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Muzaffarnagar News: चेयरपर्सन ने तलब की 68 लाख के जुर्माने की फाइल

Sat, 21 Sep 2024 05:43 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 21 Sep 2024 05:43 AM IST
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Chairperson summoned the file of fine of 68 lakhsChairperson summoned the file of fine of 68 lakhs
संवाद न्यूज एजेंसी
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मुजफ्फरनगर। साॅलिड वेस्ट का निस्तारण न होने और ट्रीटमेंट किए बिना गंदा पानी काली नदी में बहाने पर एनजीटी ने पालिका पर 68 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने विभागीय अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर करते हुए जुर्माने की फाइल तलब की है। इस मामले मेंं सुनवाई के लिए एनजीटी ने 23 सितंबर की तारीख निर्धारित की है।
शहर के किदवईनगर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए प्लांट लगाया गया था। लेकिन पालिका अधिकारियों की लापरवाही के चलते वह बंद हो गया। अधिवक्ता फराह खान ने विभिन्न बिन्दुओं पर एनजीटी में पालिका के खिलाफ वाद दायर किया था। जिसमें किदवईनगर स्थित प्लांट पर करीब 5.5 लाख मीट्रिक टन लिगेसी वेस्ट का निस्तारण न होने, शहर में 15 स्थानों पर नियमों के खिलाफ कूड़ा डलाव घरों का निर्माण कराये जाने और सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का संचालन नहीं कराये जाने और बिना ट्रीटमेंट ही शहर का ड्रेन काली नदी में छोड़े जाने के आरोप लगाए गए।
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चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह से भी मामले की पूरी जानकारी ली और प्रकरण से संबंधित सभी पत्रावलियों को तलब करने का आदेश दिया। लेकिन अभी उन्हें पत्रावलियां उपलब्ध नहीं कराई गईं।
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ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह का कहना है कि वाद में पैरवी करने के लिए कहा था, लेकिन इसमें लापरवाही बरती गई।
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यह बनाई जानी थी व्यवस्था
शहर के ड्रेनेज के लिए प्रमुख आठ बड़े नालों को एक स्थान पर जोड़कर उनके ड्रेन को एसटीपी के माध्यम से ट्रीटमेंट करने के उपरांत ही काली नदी तक पहुंचाने का कार्य किया जाना था। इसमें प्रशासक के समय जलकल विभाग ने टैण्डर निकाले और वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिया गया, लेकिन धरातल पर काम नहीं हुआ। आज भी ये आठ नाले जोड़े नहीं गए और इनका गंदा व दूषित ड्रेन सीधा काली नदी में जा रहा है।
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