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चाइल्ड लाइन ने 35 बच्चों को दिखाई शिक्षा की राह
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चाइल्ड लाइन ने 35 बच्चों को दिखाई शिक्षा की राह
मुजफ्फरनगर। चाइल्ड हेल्प लाइन ने बीते एक वर्ष में 35 बच्चों को बालश्रम और भिक्षावृत्ति से मुक्त कराकर शिक्षा की राह दिखाई।
चाइल्ड हेल्प लाइन की पूनम शर्मा ने बताया कि बाल श्रम को रोकने के लिए वह लगातार अभियान चला रहे हैं। बाल श्रम में लगे 15 बच्चों को विभिन्न स्थानों से मुक्त करा चुके हैं। इन बच्चों को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। इनके अभिभावकों को बुलाकर उन्हें समझाया गया कि बच्चों के लिए शिक्षा महत्वपूर्ण है। सभी बच्चों की काउंसिलिंग की गई। इसी के साथ भिक्षावृत्ति में लगे 20 बच्चों को अब तक पकड़ चुके हैं। इन सभी बच्चों के माता-पिता को बुलाकर बताया गया कि बच्चों को पढ़ाई करना जरूरी है और इसके लिए सरकार खर्च उठा रही है। लगातार ऐसे बच्चों की और उनके माता-पिता की काउंसिंलिंग का कार्य किया जा रहा है। विगत दिनों झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले तीन बच्चे कचहरी में बूट पॉलिस करते हुए मिले थे। उनके परिजनों को बुला कर उनसे बूट पॉलिस नहीं कराने की हिदायत दी गई थी।
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मुजफ्फरनगर। चाइल्ड हेल्प लाइन ने बीते एक वर्ष में 35 बच्चों को बालश्रम और भिक्षावृत्ति से मुक्त कराकर शिक्षा की राह दिखाई।
चाइल्ड हेल्प लाइन की पूनम शर्मा ने बताया कि बाल श्रम को रोकने के लिए वह लगातार अभियान चला रहे हैं। बाल श्रम में लगे 15 बच्चों को विभिन्न स्थानों से मुक्त करा चुके हैं। इन बच्चों को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। इनके अभिभावकों को बुलाकर उन्हें समझाया गया कि बच्चों के लिए शिक्षा महत्वपूर्ण है। सभी बच्चों की काउंसिलिंग की गई। इसी के साथ भिक्षावृत्ति में लगे 20 बच्चों को अब तक पकड़ चुके हैं। इन सभी बच्चों के माता-पिता को बुलाकर बताया गया कि बच्चों को पढ़ाई करना जरूरी है और इसके लिए सरकार खर्च उठा रही है। लगातार ऐसे बच्चों की और उनके माता-पिता की काउंसिंलिंग का कार्य किया जा रहा है। विगत दिनों झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले तीन बच्चे कचहरी में बूट पॉलिस करते हुए मिले थे। उनके परिजनों को बुला कर उनसे बूट पॉलिस नहीं कराने की हिदायत दी गई थी।