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Muzaffarnagar News: गाय अभयारण्य के लिए जमीन की श्रेणी की अड़चन समाप्त
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डीएम ने प्रमुख सचिव को लिखा पत्र, जमीन पर हो सकेगा निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। पुरकाजी ब्लाक के गांव चंदन में प्रस्तावित गाय अभयारण्य की जमीन की श्रेणी को लेकर लगी आपत्ति का निस्तारण हो गया है। डीएम ने एसडीएम से जांच कराने के बाद आपत्ति का निस्तारण करते हुए प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि इस जमीन पर अब निर्माण किया जा सकता है।
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान केंद्रीय पशुपालन मंत्रालय के सहयोग से चंदन गांव में गाय अभयारण्य का निर्माण करा रहे है। इस गाय अभयारण्य में एक साथ पांच हजार गाय रह सकेगी। इसे लेकर शासन से यह आपत्ति लगाई गई थी कि यह जमीन 6(1) श्रेणी की खोला, झील की भूमि है। शासन की आपत्ति के बाद जमीन की जांच एसडीएम सदर परमानंद झा ने की। जांच में पाया गया कि श्रेणी 6(1) त्रुटिपूण दर्ज थी। इस त्रुटि को दूर करते हुए जमीन को श्रेणी 6(4) में दर्ज कर दिया गया है।
डीएम सीबी सिंह ने प्रमुख सचिव को लिखे पत्र में कहा है कि अब यह भूमि आरक्षित श्रेणी की नहीं रही है। अब गाय अभयारण्य का निर्माण करने के लिए कोई विधिक बाधा नहीं है। गाय अभयारण्य को पशुपालन विभाग द्वारा ग्राम पंचायत या एनजीओ को अन्य गोआश्रय स्थल के समान ही संचालित किया जाएगा। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान ने बताया कि गाय अभयारण्य के लिए अब जल्द ही टेंडर होगा। पशुपालन विभाग इसके लिए पैसा स्वीकृत कर चुका है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। पुरकाजी ब्लाक के गांव चंदन में प्रस्तावित गाय अभयारण्य की जमीन की श्रेणी को लेकर लगी आपत्ति का निस्तारण हो गया है। डीएम ने एसडीएम से जांच कराने के बाद आपत्ति का निस्तारण करते हुए प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि इस जमीन पर अब निर्माण किया जा सकता है।
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान केंद्रीय पशुपालन मंत्रालय के सहयोग से चंदन गांव में गाय अभयारण्य का निर्माण करा रहे है। इस गाय अभयारण्य में एक साथ पांच हजार गाय रह सकेगी। इसे लेकर शासन से यह आपत्ति लगाई गई थी कि यह जमीन 6(1) श्रेणी की खोला, झील की भूमि है। शासन की आपत्ति के बाद जमीन की जांच एसडीएम सदर परमानंद झा ने की। जांच में पाया गया कि श्रेणी 6(1) त्रुटिपूण दर्ज थी। इस त्रुटि को दूर करते हुए जमीन को श्रेणी 6(4) में दर्ज कर दिया गया है।
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डीएम सीबी सिंह ने प्रमुख सचिव को लिखे पत्र में कहा है कि अब यह भूमि आरक्षित श्रेणी की नहीं रही है। अब गाय अभयारण्य का निर्माण करने के लिए कोई विधिक बाधा नहीं है। गाय अभयारण्य को पशुपालन विभाग द्वारा ग्राम पंचायत या एनजीओ को अन्य गोआश्रय स्थल के समान ही संचालित किया जाएगा। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान ने बताया कि गाय अभयारण्य के लिए अब जल्द ही टेंडर होगा। पशुपालन विभाग इसके लिए पैसा स्वीकृत कर चुका है।
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