{"_id":"62322d6df7da9b2ef73e8b45","slug":"chehka-market-on-holi-returned-after-two-years-muzaffarnagar-news-mrt580792799","type":"story","status":"publish","title_hn":"होली पर चहका बाजार, दो साल बाद लौटी बहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
होली पर चहका बाजार, दो साल बाद लौटी बहार
विज्ञापन
रंगोत्सव: मुजफ्फरनगर में होली की खुशियां पूरे रंग में है, बैर-भाव भुला कर स्नेह और उल्लास से होली म
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर। दो साल से कोरोना संक्रमण के कारण सिमट गए बाजार पर एक बार फिर से बहार लौटी है। बाजार में होली के रंग खूब बिक रहे हैं। पिछले साल की तुलना में 15 से 20 प्रतिशत दाम अधिक हैं। व्यापारियों का कहना है कि बाजार में उछाल आया है। करीब आठ से 10 करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि हाथरस से रंग मंगाए जाते हैं। जिले में थोक विक्रेताओं की संख्या करीब 30 है, जिनके यहां से दुकानदार रंग और अन्य सामान ले जाते हैं। तेल और घी का मूल्य बढ़ने से गुझिया के भी पिछले सालों की तुलना में अधिक है।
मांग बढ़ी तो रंगों पर बढ़ी महंगाई
पिछले दो सालों के सापेक्ष इस बार होली पर गुलाल की मांग बढ़ी है। त्योहार नजदीक आते ही थोक की दुकानों पर रंगों की वैरायटी सिमटने लगी है। भगवती मार्केट के व्यापारी अमित कुमार का कहना है कि मुर्गा छाप गुलाल पिछले सालों में 140 रुपये प्रति किलो तक था, लेकिन इस बार 170 रुपये किलो तक बिका। तोता छाप रंग पिछले साल 120 रुपये प्रति किलो तक मिलता था, लेकिन इस बार 140 से 150 रुपये प्रति किलो तक बिक्री हुई।
बच्चों को खूब भाई पिचकारियां
उत्पाद कीमत
म्यूजिक पिचकारी 200-400 रुपये
टैंक पिचकारी 100-600 रुपये
वाटर गेम टैंक 200-300 रुपये
इन पर भी छाई महंगाई
फॉग, स्प्रे, गुब्बारे, अलग-अलग रंगों के बाल की बच्चों के बीच खूब मांग रही। बच्चों को पसंद आने वाले रंग-बिरंगे उत्पाद खूब महंगे बिक रहे हैं।
शहर से लेकर देहात तक बिक्री बढ़ी
रंगों की बिक्री शहर से लेकर देहात तक बढ़ गई है। लेकिन सदर बाजार भगवती मार्केट, गुदड़ी बाजार, दाल मंडी, नई मंडी समेत अन्य प्रमुख बाजार है। थोक के करीब 30 व्यापारी जिलेभर में है, जिनके यहां से रंग, पिचकारी और अन्य सामान की सप्लाई होती है।
विज्ञापन
योगी-मोदी छाए, बाहुबली का भी जादू
होली के बाजार में मोदी-योगी के फोटो लगी पिचकारियों और मुखोटों को लेकर उत्साह है। युवाओं और बच्चों ने खूब खरीदारी की। इसके अलावा बाहुबली फिल्म के पोस्टर लगी पिचकारियों को भी बच्चों ने खूब उत्साह से खरीदा।
खूब बढ़े गुझिया और मठरी के दाम
होली पर गुझिया की खूब बिक्री होती है। गुझिया का मूल्य 520 से 560 रुपये प्रति किलो है, जबकि पिछले साल मूल्य 480 से 520 रुपये प्रति किलो था। मठरी 220 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है, जबकि पिछले साल 188 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक्री हुई थी।
विज्ञापन
मांग बढ़ी तो रंगों पर बढ़ी महंगाई
पिछले दो सालों के सापेक्ष इस बार होली पर गुलाल की मांग बढ़ी है। त्योहार नजदीक आते ही थोक की दुकानों पर रंगों की वैरायटी सिमटने लगी है। भगवती मार्केट के व्यापारी अमित कुमार का कहना है कि मुर्गा छाप गुलाल पिछले सालों में 140 रुपये प्रति किलो तक था, लेकिन इस बार 170 रुपये किलो तक बिका। तोता छाप रंग पिछले साल 120 रुपये प्रति किलो तक मिलता था, लेकिन इस बार 140 से 150 रुपये प्रति किलो तक बिक्री हुई।
विज्ञापन
बच्चों को खूब भाई पिचकारियां
उत्पाद कीमत
म्यूजिक पिचकारी 200-400 रुपये
टैंक पिचकारी 100-600 रुपये
वाटर गेम टैंक 200-300 रुपये
इन पर भी छाई महंगाई
फॉग, स्प्रे, गुब्बारे, अलग-अलग रंगों के बाल की बच्चों के बीच खूब मांग रही। बच्चों को पसंद आने वाले रंग-बिरंगे उत्पाद खूब महंगे बिक रहे हैं।
शहर से लेकर देहात तक बिक्री बढ़ी
रंगों की बिक्री शहर से लेकर देहात तक बढ़ गई है। लेकिन सदर बाजार भगवती मार्केट, गुदड़ी बाजार, दाल मंडी, नई मंडी समेत अन्य प्रमुख बाजार है। थोक के करीब 30 व्यापारी जिलेभर में है, जिनके यहां से रंग, पिचकारी और अन्य सामान की सप्लाई होती है।
विज्ञापन
योगी-मोदी छाए, बाहुबली का भी जादू
होली के बाजार में मोदी-योगी के फोटो लगी पिचकारियों और मुखोटों को लेकर उत्साह है। युवाओं और बच्चों ने खूब खरीदारी की। इसके अलावा बाहुबली फिल्म के पोस्टर लगी पिचकारियों को भी बच्चों ने खूब उत्साह से खरीदा।
खूब बढ़े गुझिया और मठरी के दाम
होली पर गुझिया की खूब बिक्री होती है। गुझिया का मूल्य 520 से 560 रुपये प्रति किलो है, जबकि पिछले साल मूल्य 480 से 520 रुपये प्रति किलो था। मठरी 220 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है, जबकि पिछले साल 188 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक्री हुई थी।