए दवाईयों का वितरण ग्रामीणों के बीच किया। इस मौके पर चिकित्सक टीम ने बताया कि गांव में न तो पौष्टिक आहार का वितरण किया जाता है और न ही गांव में कोई आंगनबाड़ी कर्मी बच्चों की सुध लेने के लिए आती। इसी कारण इस गांव में बीमारी की विकट स्थिति बनी हुई है।
गांव में बीमारी की स्थिति विकट
मोरना स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. अर्जुन सिंह ने बताया कि गांव में बीमारी की विकट स्थिति बनी हुई है। कुछ परिवारों मे चार पंाच बच्चे हैं, जिनमें ज्यादातर बच्चे मानसिक रोगी हैं। जिसके चलते उनके मस्तिष्क का पूर्ण रूप से विकास नहीं हो पाया है। यह गांव में चार-पांच परिवारों के बीच बीमारी की बड़ी समस्या है। गांव में फैली बीमारी के उपचार के लिए जिला स्तरीय टीम को बनाकर गांव में भेजकर गहनता से जांच कराई जाएगी। सोनाली नदी निकट है, उसमें काफी गंदा जल आ रहा है। उसका जल भी बीमारी का कारण बन सकता है। पानी का सैंपल भेजकर जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
-
विज्ञापन
मोरना। गांव खुशीपुरा में कुपोषण के शिकार बच्चों की पीड़ा आखिरकार शासन व प्रशासन के कानों तक पहुंच ही गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में जाकर बीमारी से पीड़ित बच्चों की जांच पड़ताल कर दवाइयों का वितरण किया। वहीं, गांव के पानी सहित निकट में बह रही सोनाली नदी के जल की जांच के सैंपल को भरकर जांच के लिए भेजने की बात कही। जिला स्तरीय स्वास्थ्य टीम बनाकर गांव में पीड़ित परिवारों और बच्चों को जांच कराई जाएगी।
विकास खंड मोरना के गांव सिकरी के मजरे के गांव खुशीपुरा में मेव जाति के कई परिवार वर्षों से जीवन बसर करते चले आ रहे हैं, जिनके परिवारों के बच्चे कुपोषण के शिकार होकर जानलेवा बीमारियों से ग्रस्त हैं। अमर उजाला में इस गांव में फैली बीमारियों की विशेष खबर को प्रकाशित किया था। इस खबर का संज्ञान लेते हुए सीएमओ डा. मिश्रा के दिशा निर्देशों के तहत मोरना स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. अर्जुन सिंह, डा. आरडी गौड़, शाकिर अली ब्लड टस्ट स्पेशलिस्ट, पवित्र कुमार आदि ने गांव में जाकर पीड़ित परिवारों और बच्चों की जांच पड़ताल की। पीड़ित बच्चों, युवा, युवतियों और महिलाओं के बल्ड सैंपल एकत्र कर बुखार, दमा, टीवी आदि बीमारियों के लिए दवाईयों का वितरण ग्रामीणों के बीच किया। इस मौके पर चिकित्सक टीम ने बताया कि गांव में न तो पौष्टिक आहार का वितरण किया जाता है और न ही गांव में कोई आंगनबाड़ी कर्मी बच्चों की सुध लेने के लिए आती। इसी कारण इस गांव में बीमारी की विकट स्थिति बनी हुई है।
विज्ञापन
गांव में बीमारी की स्थिति विकट
मोरना स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. अर्जुन सिंह ने बताया कि गांव में बीमारी की विकट स्थिति बनी हुई है। कुछ परिवारों मे चार पंाच बच्चे हैं, जिनमें ज्यादातर बच्चे मानसिक रोगी हैं। जिसके चलते उनके मस्तिष्क का पूर्ण रूप से विकास नहीं हो पाया है। यह गांव में चार-पांच परिवारों के बीच बीमारी की बड़ी समस्या है। गांव में फैली बीमारी के उपचार के लिए जिला स्तरीय टीम को बनाकर गांव में भेजकर गहनता से जांच कराई जाएगी। सोनाली नदी निकट है, उसमें काफी गंदा जल आ रहा है। उसका जल भी बीमारी का कारण बन सकता है। पानी का सैंपल भेजकर जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
-