फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Charthawal committee chairman got relief from the court

Muzaffarnagar News: अदालत से चरथावल समिति सभापति को मिली राहत

Tue, 22 Aug 2023 11:09 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 22 Aug 2023 11:09 PM IST
विज्ञापन
Charthawal committee chairman got relief from the court
संचालक और सभापति दोनों पदों का चुनाव निरस्त कराने का वाद खारिज
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी

चरथावल। चरथावल किसान सेवा सहकारी समिति के निर्वाचित संचालक और सभापति भूषण कुमार त्यागी के चुनाव को चुनौती देने का मध्यस्थ वाद न्यायालय उप जिलाधिकारी के पीठासीन अधिकारी परमानंद झा ने खारिज कर दिया है। विपक्षी / परिवादी द्वारा दाखिल की गई आपत्तियों को आधारहीन मानते हुए फैसला सुनाया। पक्ष में आदेश आने पर सभापति समर्थकों ने खुशी का इजहार किया।

चरथावल समिति के संचालक मंडल का चुनाव 18 मार्च को हुआ था। निर्वाचन क्षेत्र के वार्ड पांच से सभापति भूषण त्यागी और राजकुमार संचालक मंडल के चुनाव में आमने-सामने थे। इसमें संचालक भूषण कुमार को 166 और राजकुमार को 163 मत मिले थे। भूषण कुमार के संचालक चुने जाने के बाद 19 मार्च को वह निर्विरोध सभापति चुने गए थे।
विज्ञापन

परिवादी राजकुमार ने न्यायालय में चुनाव को अधिनियमों का उल्लंघन बताते हुए चुनाव निरस्त कराने की मध्यस्थ वाद दायर किया। निर्वाचन अधिकारी गौरव बालियान, समिति सचिव, संचालक और सभापति भूषण कुमार को पक्षकार बनाया। परिवाद में तर्क दिया कि चुनाव में 16 से अधिक मृत सदस्यों के मत डाले गए। उधर, चारों प्रतिवादी की ओर से तर्क रखा कि मतदाता सूची के अनंतिम प्रकाशन के बाद मृत सदस्यों के संबंध में कोई आपत्ति नहीं की गई। वार्ड पांच में कुल 427 मत थे। इनमें से वादी राजकुमार को 163, प्रतिवादी भूषण को 166 और 16 मत निरस्त हुए थे। 79 मतों का प्रयोग नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

वादी ने परिणाम घोषित होने से पूर्व दोबारा मतों की गिनती कराई थी। दोनों बार गिनती सही मिली। संचालक और सभापति के चुनाव नियमित प्रक्रिया के तहत अलग अलग तिथियों में संपन्न हुए। दोनों का एक साथ मध्यस्थ वाद (आरर्बीटेशन) पोषणीय नहीं है। वादी अथवा उनके एजेंट द्वारा मृतकों के फर्जी मतदान के संबंध में कोई आपत्ति निर्वाचन अधिकारी के समक्ष नहीं की गई।


आधारहीन तथ्यों पर वादी की अर्जी खारिज
न्यायालय उप जिलाधिकारी ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आदेश में कहा कि चुनाव में फर्जी मतदान के संबंध में वादी द्वारा कोई साक्ष्य पत्रावली पर दाखिल नहीं किया गया। संचालक और सभापति का चुनाव अलग-अलग तिथियों में हुआ। एक ही वाद पत्र में दोनों को चुनौती देना त्रुटिपूर्ण मानते हुए अर्जी खारिज कर दी। निर्णय आने पर चेयरमैन समर्थक पूर्व सभापति कुबेर दत्त त्यागी, रमेश चंद, विनेश त्यागी, अमरीश त्यागी आदि ने सत्य की जीत बताते हुए खुशी जाहिर की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed