{"_id":"565e9d5f16e2d6a03b3a50a5524a854c","slug":"chairman-of-the-crown-who-decide-today-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अध्यक्ष का ताज किसको, फैसला आज ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अध्यक्ष का ताज किसको, फैसला आज
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 07 Jan 2016 12:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में ऐन वक्त पर भी तस्वीर साफ नहीं हो सकी है। भाजपा और सपा ने अपनी-अपनी जीत के दावे कर रखे हैं, लेकिन हकीकत आज सामने आएगी। एससी महिला के लिए आरक्षित अध्यक्ष पद पर सपा से पूर्व मंत्री उमा किरण और भाजपा से आंचल तोमर में से एक को ही निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य अपना अध्यक्ष चुनेंगे।
अध्यक्ष का ताज किसके सिर सजेगा, आज फैसला हो जाएगा। सियासी तजुर्बे के लिहाज से भाजपा प्रत्याशी आंचल तोमर नया चेहरा हैं। सदर ब्लाक के गांव मखियाली के अर्जुन तोमर की पत्नी आंचल की जीत भाजपा, रालोद और भाकियू के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है। वहीं, सपा की अनुभवी प्रत्याशी उमाकिरण की जीत के लिए आखिरी समय पर सपा के कद्दावर नेताओं ने जीत का चक्रव्यूह रचा है। चरथावल से वर्ष 2002 में बसपा की एमएलए रही उमा किरण प्रदेश में समाज कल्याण राज्यमंत्री भी रह चुकी हैं। चरथावल के मोहल्ला हलावाईयान निवासी स्वास्थ्य विभाग में सहायक अभियंता ऋषिपाल की पत्नी उमा किरण की सफलता के लिए सपा हाईकमान ने पार्टी नेताओं को एकजुटता के साथ चुनाव फतह करने की हिदायत दी है।
जीत के लिए भाजपा और सपा के अपने-अपने दावे हैं, लेकिन मतपेटी के खुलने के बाद ही पंचायत की नई अध्यक्षा का नाम सामने आएगा। चुनाव परिणाम से जहां सपा और भाजपा के नेताओं का पार्टी में कद तय होगा, वहीं शहरी विधानसभा सीट पर उपचुनाव की दिशा भी संकेत दे देगी। डेढ़ साल बाद विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भी चुनावी जंग में खड़ी भाजपा और सपा जीत का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती हैं।
विज्ञापन
वोटों का जातीय गणित ः 43 निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों को अपने मतों से अध्यक्ष का चुनाव करना है। जातीय आंकड़ों के लिहाज से ज्यादा मुस्लिम वोट हैं, जिनकी संख्या 13 है। जाट 11, ब्राह्मण 4, सैनी 3, गुर्जर 3, ठाकुर 3, पाल 2, दलित 2, कश्यप एक और त्यागी एक है। पहली बार कोई दलित जिला पंचायत अध्यक्ष बनेगा। एससी सीट पर जीते पांच दलित सदस्य ऐसे हैं, जिन्होंने अन्य जातियों में शादी की है।
पहले चार महिलाएं बन चुकी हैं अध्यक्ष ः जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर महिलाओं का दबदबा रहा है। बीते दो दशक में सुधा मलिक, रमा नागर, सुदेश मलिक और इंतखाब राना अध्यक्ष पद का दायित्व निभा चुकी हैं। जातीय दृष्टि से देखें तो जाट, गुर्जर और मुस्लिम राजनीतिज्ञों के हिस्से में ही पंचायत का सबसे बड़ा ओहदा रहा है। रालोद ने दो योजना वर्चस्व रखा। पहले तरसपाल मलिक और बाद में उनकी पत्नी सुदेशा मलिक का कब्जा रहा।
कलक्ट्रेट कर्मियों की रहेगी छुट्टी ः बृहस्पतिवार को चुनाव की वजह से कलक्ट्रेट स्थित कार्यालय और न्यायालयों में अवकाश घोषित किया गया है। डीएम के आदेश पर मतदान एवं मतगणना कार्य को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए बृहस्पतिवार को छुट्टी रखी गई है।
कोर्ट रोड पर नहीं चल पाएंगे वाहन ः चुनाव प्रक्रिया के दौरान शहर में ट्रैफिक रूट में तब्दीली की गई है। एसपी ट्रैफिक विनोद पांडेय ने बताया कि रोडवेज की बसों का आवागमन केवल एसडी पब्लिक स्कूल तिराहे तक रहेगा। भोपा रोड से बसें जाएंगी। प्रकाश चौक से झांसी रानी चौक तक की कोर्ट रोड पर वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित किया गया है। मतदान में भाग लेने वाले पंचायत सदस्यों के वाहनों की पार्किंग नगर पालिका परिसर और प्रकाश मार्केट के सामने रहेगी। एडीएम (प्रशासन) मनोज कुमार चौहान ने कहा जिला पंचायत चुनाव के मद्देनजर सात जनवरी को मतगणना तक धारा 144 लागू रहेगी।
विज्ञापन
अध्यक्ष का ताज किसके सिर सजेगा, आज फैसला हो जाएगा। सियासी तजुर्बे के लिहाज से भाजपा प्रत्याशी आंचल तोमर नया चेहरा हैं। सदर ब्लाक के गांव मखियाली के अर्जुन तोमर की पत्नी आंचल की जीत भाजपा, रालोद और भाकियू के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है। वहीं, सपा की अनुभवी प्रत्याशी उमाकिरण की जीत के लिए आखिरी समय पर सपा के कद्दावर नेताओं ने जीत का चक्रव्यूह रचा है। चरथावल से वर्ष 2002 में बसपा की एमएलए रही उमा किरण प्रदेश में समाज कल्याण राज्यमंत्री भी रह चुकी हैं। चरथावल के मोहल्ला हलावाईयान निवासी स्वास्थ्य विभाग में सहायक अभियंता ऋषिपाल की पत्नी उमा किरण की सफलता के लिए सपा हाईकमान ने पार्टी नेताओं को एकजुटता के साथ चुनाव फतह करने की हिदायत दी है।
विज्ञापन
जीत के लिए भाजपा और सपा के अपने-अपने दावे हैं, लेकिन मतपेटी के खुलने के बाद ही पंचायत की नई अध्यक्षा का नाम सामने आएगा। चुनाव परिणाम से जहां सपा और भाजपा के नेताओं का पार्टी में कद तय होगा, वहीं शहरी विधानसभा सीट पर उपचुनाव की दिशा भी संकेत दे देगी। डेढ़ साल बाद विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भी चुनावी जंग में खड़ी भाजपा और सपा जीत का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती हैं।
विज्ञापन
वोटों का जातीय गणित ः 43 निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों को अपने मतों से अध्यक्ष का चुनाव करना है। जातीय आंकड़ों के लिहाज से ज्यादा मुस्लिम वोट हैं, जिनकी संख्या 13 है। जाट 11, ब्राह्मण 4, सैनी 3, गुर्जर 3, ठाकुर 3, पाल 2, दलित 2, कश्यप एक और त्यागी एक है। पहली बार कोई दलित जिला पंचायत अध्यक्ष बनेगा। एससी सीट पर जीते पांच दलित सदस्य ऐसे हैं, जिन्होंने अन्य जातियों में शादी की है।
पहले चार महिलाएं बन चुकी हैं अध्यक्ष ः जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर महिलाओं का दबदबा रहा है। बीते दो दशक में सुधा मलिक, रमा नागर, सुदेश मलिक और इंतखाब राना अध्यक्ष पद का दायित्व निभा चुकी हैं। जातीय दृष्टि से देखें तो जाट, गुर्जर और मुस्लिम राजनीतिज्ञों के हिस्से में ही पंचायत का सबसे बड़ा ओहदा रहा है। रालोद ने दो योजना वर्चस्व रखा। पहले तरसपाल मलिक और बाद में उनकी पत्नी सुदेशा मलिक का कब्जा रहा।
कलक्ट्रेट कर्मियों की रहेगी छुट्टी ः बृहस्पतिवार को चुनाव की वजह से कलक्ट्रेट स्थित कार्यालय और न्यायालयों में अवकाश घोषित किया गया है। डीएम के आदेश पर मतदान एवं मतगणना कार्य को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए बृहस्पतिवार को छुट्टी रखी गई है।
कोर्ट रोड पर नहीं चल पाएंगे वाहन ः चुनाव प्रक्रिया के दौरान शहर में ट्रैफिक रूट में तब्दीली की गई है। एसपी ट्रैफिक विनोद पांडेय ने बताया कि रोडवेज की बसों का आवागमन केवल एसडी पब्लिक स्कूल तिराहे तक रहेगा। भोपा रोड से बसें जाएंगी। प्रकाश चौक से झांसी रानी चौक तक की कोर्ट रोड पर वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित किया गया है। मतदान में भाग लेने वाले पंचायत सदस्यों के वाहनों की पार्किंग नगर पालिका परिसर और प्रकाश मार्केट के सामने रहेगी। एडीएम (प्रशासन) मनोज कुमार चौहान ने कहा जिला पंचायत चुनाव के मद्देनजर सात जनवरी को मतगणना तक धारा 144 लागू रहेगी।