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Muzaffarnagar News: अदालत से चरथावल समिति सभापति को मिली राहत
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संचालक और सभापति दोनों पदों का चुनाव निरस्त कराने का वाद खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी
चरथावल। चरथावल किसान सेवा सहकारी समिति के निर्वाचित संचालक और सभापति भूषण कुमार त्यागी के चुनाव को चुनौती देने का मध्यस्थ वाद न्यायालय उप जिलाधिकारी के पीठासीन अधिकारी परमानंद झा ने खारिज कर दिया है। विपक्षी / परिवादी द्वारा दाखिल की गई आपत्तियों को आधारहीन मानते हुए फैसला सुनाया। पक्ष में आदेश आने पर सभापति समर्थकों ने खुशी का इजहार किया।
चरथावल समिति के संचालक मंडल का चुनाव 18 मार्च को हुआ था। निर्वाचन क्षेत्र के वार्ड पांच से सभापति भूषण त्यागी और राजकुमार संचालक मंडल के चुनाव में आमने-सामने थे। इसमें संचालक भूषण कुमार को 166 और राजकुमार को 163 मत मिले थे। भूषण कुमार के संचालक चुने जाने के बाद 19 मार्च को वह निर्विरोध सभापति चुने गए थे।
परिवादी राजकुमार ने न्यायालय में चुनाव को अधिनियमों का उल्लंघन बताते हुए चुनाव निरस्त कराने की मध्यस्थ वाद दायर किया। निर्वाचन अधिकारी गौरव बालियान, समिति सचिव, संचालक और सभापति भूषण कुमार को पक्षकार बनाया। परिवाद में तर्क दिया कि चुनाव में 16 से अधिक मृत सदस्यों के मत डाले गए। उधर, चारों प्रतिवादी की ओर से तर्क रखा कि मतदाता सूची के अनंतिम प्रकाशन के बाद मृत सदस्यों के संबंध में कोई आपत्ति नहीं की गई। वार्ड पांच में कुल 427 मत थे। इनमें से वादी राजकुमार को 163, प्रतिवादी भूषण को 166 और 16 मत निरस्त हुए थे। 79 मतों का प्रयोग नहीं हुआ।
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वादी ने परिणाम घोषित होने से पूर्व दोबारा मतों की गिनती कराई थी। दोनों बार गिनती सही मिली। संचालक और सभापति के चुनाव नियमित प्रक्रिया के तहत अलग अलग तिथियों में संपन्न हुए। दोनों का एक साथ मध्यस्थ वाद (आरर्बीटेशन) पोषणीय नहीं है। वादी अथवा उनके एजेंट द्वारा मृतकों के फर्जी मतदान के संबंध में कोई आपत्ति निर्वाचन अधिकारी के समक्ष नहीं की गई।
आधारहीन तथ्यों पर वादी की अर्जी खारिज
न्यायालय उप जिलाधिकारी ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आदेश में कहा कि चुनाव में फर्जी मतदान के संबंध में वादी द्वारा कोई साक्ष्य पत्रावली पर दाखिल नहीं किया गया। संचालक और सभापति का चुनाव अलग-अलग तिथियों में हुआ। एक ही वाद पत्र में दोनों को चुनौती देना त्रुटिपूर्ण मानते हुए अर्जी खारिज कर दी। निर्णय आने पर चेयरमैन समर्थक पूर्व सभापति कुबेर दत्त त्यागी, रमेश चंद, विनेश त्यागी, अमरीश त्यागी आदि ने सत्य की जीत बताते हुए खुशी जाहिर की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरथावल। चरथावल किसान सेवा सहकारी समिति के निर्वाचित संचालक और सभापति भूषण कुमार त्यागी के चुनाव को चुनौती देने का मध्यस्थ वाद न्यायालय उप जिलाधिकारी के पीठासीन अधिकारी परमानंद झा ने खारिज कर दिया है। विपक्षी / परिवादी द्वारा दाखिल की गई आपत्तियों को आधारहीन मानते हुए फैसला सुनाया। पक्ष में आदेश आने पर सभापति समर्थकों ने खुशी का इजहार किया।
चरथावल समिति के संचालक मंडल का चुनाव 18 मार्च को हुआ था। निर्वाचन क्षेत्र के वार्ड पांच से सभापति भूषण त्यागी और राजकुमार संचालक मंडल के चुनाव में आमने-सामने थे। इसमें संचालक भूषण कुमार को 166 और राजकुमार को 163 मत मिले थे। भूषण कुमार के संचालक चुने जाने के बाद 19 मार्च को वह निर्विरोध सभापति चुने गए थे।
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परिवादी राजकुमार ने न्यायालय में चुनाव को अधिनियमों का उल्लंघन बताते हुए चुनाव निरस्त कराने की मध्यस्थ वाद दायर किया। निर्वाचन अधिकारी गौरव बालियान, समिति सचिव, संचालक और सभापति भूषण कुमार को पक्षकार बनाया। परिवाद में तर्क दिया कि चुनाव में 16 से अधिक मृत सदस्यों के मत डाले गए। उधर, चारों प्रतिवादी की ओर से तर्क रखा कि मतदाता सूची के अनंतिम प्रकाशन के बाद मृत सदस्यों के संबंध में कोई आपत्ति नहीं की गई। वार्ड पांच में कुल 427 मत थे। इनमें से वादी राजकुमार को 163, प्रतिवादी भूषण को 166 और 16 मत निरस्त हुए थे। 79 मतों का प्रयोग नहीं हुआ।
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वादी ने परिणाम घोषित होने से पूर्व दोबारा मतों की गिनती कराई थी। दोनों बार गिनती सही मिली। संचालक और सभापति के चुनाव नियमित प्रक्रिया के तहत अलग अलग तिथियों में संपन्न हुए। दोनों का एक साथ मध्यस्थ वाद (आरर्बीटेशन) पोषणीय नहीं है। वादी अथवा उनके एजेंट द्वारा मृतकों के फर्जी मतदान के संबंध में कोई आपत्ति निर्वाचन अधिकारी के समक्ष नहीं की गई।
आधारहीन तथ्यों पर वादी की अर्जी खारिज
न्यायालय उप जिलाधिकारी ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आदेश में कहा कि चुनाव में फर्जी मतदान के संबंध में वादी द्वारा कोई साक्ष्य पत्रावली पर दाखिल नहीं किया गया। संचालक और सभापति का चुनाव अलग-अलग तिथियों में हुआ। एक ही वाद पत्र में दोनों को चुनौती देना त्रुटिपूर्ण मानते हुए अर्जी खारिज कर दी। निर्णय आने पर चेयरमैन समर्थक पूर्व सभापति कुबेर दत्त त्यागी, रमेश चंद, विनेश त्यागी, अमरीश त्यागी आदि ने सत्य की जीत बताते हुए खुशी जाहिर की है।